दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का बड़ा अभियान: 37,959 चालान, 572 बसें जब्त — कमर्शियल गाड़ियों पर शिकंजा
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की सेंट्रल रेंज ने 4 सितंबर 2026 तक चले एक व्यापक प्रवर्तन अभियान में टैक्सी, प्राइवेट बसें और चार्टर्ड बसों सहित तमाम कमर्शियल पैसेंजर गाड़ियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। 31 अगस्त तक चली नियमित कार्रवाई में कुल 37,959 चालान काटे गए और 572 बसें जब्त की गईं। यह अभियान ट्रैफिक नियमों के अनुपालन, परमिट शर्तों की पाबंदी और सड़क सुरक्षा को मज़बूत करने के उद्देश्य से चलाया गया।
मुख्य घटनाक्रम: चालान और जब्ती के आँकड़े
सेंट्रल रेंज द्वारा 31 अगस्त तक की गई नियमित कार्रवाई में 37,959 चालान काटे गए। इनमें से 24,833 चालान गलत या अनधिकृत पार्किंग के लिए और 13,126 चालान परमिट से जुड़े उल्लंघनों के लिए थे। इसके अलावा, परमिट शर्तों के गंभीर उल्लंघन पर 572 बसें जब्त की गईं।
तीन दिवसीय विशेष अभियान
पिछले तीन दिनों में व्यस्त मुख्य सड़कों, बाज़ार क्षेत्रों, ट्रांजिट कॉरिडोर और अत्यधिक भीड़-भाड़ वाले इलाकों में सख्ती और बढ़ाई गई। इस विशेष अभियान में 847 चालान काटे गए — जिनमें 487 गलत पार्किंग के लिए और 360 परमिट उल्लंघन के लिए थे। साथ ही परमिट शर्तों के गंभीर उल्लंघन पर अतिरिक्त 47 बसें जब्त की गईं।
गौरतलब है कि यह तीन दिवसीय अभियान सेंट्रल रेंज द्वारा लगातार चलाए जा रहे व्यापक प्रवर्तन कार्यक्रम का ही एक हिस्सा है, न कि कोई एकमुश्त कार्रवाई।
कहाँ और कैसे हुई तैनाती
खास ट्रैफिक टीमें चुनिंदा और अहम स्थानों पर तैनात की गईं, जहाँ कमर्शियल गाड़ियों के उल्लंघन का ट्रैफिक प्रवाह और सड़क सुरक्षा पर सबसे अधिक प्रतिकूल असर देखा गया। अनधिकृत पार्किंग और परमिट शर्तों का उल्लंघन करके चल रही गाड़ियों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। ड्राइवरों और ऑपरेटरों को परमिट शर्तों के कड़े पालन और लागू ट्रैफिक नियमों के अनुपालन के प्रति जागरूक भी किया गया।
आम जनता और यात्रियों पर असर
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शहर के परिवहन तंत्र में टैक्सियों, बसों और अन्य कमर्शियल गाड़ियों की भूमिका को नकारा नहीं जाता, लेकिन यात्रियों और अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार संचालन अनिवार्य है। यह ऐसे समय में आया है जब राजधानी में ट्रैफिक अनुशासन और सड़क सुरक्षा लगातार चिंता का विषय बनी हुई है।
क्या होगा आगे
कमर्शियल पैसेंजर गाड़ियों के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। जिन स्थानों पर बार-बार नियम उल्लंघन दर्ज किए गए हैं या जहाँ ऐसे उल्लंघनों का ट्रैफिक और सड़क सुरक्षा पर सबसे अधिक असर पड़ता है, वहाँ सघन जाँच और सख्त कार्रवाई की जाएगी।