24 जुलाई 2026
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ब्रिक्स डीआरआर बैठक: ईरानी गृह मंत्री डॉ. एस्कंदर मोमेनी नई दिल्ली पहुंचे, 24 जुलाई को होगी मंत्रिस्तरीय चर्चा

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ब्रिक्स डीआरआर बैठक: ईरानी गृह मंत्री डॉ. एस्कंदर मोमेनी नई दिल्ली पहुंचे, 24 जुलाई को होगी मंत्रिस्तरीय चर्चा

सारांश

भारत की 2026 ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत नई दिल्ली में 24 जुलाई को आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर अहम मंत्रिस्तरीय बैठक हो रही है। ईरानी गृह मंत्री डॉ. मोमेनी सहित दस ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं — 2016 उदयपुर घोषणा-पत्र से शुरू हुई इस सहयोग यात्रा का यह अहम पड़ाव है।

मुख्य बातें

ईरान के गृह मंत्री डॉ.
एस्कंदर मोमेनी 23 जुलाई 2026 की शाम नई दिल्ली पहुंचे।
24 जुलाई को एनडीएमए द्वारा आयोजित ब्रिक्स डीआरआर मंत्रिस्तरीय बैठक में डॉ.
मोमेनी संबोधन देंगे।
बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय करेंगे।
ब्रिक्स के 10 सदस्य देशों के मंत्री और प्रतिनिधिमंडल प्रमुख बैठक में भाग ले रहे हैं।
मोमेनी कई ब्रिक्स देशों के मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे — एजेंडे में आतंकवाद, सीमा सुरक्षा और आपदा प्रबंधन शामिल।
ब्रिक्स डीआरआर सहयोग की शुरुआत 2016 उदयपुर घोषणा-पत्र से हुई; 2025–2028 कार्य योजना 2024 कजान घोषणा-पत्र में स्वीकृत हुई।

ईरान के इस्लामी गणराज्य के गृह मंत्री डॉ. एस्कंदर मोमेनी गुरुवार, 23 जुलाई 2026 की शाम नई दिल्ली पहुंचे। वह 24 जुलाई को आयोजित होने वाली ब्रिक्स डिजास्टर रिस्क रिडक्शन (डीआरआर) मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेने और डीआरआर विषय पर अपना पक्ष रखने के लिए भारत आए हैं। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनका स्वागत भारतीय गृह मंत्रालय के महानिदेशक ने किया।

बैठक का उद्देश्य और आयोजन

भारत की 2026 ब्रिक्स अध्यक्षता के अंतर्गत, गृह मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) यह मंत्रिस्तरीय बैठक नई दिल्ली में आयोजित कर रहा है। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय करेंगे। यह बैठक 'लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण' विषय पर केंद्रित है।

इस बैठक में ब्रिक्स के दस सदस्य देशों के मंत्री और प्रतिनिधिमंडल प्रमुख हिस्सा ले रहे हैं। यह पूरे वर्ष चली तकनीकी चर्चाओं और सदस्य देशों के बीच सहमति निर्माण की प्रक्रिया का समापन बिंदु है।

डॉ. मोमेनी का एजेंडा

भारत स्थित ईरानी दूतावास ने एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि डॉ. मोमेनी मंत्रिस्तरीय बैठक में संबोधन देने के अलावा ब्रिक्स सदस्य देशों के कई मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। इन बैठकों में आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद से मुकाबला, संगठित अपराध की रोकथाम, आपदा प्रबंधन, कानून व्यवस्था और सीमा सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में बहुपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर विचार-विमर्श होगा।

ब्रिक्स डीआरआर सहयोग की पृष्ठभूमि

ब्रिक्स देशों के बीच आपदा जोखिम न्यूनीकरण सहयोग की नींव 2016 के उदयपुर घोषणा-पत्र से रखी गई थी, जिसमें आपदा प्रबंधन के लिए एक संयुक्त कार्यबल बनाने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद 2024 के कजान घोषणा-पत्र में ब्रिक्स डिजास्टर रिस्क रिडक्शन ग्रुप (डीआरआरजी) को औपचारिक स्वरूप दिया गया और 2025–2028 के लिए ब्रिक्स डीआरआर कार्य योजना को मंजूरी दी गई।

गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब प्राकृतिक और मानव-जनित आपदाओं को सतत विकास, जलवायु तैयारी, आर्थिक स्थिरता और नागरिक सुरक्षा के लिए प्रमुख खतरे के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिल रही है।

उच्च-स्तरीय नीति संवाद

बैठक के दौरान 'जलवायु-स्मार्ट और आपदा-प्रतिरोधी बुनियादी ढाँचा प्रणालियों को आगे बढ़ाना: साझेदारी, नवाचार और लचीले विकास के लिए वित्तपोषण' विषय पर एक उच्च-स्तरीय नीति संवाद भी आयोजित किया जाएगा। यह संवाद ब्रिक्स देशों के बीच जलवायु-अनुकूल बुनियादी ढाँचे में निवेश और साझेदारी की रूपरेखा तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इस बैठक के परिणाम ब्रिक्स के भीतर आपदा प्रबंधन सहयोग के अगले चरण की दिशा तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

परंतु बहुपक्षीय ढाँचों में क्रियान्वयन अक्सर घोषणाओं से पीछे रहता है। ईरान जैसे देश की भागीदारी कूटनीतिक विविधता दर्शाती है, मगर सुरक्षा सहयोग के एजेंडे — आतंकवाद, सीमा प्रबंधन — में सदस्य देशों के बीच हितों का टकराव भी कम नहीं है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ब्रिक्स डीआरआर मंत्रिस्तरीय बैठक 2026 क्या है?
यह 24 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स देशों की डिजास्टर रिस्क रिडक्शन पर मंत्रिस्तरीय बैठक है, जिसे एनडीएमए ने भारत की 2026 ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत आयोजित किया है। इसमें 10 ब्रिक्स सदस्य देशों के मंत्री और प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
ईरान के गृह मंत्री डॉ. एस्कंदर मोमेनी इस बैठक में क्यों शामिल हो रहे हैं?
डॉ. मोमेनी ब्रिक्स गृह मंत्रियों की बैठक में ईरान का प्रतिनिधित्व करने और डीआरआर विषय पर अपना पक्ष रखने के लिए आए हैं। वह कई ब्रिक्स देशों के मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे, जिनमें आंतरिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन पर चर्चा होगी।
ब्रिक्स डीआरआर सहयोग की शुरुआत कब और कैसे हुई?
ब्रिक्स देशों के बीच आपदा जोखिम न्यूनीकरण सहयोग की शुरुआत 2016 के उदयपुर घोषणा-पत्र से हुई, जिसमें संयुक्त कार्यबल बनाने का निर्णय लिया गया था। 2024 के कजान घोषणा-पत्र में ब्रिक्स डीआरआरजी को औपचारिक रूप दिया गया और 2025–2028 की कार्य योजना स्वीकृत की गई।
इस बैठक में किन विषयों पर चर्चा होगी?
बैठक में आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद से मुकाबला, संगठित अपराध की रोकथाम, आपदा प्रबंधन, कानून व्यवस्था और सीमा सुरक्षा पर चर्चा होगी। इसके साथ ही जलवायु-स्मार्ट और आपदा-प्रतिरोधी बुनियादी ढाँचे पर एक उच्च-स्तरीय नीति संवाद भी आयोजित किया जाएगा।
बैठक की अध्यक्षता कौन करेगा?
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय इस मंत्रिस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह बैठक भारत की 2026 ब्रिक्स अध्यक्षता के अंतर्गत एनडीएमए द्वारा आयोजित की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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