राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने पीएम मोदी से मिलकर हिमाचल प्रदेश के विकास पर की चर्चा
सारांश
Key Takeaways
- राज्यपाल कविंदर गुप्ता की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पहली बैठक हुई।
- बैठक में हिमाचल प्रदेश के विकास और जनकल्याण पर चर्चा की गई।
- ड्रग-फ्री और टीबी-फ्री हिमाचल अभियानों का महत्व बताया गया।
- प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
- राज्य और केंद्र सरकार के बीच समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया गया।
नई दिल्ली, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह राज्यपाल के रूप में उनकी प्रधानमंत्री के साथ पहली आधिकारिक बैठक थी, जिसमें हिमाचल प्रदेश के विकास और जनकल्याण से संबंधित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा हुई।
बैठक के दौरान, राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने प्रधानमंत्री मोदी को हिमाचल प्रदेश में चल रही विभिन्न प्रमुख पहलों की जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से ड्रग-फ्री हिमाचल और टीबी-फ्री हिमाचल अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये कार्यक्रम राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य सुधार और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। राज्यपाल ने बताया कि इन अभियानों के माध्यम से नशामुक्त समाज और टीबी जैसी गंभीर बीमारी से छुटकारा पाने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे लोगों के जीवन स्तर में सुधार हो रहा है।
कविंदर गुप्ता ने बैठक में यह भी बताया कि हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के किसान और बागवान धीरे-धीरे रासायनिक खेती की जगह केमिकल-फ्री खेती की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने इस पहल को और विस्तारित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि किसानों की आय में भी दीर्घकालिक सुधार होगा। राज्यपाल ने इसे हिमाचल प्रदेश के लिए एक स्थायी और पर्यावरण-अनुकूल विकास मॉडल बताया।
राज्यपाल ने प्रधानमंत्री मोदी से इन योजनाओं को गति देने के लिए केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र के बीच समन्वय और साझेदारी से ही समग्र विकास, बेहतर जनकल्याण और सतत प्रगति सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से हिमाचल प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित करेगा। राज्य सरकार और केंद्र के संयुक्त प्रयासों से प्रदेश में सतत विकास, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और किसानों की समृद्धि सुनिश्चित की जा सकेगी।