12वें ब्रिक्स संसदीय मंच 2026: PM मोदी, जयशंकर और थरूर से मिले ईरानी प्रतिनिधि
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और वरिष्ठ सांसद शशि थरूर ने 26 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के संसद भवन परिसर स्थित संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच 2026 के दौरान ईरानी संसदीय प्रतिनिधियों से शिष्टाचार भेंट की। ईरानी दूतावास ने इन मुलाकातों का वीडियो जारी करते हुए कहा कि इससे भारत और ईरान के बीच द्विपक्षीय संबंधों का महत्व रेखांकित होता है।
मुख्य घटनाक्रम
भारत की मेज़बानी में आयोजित इस दो दिवसीय मंच (26-27 अक्टूबर) के पहले दिन प्रधानमंत्री मोदी आयोजन स्थल पर पहुँचे, समूह फ़ोटो में शामिल हुए और कई साझेदार देशों के प्रतिनिधियों से संक्षिप्त वार्ता की। ईरानी दूतावास द्वारा एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए गए वीडियो में ईरानी संसदीय प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख डॉ. अहमद नादेरी को पीएम मोदी से बातचीत करते देखा जा सकता है।
दूतावास ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और वरिष्ठ सांसद शशि थरूर ने ईरानी संसदीय प्रतिनिधियों से शिष्टाचार भेंट की।' दूतावास के अनुसार इन मुलाकातों ने दोनों देशों के बीच के द्विपक्षीय संबंधों की अहमियत को और पुख्ता किया।
ईरानी संसद अध्यक्ष क्यों नहीं आए
उल्लेखनीय है कि ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ मूल रूप से इस मंच में भाग लेने वाले थे। हालाँकि, 24 अक्टूबर (शनिवार) को ईरानी दूतावास ने एक बयान जारी करते हुए स्पष्ट किया कि 'अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण' वे भाग नहीं ले सकेंगे। उनके स्थान पर डॉ. अहमद नादेरी के नेतृत्व में एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल मंच में शामिल हुआ।
मंच में कौन-कौन शामिल
इस आयोजन में ब्रिक्स के सदस्य और साझेदार देशों के पीठासीन अधिकारी, संसदीय नेता, केंद्रीय मंत्री, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, राज्य विधानसभाओं के पीठासीन अधिकारी, सांसद और अन्य गणमान्य व्यक्ति भाग ले रहे हैं। यह मंच भारत के लिए एक महत्वपूर्ण बहुपक्षीय कूटनीतिक अवसर है, जहाँ वह वैश्विक दक्षिण की आवाज़ को मज़बूती देने की कोशिश कर रहा है।
लोकसभा स्पीकर का आह्वान
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंच का विधिवत उद्घाटन करते हुए ब्रिक्स समूह से ठोस परिणाम देने की अपील की। उन्होंने कहा, 'हमारी सफलता केवल चर्चाओं से नहीं, बल्कि उसके ठोस परिणामों से मापी जाएगी।' बिरला ने ब्रिक्स साझेदारों से ऐसे समाधान तलाशने का आग्रह किया, जो नागरिकों के दैनिक जीवन में वास्तविक सुधार ला सकें।
क्या होगा आगे
मंच का दूसरा दिन 27 अक्टूबर को होगा, जिसमें विभिन्न सत्रों और द्विपक्षीय बैठकों के ज़रिए ब्रिक्स सदस्यों और साझेदार देशों के बीच संसदीय सहयोग को और गहरा करने की उम्मीद है। यह मंच ऐसे समय में आया है जब वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य में बहुध्रुवीय व्यवस्था को लेकर बहस तेज़ हो रही है।