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शिमला के लोक भवन में गुजरात-महाराष्ट्र स्थापना दिवस समारोह, राज्यपाल कविंदर गुप्ता बोले — 'विविधता में एकता ही भारत की शक्ति'

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शिमला के लोक भवन में गुजरात-महाराष्ट्र स्थापना दिवस समारोह, राज्यपाल कविंदर गुप्ता बोले — 'विविधता में एकता ही भारत की शक्ति'

सारांश

शिमला के लोक भवन में गुजरात और महाराष्ट्र स्थापना दिवस पर आयोजित सम्मान समारोह सिर्फ एक उत्सव नहीं था — यह भारत की बहुसांस्कृतिक पहचान का जीवंत प्रदर्शन था। राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने 'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना को केंद्र में रखते हुए विविधता में एकता को देश की असली ताकत बताया।

मुख्य बातें

शिमला के लोक भवन में 1 मई 2025 को गुजरात और महाराष्ट्र स्थापना दिवस पर सम्मान समारोह आयोजित हुआ।
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
राज्यपाल ने मेहमानों को पारंपरिक हिमाचली टोपी और मफलर भेंट कर सांस्कृतिक सम्मान व्यक्त किया।
राज्यपाल ने 'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना का उल्लेख करते हुए विविधता में एकता को भारत की सबसे बड़ी शक्ति बताया।
कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज भी उपस्थित रहे और उन्होंने इस पहल की सराहना की।

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला स्थित लोक भवन में 1 मई 2025 को गुजरात और महाराष्ट्र स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश में बसे गुजरात और महाराष्ट्र के लोगों ने बड़े उत्साह से भाग लिया और सांस्कृतिक एकता की मिसाल पेश की।

मुख्य अतिथि और समारोह का स्वरूप

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने हिमाचल में निवास कर रहे गुजरात और महाराष्ट्र के लोगों को इस विशेष अवसर पर एक साथ आकर एकता और सांस्कृतिक मेल-जोल की भावना के साथ उत्सव मनाने के लिए आमंत्रित किया। कार्यक्रम का माहौल सौहार्द और उत्साह से परिपूर्ण रहा, जहाँ सभी ने मिलकर इस खास दिन को यादगार बनाया।

सांस्कृतिक विरासत का आदान-प्रदान

समारोह के दौरान गुजरात और महाराष्ट्र से जुड़े प्रतिभागियों ने राज्यपाल कविंदर गुप्ता से मुलाकात की और अपनी-अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और रीति-रिवाजों की जानकारी साझा की। इस अवसर ने अलग-अलग राज्यों के लोगों को एक मंच पर लाकर आपसी समझ और सम्मान को बढ़ावा दिया। लोगों ने अपने अनुभव साझा किए और एक-दूसरे की संस्कृति को करीब से जानने का मौका पाया।

राज्यपाल ने कार्यक्रम में उपस्थित मेहमानों को पारंपरिक हिमाचली टोपी और मफलर भेंट कर उनका सम्मान किया। यह भेंट हिमाचल की सांस्कृतिक विरासत और मेहमाननवाजी का प्रतीक मानी जाती है।

राज्यपाल का संबोधन — एकता और भाईचारे पर जोर

सभा को संबोधित करते हुए राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने कहा कि इस तरह के आयोजन देशभर में एकता और भाईचारे की भावना को और अधिक मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

असली सवाल यह है कि क्या ऐसे एकदिवसीय आयोजन प्रवासी समुदायों की दीर्घकालिक समस्याओं — रोजगार, आवास, सामाजिक समावेश — को भी संबोधित करते हैं। राज्यपाल की उपस्थिति इस आयोजन को प्रतीकात्मक महत्व देती है, लेकिन सांस्कृतिक एकता की भावना तब और सार्थक बनेगी जब यह संस्थागत नीतियों में भी दिखे।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिमला के लोक भवन में गुजरात-महाराष्ट्र स्थापना दिवस समारोह कब हुआ?
यह समारोह 1 मई 2025 को शिमला स्थित लोक भवन में आयोजित किया गया। इस दिन गुजरात और महाराष्ट्र दोनों राज्यों का स्थापना दिवस मनाया जाता है।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कौन थे?
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता इस सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने प्रतिभागियों को संबोधित किया और पारंपरिक हिमाचली टोपी व मफलर भेंट कर उनका स्वागत किया।
राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने समारोह में क्या कहा?
राज्यपाल ने कहा कि भारत में भले ही अलग-अलग भाषाएँ और संस्कृतियाँ हों, सभी लोग एक राष्ट्र के रूप में जुड़े हैं और यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने 'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन इस विचार को और मजबूत करते हैं।
इस समारोह का क्या उद्देश्य था?
इस समारोह का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश में रह रहे गुजरात और महाराष्ट्र के लोगों को एक मंच पर लाकर सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आपसी समझ को बढ़ावा देना था। इसने विभिन्न राज्यों के लोगों को एक-दूसरे की परंपराओं और रीति-रिवाजों से परिचित होने का अवसर दिया।
कार्यक्रम में और कौन उपस्थित थे?
कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज भी उपस्थित रहे और उन्होंने इस सांस्कृतिक पहल की सराहना की। इसके अलावा गुजरात और महाराष्ट्र से जुड़े अनेक प्रतिभागी और समुदाय के लोग भी शामिल हुए।
राष्ट्र प्रेस
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