13 सितंबर 2026
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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026: जयशंकर ने वांग यी, लावरोव समेत 6 विदेश मंत्रियों से की मुलाकात

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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026: जयशंकर ने वांग यी, लावरोव समेत 6 विदेश मंत्रियों से की मुलाकात

सारांश

नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान जयशंकर ने चीन, रूस, ईरान, मिस्र और सऊदी अरब सहित सात देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की — यह वैश्विक तनाव के बीच भारत की बहुपक्षीय कूटनीति की व्यापकता को दर्शाता है। PM मोदी ने ब्रिक्स को 'समाधानों का इकोसिस्टम' करार दिया।

मुख्य बातें

जयशंकर ने 13 सितंबर 2026 को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान चीन, रूस, ईरान, मिस्र, कजाखस्तान और इंडोनेशिया के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की।
जयशंकर ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद से भी अलग द्विपक्षीय वार्ता की।
PM मोदी ने ब्रिक्स को 'समाधानों का इकोसिस्टम' बताया और नई दिल्ली घोषणा के निर्णयों को समयबद्ध लागू करने का आह्वान किया।
भारत ने 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता करते हुए भारत मंडपम, नई दिल्ली में यह दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया।
ब्रिक्स में अब 11 सदस्य देश और 10 साझेदार देश हैं; अगला शिखर सम्मेलन चीन की मेज़बानी में होगा।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान चीन, रूस, ईरान, मिस्र, कजाखस्तान और इंडोनेशिया सहित कई देशों के विदेश मंत्रियों से द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय स्तर पर विचार विमर्श किया। इन वार्ताओं में क्षेत्रीय स्थिरता, वैश्विक चुनौतियाँ और द्विपक्षीय सहयोग के विस्तार पर केंद्रित चर्चाएँ हुईं।

किन किन नेताओं से हुई मुलाकात

जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक समूह तस्वीर साझा की, जिसमें चीन के विदेश मंत्री वांग यी, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची, मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलअट्टी, कजाखस्तान के विदेश मंत्री मुख्तार तिल्यूबेर्दी और इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगियोनो भी नज़र आए। तस्वीर साझा करते हुए उन्होंने लिखा, "ब्रिक्स इंडिया 2026 के दौरान कई सहयोगियों से औपचारिक रूप से मुलाकात हुई। और जैसा कि आप देख सकते हैं, कुछ से अनौपचारिक मुलाकात भी हुई।"

सऊदी अरब से द्विपक्षीय संवाद

शिखर सम्मेलन से इतर जयशंकर ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद से भी अलग से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों के साथ साथ द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। एक्स पर अपनी पोस्ट में जयशंकर ने कहा, "ब्रिक्स इंडिया 2026 से इतर सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद से मिलकर खुशी हुई। क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों के साथ साथ द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।"

PM मोदी का ब्रिक्स पर संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिखर सम्मेलन में कहा कि पिछले दो दिनों की चर्चाओं ने इस विश्वास को और प्रगाढ़ किया है कि ब्रिक्स केवल देशों का एक समूह नहीं, बल्कि 'समाधानों का एक इकोसिस्टम' है। भारत मंडपम में 'रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी' सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने नई दिल्ली घोषणा के सभी निर्णयों को समयबद्ध कार्रवाई में बदलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स अब अपने तीसरे दशक में प्रवेश कर रहा है और दुनिया को ठोस परिणामों की अपेक्षा है।

ब्रिक्स की विस्तारित सदस्यता

गौरतलब है कि 2026 में भारत ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। इस शिखर सम्मेलन में ब्रिक्स के 11 सदस्य देश — ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात — के नेता शामिल हुए। इसके अलावा 10 साझेदार देशों में बेलारूस, क्यूबा, बोलीविया, कजाखस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम शामिल रहे। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक भू राजनीतिक तनाव के बीच ब्रिक्स का विस्तार अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक महत्वपूर्ण धुरी बनता जा रहा है।

आगे क्या होगा

मोदी ने अगले ब्रिक्स मेजबान के रूप में चीन को शुभकामनाएँ दीं और नई दिल्ली शिखर सम्मेलन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी देशों एवं उनके प्रतिनिधिमंडलों की सराहना की। नई दिल्ली घोषणा में शामिल प्रतिबद्धताओं को धरातल पर उतारने की ज़िम्मेदारी अब सदस्य देशों पर है, और इसकी निगरानी अगले ब्रिक्स चक्र में की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

रूस, ईरान और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों से मुलाकात महज़ कूटनीतिक शिष्टाचार नहीं है — यह उस बहुध्रुवीय रणनीति का प्रतिबिंब है जो भारत लगातार साध रहा है। गौरतलब है कि वांग यी से बातचीत ऐसे वक्त हुई जब सीमा प्रबंधन पर भारत चीन संवाद अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ है। ब्रिक्स का 'समाधानों का इकोसिस्टम' वाला विमर्श आकर्षक लगता है, लेकिन असली कसौटी यह है कि नई दिल्ली घोषणा की प्रतिबद्धताएँ अगले ब्रिक्स चक्र में कितनी मापी जा सकने वाली कार्रवाइयों में बदलती हैं — पिछले शिखर सम्मेलनों के घोषणापत्र प्राय: महत्वाकांक्षा में बड़े और क्रियान्वयन में कमज़ोर रहे हैं।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में जयशंकर ने किन किन विदेश मंत्रियों से मुलाकात की?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में चीन के वांग यी, रूस के सर्गेई लावरोव, ईरान के सैयद अब्बास अराघची, मिस्र के बद्र अब्देलअट्टी, कजाखस्तान के मुख्तार तिल्यूबेर्दी, इंडोनेशिया के सुगियोनो और सऊदी अरब के प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद से मुलाकात की। इन वार्ताओं में द्विपक्षीय सहयोग के साथ साथ क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई।
ब्रिक्स इंडिया 2026 शिखर सम्मेलन कहाँ और कब आयोजित हुआ?
18वाँ ब्रिक्स शिखर सम्मेलन नई दिल्ली के भारत मंडपम में 13 सितंबर 2026 को आयोजित हुआ, जो दो दिवसीय कार्यक्रम था। 2026 में भारत ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है।
नई दिल्ली घोषणा क्या है और इसका महत्व क्यों है?
नई दिल्ली घोषणा 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में अपनाया गया साझा दस्तावेज़ है, जो सदस्य देशों की साझा दृष्टि और भविष्य के सहयोग की दिशा तय करता है। PM मोदी ने इसके सभी निर्णयों को समयबद्ध कार्रवाई में बदलने का आह्वान किया है।
ब्रिक्स में अभी कितने सदस्य और साझेदार देश हैं?
वर्तमान में ब्रिक्स के 11 सदस्य देश हैं — ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात। इसके अलावा 10 साझेदार देश भी हैं जिनमें बेलारूस, क्यूबा, कजाखस्तान और वियतनाम शामिल हैं।
अगला ब्रिक्स शिखर सम्मेलन कहाँ होगा?
अगला ब्रिक्स शिखर सम्मेलन चीन की मेज़बानी में आयोजित होगा। PM मोदी ने नई दिल्ली शिखर सम्मेलन के समापन पर चीन को अगले मेज़बान के रूप में शुभकामनाएँ दी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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