सिक्किम दिवस पर दिल्ली सचिवालय में सांस्कृतिक उत्सव, CM रेखा गुप्ता ने सराही जैविक राज्य की विरासत
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 18 मई 2026 को दिल्ली सचिवालय में आयोजित सिक्किम दिवस समारोह में सिक्किम को प्राकृतिक सौंदर्य, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक विविधता का अनूठा प्रतीक बताया। कार्यक्रम में 10 कलाकारों ने सिक्किमी लोक नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मुख्य घटनाक्रम
दिल्ली के कला, संस्कृति और भाषा विभाग के अंतर्गत साहित्य कला परिषद द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सिंगही छम, खम्पा, तमांग सेलो और मुखौटा नृत्य जैसी पारंपरिक विधाओं की प्रस्तुति हुई। इन नृत्यों के माध्यम से प्रकृति और देवी-देवताओं के प्रति सिक्किमी समाज की गहरी आस्था को सजीव रूप से दर्शाया गया।
मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि हिमालय की गोद में बसे सिक्किम ने जैविक खेती को पूर्णतः अपनाकर भारत का पहला पूर्णतः जैविक राज्य बनने का गौरव हासिल किया है, जिससे पर्यावरण संरक्षण का एक नया राष्ट्रीय मानक स्थापित हुआ है।
सरकार की प्रतिक्रिया
कला, संस्कृति और भाषा मंत्री कपिल मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के दृष्टिकोण के अनुरूप देशभर के सभी राज्यों के स्थापना दिवस समारोह और सांस्कृतिक उत्सवों का आयोजन कर रही है। उन्होंने कहा कि ये आयोजन देश की विविध सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने और युवा पीढ़ी को उससे जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
गंगटोक में 51वाँ राज्य स्थापना दिवस
इससे पहले, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को गंगटोक में सिक्किम के 51वें राज्य स्थापना दिवस के मुख्य समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर ₹223 करोड़ की 21 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया।
गंगटोक समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर और मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग भी उपस्थित रहे। यह आयोजन राज्य की पाँच दशकों से अधिक की विकास यात्रा का उत्सव था।
सिक्किम का राष्ट्रीय योगदान
मुख्यमंत्री गुप्ता ने रेखांकित किया कि शिक्षा, पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण, जैविक कृषि और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सिक्किम का योगदान देश के अन्य राज्यों के लिए प्रेरणास्रोत है। गौरतलब है कि सिक्किम ने हमेशा शांति, विकास और राष्ट्रीय एकता के मूल्यों को अपनी पहचान का हिस्सा बनाए रखा है।
दिल्ली में इस तरह के अंतर-राज्यीय सांस्कृतिक आयोजन राष्ट्रीय एकता के सूत्र को और मजबूत करने की दिशा में एक सार्थक कदम माने जा रहे हैं।