साधु-संतों की राष्ट्रपति से मांग: राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद की लोकसभा सदस्यता रद्द हो
सारांश
मुख्य बातें
वाराणसी में 2 अगस्त को अखिल भारतीय संत समिति की बैठक में देशभर के साधु-संतों ने एकजुट होकर मांग की कि संसद परिसर में भगवा वस्त्र पहनकर कथित तौर पर सनातन धर्म का अपमान करने के आरोप में निर्दलीय सांसद पप्पू यादव, सपा सांसद अवधेश प्रसाद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की संसद सदस्यता समाप्त की जाए। संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस संबंध में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को ज्ञापन सौंपा जा चुका है।
बैठक में क्या निर्णय हुए
पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी बालकदेवाचार्य ने बताया कि रविवार को वाराणसी में हुई बैठक में यह तय किया गया कि दर्ज एफआईआर से किसी भी हालत में पीछे नहीं हटा जाएगा और तीनों नेताओं की गिरफ्तारी की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा, 'अब अति हो गई है, इसे लेकर आज पूरा संत समाज उग्र है। जब तक इनको सजा नहीं मिल जाती, अखिल भारतीय संत समिति किसी भी हालत में शांत नहीं बैठेगी।'
संत समिति का आरोप
स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा, 'जिस प्रकार की घटना घटी, संसद भवन के गलियारे का उपयोग सनातन धर्म को चिढ़ाने, अपमानित करने और गालियां देने के लिए किया गया। जिस प्रकार भगवा वस्त्र पहनकर पप्पू यादव, राहुल गांधी और अवधेश प्रसाद द्वारा सनातन धर्म और देश के साधु-संतों को गाली देने का जो कृत्य किया, जो नाटक किया, वह निंदनीय है।' उन्होंने बताया कि तीनों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है और राष्ट्रपति से इनकी सदस्यता समाप्त करने की मांग की गई है।
देशव्यापी प्रदर्शन की तैयारी
हरिद्वार के महंत अरुण दास जी महाराज ने कहा कि सभी प्रदेशों के महामंत्रियों को निर्देश दिया गया है कि राज्यों में रणनीति तैयार कर प्रदर्शन किए जाएंगे। उन्होंने बताया, 'राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को इसका ज्ञापन सौंपा जाएगा।' यह ऐसे समय में आया है जब संसद सत्र के दौरान विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच पहले से तनाव बना हुआ है।
अखाड़ा परिषद की चेतावनी
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय दास ने कहा कि अवधेश प्रसाद अयोध्या के सांसद हैं और उन्हें ऐसे कृत्य नहीं करने चाहिए थे। उन्होंने बताया कि एसआईटी का गठन हो चुका है और जांच प्रक्रिया जारी है। उन्होंने चेतावनी दी, 'यदि यही दशा रही, तो अयोध्या में उनका प्रवेश तरह से वर्जित हो जाएगा।' गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी धार्मिक संगठन ने संसद सदस्यों के आचरण पर इस तरह की कड़ी प्रतिक्रिया दी हो।
आगे क्या होगा
संत समिति के अनुसार, सभी राज्यों में समन्वित प्रदर्शनों की रणनीति तैयार की जा रही है। एसआईटी जांच के नतीजे और राष्ट्रपति कार्यालय की प्रतिक्रिया इस विवाद की अगली दिशा तय करेगी। तीनों नेताओं — पप्पू यादव, राहुल गांधी और अवधेश प्रसाद — की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।