राज्यपाल मंगुभाई पटेल बोले- विविधता है राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति, भोपाल में गोवा-सिक्किम-तेलंगाना स्थापना दिवस
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने 2 जून को भोपाल स्थित लोकभवन के सांदीपनि सभागार में आयोजित गोवा, सिक्किम और तेलंगाना के संयुक्त राज्य स्थापना दिवस समारोह में कहा कि भारत की भौगोलिक, भाषाई और सांस्कृतिक विविधताएँ ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति हैं और यही ‘सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत’ की नींव हैं। यह कार्यक्रम ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ संकल्पना के तहत आयोजित किया गया।
मुख्य संदेश और संबोधन
राज्यपाल पटेल ने कहा कि स्थापना दिवस समारोह केवल राज्यों के प्रशासनिक गठन का स्मरण नहीं, बल्कि उनके संघर्ष, सांस्कृतिक विरासत और विकास यात्रा से प्रेरणा ग्रहण करने का उपक्रम है। उन्होंने कहा कि सिक्किम का पर्यावरणीय मॉडल, गोवा का पर्यटन व मत्स्य उद्योग तथा तेलंगाना की तकनीकी नवाचार क्षमता राष्ट्र निर्माण के महत्वपूर्ण आधार स्तंभ हैं।
उन्होंने तीनों राज्यों के निवासियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ दीं और कहा कि ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ की भावना देश की एकता, अखंडता और समग्र विकास का सशक्त आधार है। यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ निर्माण संकल्प के प्रति राष्ट्रीय एकता की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रदर्शन है।
तीनों राज्यों की विशिष्टता पर टिप्पणी
तेलंगाना के संदर्भ में राज्यपाल ने कहा कि राज्य की ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक विविधता और आधुनिक विकास का समन्वय भारत की विशिष्ट पहचान को समृद्ध करता है। उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों, सामाजिक कल्याण और विकास के क्षेत्र में तेलंगाना की उपलब्धियों की सराहना की।
गोवा को लेकर पटेल ने कहा कि यह केवल प्रमुख पर्यटन केंद्र ही नहीं, बल्कि औपनिवेशिक शासन से मुक्ति के लिए हुए साहसिक संघर्ष की प्रेरक भूमि भी है। सिक्किम वासियों को उन्होंने देश का पाँचवाँ पूर्ण साक्षर राज्य बनने पर बधाई दी और कहा कि देश के प्रथम पूर्णतः जैविक राज्य की प्राकृतिक सुंदरता और सतत विकास मॉडल भारत की वैश्विक पहचान को सुदृढ़ करता है।
युवा संगम और आईआईटी धनबाद के प्रतिनिधि
राज्यपाल ने ‘युवा संगम’ कार्यक्रम के तहत आईआईटी धनबाद से आए युवाओं का स्वागत करते हुए उन्हें झारखंड के अमर शहीद भगवान बिरसा मुंडा से प्रेरणा लेकर विकसित भारत 2047 में योगदान देने को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा परिवार और राष्ट्र की आशा के केंद्र होते हैं। संस्थान के 59 युवाओं का प्रतिनिधिमंडल 6 दिवसीय मध्य प्रदेश भ्रमण के समापन अवसर पर समारोह में शामिल हुआ।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और गणमान्य उपस्थिति
समारोह में सिक्किम के राज्यपाल ओमप्रकाश माथुर, गोवा के राज्यपाल पुसापति अशोक गजपति राजू तथा तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला के शुभकामना वीडियो संदेश प्रसारित किए गए। तेलुगु संगमम भोपाल द्वारा अन्नामाचार्य कीर्तनम् पर आधारित एकल नृत्य तथा राजस्थान की बंजारा संस्कृति और भद्राचलम स्थित श्री सीता रामचंद्रस्वामी मंदिर की भक्ति-परंपरा को जोड़ते समूह नृत्यों की प्रस्तुति हुई।
इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, आईपीएस अधिकारी कृष्णवेनी देसवतु, राज्यपाल के उप सचिव सुनील दुबे, आईआईटी इंदौर के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मृगेन्द्र दुबे और आईआईटी धनबाद के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुरेश कुमार वाय सहित गोवा, तेलंगाना व सिक्किम के मूल निवासी, शिक्षाविद, प्रशासनिक अधिकारी और सांस्कृतिक संगठनों के सदस्य उपस्थित रहे।
आगामी दिनों में ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ श्रृंखला के तहत राज्यों के बीच सांस्कृतिक और शैक्षणिक आदान-प्रदान के और कार्यक्रम प्रस्तावित बताए जा रहे हैं।