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12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के बाद ईरानी प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली से तेहरान रवाना

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12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के बाद ईरानी प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली से तेहरान रवाना

सारांश

नई दिल्ली में दो दिवसीय 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच की सफल समाप्ति के बाद ईरानी प्रतिनिधिमंडल स्वदेश लौटा। संयुक्त घोषणा-पत्र अंगीकृत हुआ और भारत ने 2027 के लिए अध्यक्षता चीन को सौंपी — ग्लोबल साउथ की आवाज़ को मज़बूत करने की दिशा में एक और कदम।

मुख्य बातें

ईरानी संसदीय प्रतिनिधिमंडल 28 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली से तेहरान रवाना हुआ।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व डॉ.
अहमद नादेरी (ईरान की इस्लामिक कंसल्टेटिव असेंबली के प्रेसिडियम सदस्य) ने किया।
ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ 'अप्रत्याशित परिस्थितियों' के कारण सम्मेलन में नहीं आ सके।
12वाँ ब्रिक्स संसदीय मंच नई दिल्ली के संविधान सदन में संयुक्त घोषणा-पत्र के साथ संपन्न हुआ।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 2027 के लिए ब्रिक्स संसदीय अध्यक्षता चीन को सौंपी।

नई दिल्ली में आयोजित 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच में भाग लेने के बाद इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का संसदीय प्रतिनिधिमंडल 28 अक्टूबर 2026 को स्वदेश लौट गया। लोकसभा सदस्य प्रवीण खंडेलवाल ने प्रतिनिधिमंडल को विदाई दी। भारत स्थित ईरानी दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर तस्वीरें साझा करते हुए इसकी पुष्टि की।

प्रतिनिधिमंडल की संरचना

ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ईरान की इस्लामिक कंसल्टेटिव असेंबली के प्रेसिडियम सदस्य डॉ. अहमद नादेरी ने किया। उनके साथ अब्बास मोग्तदाई खौरसगानी (भारत-ईरान संसदीय मैत्री समूह के प्रमुख एवं राष्ट्रीय सुरक्षा व विदेश नीति समिति के उपाध्यक्ष) और अली हदादी (भारत-ईरान संसदीय मैत्री समूह के प्रथम उपाध्यक्ष एवं उद्योग व खान समिति के प्रमुख) भी शामिल रहे।

गौरतलब है कि मूल रूप से ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ इस सम्मेलन में भाग लेने वाले थे, किंतु 24 अक्टूबर को दूतावास द्वारा जारी बयान के अनुसार 'अप्रत्याशित परिस्थितियों' के चलते वे नहीं आ सके और उनके स्थान पर यह प्रतिनिधिमंडल भेजा गया।

सम्मेलन की मुख्य उपलब्धियाँ

भारत की अध्यक्षता में आयोजित दो दिवसीय 12वाँ ब्रिक्स संसदीय मंच, नई दिल्ली के संसद भवन परिसर स्थित संविधान सदन में सम्पन्न हुआ। सम्मेलन का समापन एक संयुक्त घोषणा-पत्र के अंगीकरण के साथ हुआ। इसमें वैश्विक शासन व्यवस्था में ग्लोबल साउथ की भागीदारी बढ़ाने, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार, आतंकवाद पर कठोर रुख, डिजिटल तकनीक के जिम्मेदार उपयोग और सतत विकास पर सदस्य देशों की साझा प्रतिबद्धता सामने आई।

लोकसभा अध्यक्ष का संबोधन

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने समापन सत्र में कहा, 'वैश्विक चुनौतियों का स्थायी समाधान युद्ध और संघर्ष में नहीं, बल्कि संवाद, शांति और सहयोग में निहित है।' उन्होंने आगे कहा कि दुनिया इस समय क्षेत्रीय संघर्षों, आर्थिक अनिश्चितता, व्यापारिक तनाव, आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है, जिनका प्रभाव किसी एक देश तक सीमित नहीं है।

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर बहुपक्षीय संस्थाओं की प्रासंगिकता पर बहस तेज है और ब्रिक्स जैसे मंच ग्लोबल साउथ की आवाज़ बनने की कोशिश कर रहे हैं।

अध्यक्षता का हस्तांतरण

सम्मेलन के समापन पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने वर्ष 2027 के लिए ब्रिक्स संसदीय मंच की अध्यक्षता औपचारिक रूप से चीन को सौंप दी। यह हस्तांतरण ब्रिक्स के विस्तारित स्वरूप में सदस्य देशों के बीच संसदीय कूटनीति को और मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

भारत-ईरान के बीच संसदीय मैत्री समूह की सक्रिय उपस्थिति इस बात का संकेत देती है कि दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊर्जा देने के प्रयास में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ये वही बिंदु हैं जो पिछले कई ब्रिक्स सम्मेलनों में भी उठते रहे हैं — ठोस क्रियान्वयन के बिना। अध्यक्षता चीन को सौंपना यह भी बताता है कि 2027 में ब्रिक्स संसदीय एजेंडे की दिशा बीजिंग के हाथ में होगी, जो भारत के रणनीतिक हितों के नज़रिये से सावधानीपूर्वक देखने वाला पहलू है।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

12वाँ ब्रिक्स संसदीय मंच कहाँ और कब आयोजित हुआ?
12वाँ ब्रिक्स संसदीय मंच नई दिल्ली के संसद भवन परिसर स्थित संविधान सदन में भारत की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। यह दो दिवसीय सम्मेलन संयुक्त घोषणा-पत्र अंगीकृत किए जाने के साथ संपन्न हुआ।
ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किसने किया?
ईरानी संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ईरान की इस्लामिक कंसल्टेटिव असेंबली के प्रेसिडियम सदस्य डॉ. अहमद नादेरी ने किया। उनके साथ अब्बास मोग्तदाई खौरसगानी और अली हदादी भी शामिल थे।
ईरानी संसद अध्यक्ष गालिबाफ सम्मेलन में क्यों नहीं आए?
दूतावास के 24 अक्टूबर के बयान के अनुसार 'अप्रत्याशित परिस्थितियों' के कारण ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ नहीं आ सके। उनके स्थान पर एक वरिष्ठ संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया।
12वें ब्रिक्स संसदीय मंच में किन मुद्दों पर सहमति बनी?
सम्मेलन में ग्लोबल साउथ की वैश्विक शासन में भागीदारी, UNSC सुधार, आतंकवाद पर कठोर रुख, डिजिटल तकनीक के जिम्मेदार उपयोग और सतत विकास पर साझा प्रतिबद्धता सामने आई। इन बिंदुओं को संयुक्त घोषणा-पत्र में शामिल किया गया।
2027 के ब्रिक्स संसदीय मंच की अध्यक्षता किसे मिली?
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सम्मेलन के समापन पर वर्ष 2027 के ब्रिक्स संसदीय मंच की अध्यक्षता चीन को सौंपी। यह ब्रिक्स की परंपरा के अनुरूप रोटेशन के आधार पर हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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