13 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एक भारत, श्रेष्ठ भारत: राज्यपाल आचार्य बोले — विविधता को एकता के सूत्र में पिरोता है यह अभियान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एक भारत, श्रेष्ठ भारत: राज्यपाल आचार्य बोले — विविधता को एकता के सूत्र में पिरोता है यह अभियान

सारांश

गुवाहाटी के लोकभवन में असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने UP के 13 मीडियाकर्मियों से कहा — 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, यह विविधता को एकता के सूत्र में बाँधने का जीवंत राष्ट्रीय अभियान है। असम को उन्होंने विकास, संस्कृति और प्रकृति का शक्तिशाली संगम बताया।

मुख्य बातें

असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने 13 सितंबर 2026 को गुवाहाटी के लोकभवन में उत्तर प्रदेश के 13 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल से संवाद किया।
राज्यपाल ने कहा कि 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' महज सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का प्रभावी अभियान है।
असम की बुनियादी ढाँचे और कनेक्टिविटी में प्रगति को विकास की रीढ़ बताया; पर्यटन और सांस्कृतिक संरक्षण पर जोर दिया।
मीडिया को समाज के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने का सशक्त माध्यम करार दिया।
राजभवन और लोकभवन को जनता से संवाद और सेवा के केंद्र के रूप में परिभाषित किया।

असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने 13 सितंबर 2026 को गुवाहाटी स्थित लोकभवन में स्पष्ट किया कि 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों को सांस्कृतिक और सामाजिक धागे में पिरोने का एक सजीव राष्ट्रीय अभियान है। उन्होंने यह विचार उत्तर प्रदेश से आए 13 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल के साथ संवाद के दौरान साझा किए।

विविधता में एकता: राज्यपाल का मुख्य संदेश

राज्यपाल आचार्य ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी बहुआयामी विविधता है। उन्होंने रेखांकित किया कि अलग-अलग राज्यों की भाषा, संस्कृति, परंपरा, खान-पान और जीवनशैली भले ही भिन्न हों, परंतु इन सबके बीच भारतीयता का एक अटूट सूत्र मौजूद है।

उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न प्रांतों के लोगों का परस्पर राज्यों में आना-जाना और वहाँ की संस्कृति व परंपराओं को निकट से समझना राष्ट्रीय एकता की जड़ों को और गहरा करता है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब क्षेत्रीय पहचानें मजबूत हो रही हैं और राष्ट्रीय एकजुटता को निरंतर नई ऊर्जा की आवश्यकता है।

असम: विकास, संस्कृति और पर्यटन का संगम

राज्यपाल ने असम की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और असाधारण प्राकृतिक विविधता के कारण देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है। उन्होंने जोर दिया कि बुनियादी ढाँचे और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में हो रहे निरंतर कार्य से विकास की गति तेज हुई है और पर्यटन, व्यापार तथा रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

गौरतलब है कि असम में पर्यटन की व्यापक संभावनाएँ हैं, और राज्यपाल ने रेखांकित किया कि विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत के संरक्षण पर भी समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है।

मीडिया की भूमिका और राजभवन का दायित्व

आचार्य ने मीडिया की भूमिका को विशेष महत्व देते हुए कहा कि मीडिया केवल समाचारों को सामने रखने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और देश के विभिन्न हिस्सों के बीच सेतु का काम करने वाला सशक्त माध्यम है। उन्होंने राजभवन और लोकभवन जैसे संवैधानिक संस्थानों को जनता से संवाद और सेवा का केंद्र बताया।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए जनभागीदारी और जनता से निरंतर संवाद अनिवार्य है। यह उनके उस व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है जिसमें संवैधानिक संस्थाएँ महज प्रशासनिक केंद्र नहीं, बल्कि नागरिकों से जुड़ाव का जीवंत मंच बनें।

UP-असम सांस्कृतिक सेतु: यात्रा का महत्व

उत्तर प्रदेश के 13 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल की यह असम यात्रा दोनों राज्यों के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को प्रगाढ़ करने की दिशा में एक ठोस पहल मानी जा रही है। राज्यपाल ने कहा कि असम की विकास गाथा, संस्कृति और विरासत को देश के व्यापक क्षेत्रों तक पहुँचाना समय की माँग है, ताकि राज्य में हो रहे बदलावों और उपलब्ध संभावनाओं से अधिक से अधिक लोग परिचित हो सकें।

आने वाले दिनों में इस तरह के आदान-प्रदान कार्यक्रम 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' अभियान को जमीनी स्तर पर और मजबूती दे सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

श्रेष्ठ भारत' की बात राज्यपाल स्तर पर दोहराई जाना संकेत देता है कि केंद्र सरकार इस अभियान को महज नीतिगत दस्तावेज से आगे ले जाकर संवैधानिक संस्थाओं के ज़रिए जमीन पर उतारने की कोशिश कर रही है। लेकिन मूल प्रश्न यह है कि दो राज्यों के बीच मीडिया प्रतिनिधिमंडल की यात्राएँ कितनी टिकाऊ सांस्कृतिक समझ बना पाती हैं और क्या इनका असर आम नागरिकों तक पहुँचता है। असम की विकास गाथा को व्यापक दर्शकों तक पहुँचाने की ज़िम्मेदारी मीडिया पर डालना सही है, परंतु इसके लिए जरूरी है कि पत्रकारों को स्वतंत्र और आलोचनात्मक दृष्टि से भी रिपोर्ट करने का अवसर मिले।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राज्यपाल आचार्य ने 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' को क्या बताया?
राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने इसे केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों को सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से जोड़ने और विविधता में एकता की भावना को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बताया। यह बात उन्होंने 13 सितंबर 2026 को गुवाहाटी में UP के मीडिया प्रतिनिधिमंडल से कही।
उत्तर प्रदेश का मीडिया प्रतिनिधिमंडल असम क्यों गया?
UP के 13 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल की असम यात्रा 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' अभियान के तहत दोनों राज्यों के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को प्रगाढ़ करने की पहल है। इसका उद्देश्य असम की विकास गाथा, संस्कृति और विरासत को देश के अन्य हिस्सों तक पहुँचाना है।
असम के विकास पर राज्यपाल ने क्या कहा?
राज्यपाल आचार्य ने कहा कि असम में बुनियादी ढाँचे और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में लगातार काम हो रहा है, जिससे पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत के संरक्षण पर भी समान ध्यान देने पर जोर दिया।
राज्यपाल ने मीडिया की भूमिका को कैसे परिभाषित किया?
आचार्य ने कहा कि मीडिया केवल खबरें सामने रखने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और देश के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उनके अनुसार, मीडिया राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
लोकभवन और राजभवन की भूमिका पर राज्यपाल का क्या दृष्टिकोण है?
राज्यपाल आचार्य ने कहा कि राजभवन और लोकभवन जैसे संवैधानिक संस्थान जनता से संवाद और सेवा के केंद्र होने चाहिए। उनके अनुसार, लोकतंत्र की मजबूती के लिए जनभागीदारी और जनता से निरंतर संवाद बेहद जरूरी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले