सिक्किम के 51वें स्थापना दिवस पर उपराष्ट्रपति बोले — 'यह राज्य कृषि और चरित्र दोनों में ऑर्गेनिक है'
सारांश
मुख्य बातें
उपराष्ट्रपति ने 16 मई 2025 को गंगटोक में आयोजित सिक्किम के 51वें स्थापना दिवस समारोह में राज्य की जनता को बधाई देते हुए कहा कि पिछले 50 वर्षों में इस हिमालयी राज्य की विकास-यात्रा अत्यंत असाधारण रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि अपने छात्र जीवन में उन्होंने सिक्किम के भारत में विलय से जुड़े ऐतिहासिक घटनाक्रमों को निकट से देखा था।
चरित्र और कृषि — दोनों में ऑर्गेनिक
उपराष्ट्रपति ने सिक्किम को 'हरा-भरा, ऑर्गेनिक और स्वच्छ' राज्य बताते हुए कहा कि यहाँ की जैविकता केवल खेतों तक सीमित नहीं है — राज्य का सामाजिक चरित्र भी उतना ही 'ऑर्गेनिक' है। राज्य में सड़क यात्रा के दौरान उन्होंने यहाँ के निवासियों में अनुशासन और करुणा का जो भाव देखा, उसकी उन्होंने सराहना की। उनके अनुसार, सकारात्मक विचार और सौहार्दपूर्ण जीवनशैली व्यक्ति और समाज — दोनों को सशक्त बनाते हैं।
प्रकृति, संस्कृति और शासन का सामंजस्य
उपराष्ट्रपति ने कहा कि सिक्किम इस बात का जीवंत उदाहरण है कि प्रकृति, संस्कृति और सुशासन के बीच संतुलन से क्या उपलब्धियाँ हासिल की जा सकती हैं। उन्होंने सिक्किम के प्रथम मुख्यमंत्री काजी लेंडुप दोरजी को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें एक ऐसे दूरदर्शी नेता के रूप में याद किया जिन्होंने बुद्धिमत्ता, साहस और प्रतिबद्धता के साथ राज्य के ऐतिहासिक लोकतांत्रिक परिवर्तन का मार्गदर्शन किया।
PM मोदी की यात्रा और ₹4,000 करोड़ की परियोजनाएँ
उपराष्ट्रपति ने राज्य स्थापना के 50वें वर्ष के समापन समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया सिक्किम यात्रा का उल्लेख किया, जिसमें ₹4,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ और लोकार्पण किया गया। उन्होंने प्रधानमंत्री के 'एक्ट ईस्ट, एक्ट फास्ट' के दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए सिक्किम को पूर्वोत्तर की 'अष्टलक्ष्मी' का अभिन्न अंग बताया।
रेल कनेक्टिविटी और 'विकसित भारत' का विजन
उपराष्ट्रपति ने कहा कि 'विकसित भारत' का विजन समावेशी विकास पर टिका है, जिसमें कोई भी क्षेत्र पीछे नहीं छूटेगा। उन्होंने पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय की सराहना करते हुए क्षेत्र में रेलवे और हेलीपोर्ट सुविधाओं के विस्तार को महत्वपूर्ण बताया। अपनी हालिया मिजोरम यात्रा का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि बेहतर रेल संपर्क से पूर्वोत्तर में व्यापार, पर्यटन और आर्थिक विकास को गति मिली है। उन्होंने विश्वास जताया कि सिक्किम को भी शीघ्र सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे राज्य के जैविक उत्पाद देश के बाकी बाज़ारों तक पहुँच सकेंगे।
100% जैविक राज्य और सांस्कृतिक क्रांति
मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग के नेतृत्व में सिक्किम सरकार की सराहना करते हुए उपराष्ट्रपति ने याद दिलाया कि 2016 में सिक्किम दुनिया का पहला 100 प्रतिशत जैविक राज्य बना था। उन्होंने 76,000 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को रासायनिक-मुक्त पारिस्थितिकी तंत्र में बदले जाने को महज कृषि सुधार नहीं, बल्कि एक 'सांस्कृतिक क्रांति' करार दिया। उन्होंने 'मेरो रुख मेरो संतति' पहल — जिसके अंतर्गत प्रत्येक नवजात के जन्म पर 108 पेड़ लगाए जाते हैं — और 'शिशु समृद्धि योजना' की भी प्रशंसा की। उनके अनुसार ये पहलें आध्यात्मिकता को स्थिरता से और पर्यावरणीय नेतृत्व को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने की राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
उपराष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि स्थापना का 51वाँ वर्ष सिक्किम के लिए विकास, परिवर्तन और समावेशी प्रगति के एक नए अध्याय की शुरुआत करेगा।