ईरानी उपविदेश मंत्री गरीबाबादी का भारत दौरा संभव, 14-15 मई ब्रिक्स विदेश मंत्री बैठक में शामिल होने की उम्मीद
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका के साथ गहरे तनाव के बीच ईरान के उपविदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी नई दिल्ली का दौरा कर सकते हैं। कथित तौर पर वे 14-15 मई को होने वाली ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने की योजना बना रहे हैं, जिसकी मेजबानी भारत कर रहा है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है और कूटनीतिक हलचल तेज़ हो गई है।
ब्रिक्स बैठक की पृष्ठभूमि
भारत इस समय ब्रिक्स का अध्यक्ष देश है और सितंबर 2026 में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों के तहत विदेश मंत्रियों की यह बैठक एक अहम कड़ी है। गौरतलब है कि इस बैठक से पहले ब्रिक्स दूतों की बैठक में पश्चिम एशिया संकट पर कोई साझा सहमति नहीं बन पाई थी, जिससे इस मंच की सीमाएँ भी उजागर हुई हैं।
जयशंकर-अराघची फोन वार्ता के बाद बढ़ी सक्रियता
गरीबाबादी का यह संभावित दौरा विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उनके ईरानी समकक्ष सैयद अब्बास अराघची के बीच हुई हाई-लेवल फोन वार्ता के बाद की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। तेहरान, ब्रिक्स को कूटनीतिक संवाद के लिए एक ज़रूरी मंच मान रहा है, खासकर तब जब अमेरिका और इज़रायल के साथ उसके संबंध तल्ख बने हुए हैं।
ईरान-चीन के बीच बीजिंग में हुई अहम बातचीत
इससे पहले ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची बीजिंग के दौरे पर पहुँचे थे, जहाँ उन्होंने चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा,