31 जुलाई 2026
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साधु वेश में संसद पहुंचे पप्पू यादव पर भाजपा का हमला, दिनेश शर्मा बोले — 'संत परंपरा का अपमान'

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साधु वेश में संसद पहुंचे पप्पू यादव पर भाजपा का हमला, दिनेश शर्मा बोले — 'संत परंपरा का अपमान'

सारांश

पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव राम मंदिर चढ़ावा अनियमितता के विरोध में साधु वेश पहनकर संसद पहुँचे — और BJP ने इसे संत परंपरा का अपमान बताते हुए पलटवार किया। दिनेश शर्मा, साक्षी महाराज और कमलजीत सेहरावत समेत कई BJP सांसदों ने एक सुर में विपक्ष पर सनातन विरोध का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

पप्पू यादव ने 31 जुलाई को राम मंदिर चढ़ावा अनियमितता के विरोध में साधु वेश धारण कर संसद में प्रवेश किया।
BJP सांसद दिनेश शर्मा ने इसे संत परंपरा का अपमान बताया और कहा कि सनातनियों को बार-बार बदनाम नहीं किया जाना चाहिए।
BJP सांसद साक्षी महाराज ने पप्पू यादव की तुलना 'कालनेमि' से की और उनके विरोध को निंदनीय करार दिया।
BJP सांसद अशोक मित्तल ने कहा कि विपक्ष के पास कोई असली मुद्दा नहीं और वे जानबूझकर संसद की कार्यवाही बाधित कर रहे हैं।
BJP सांसद कमलजीत सेहरावत ने जंतर-मंतर प्रदर्शन में असामाजिक तत्वों की भूमिका पर चिंता जताई।

पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव के 31 जुलाई को साधु वेश धारण कर संसद पहुँचने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई वरिष्ठ सांसदों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। राम मंदिर चढ़ावा अनियमितता मामले के विरोध में किए गए इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन को BJP नेताओं ने संत परंपरा और सनातन धर्म का अपमान बताया है।

दिनेश शर्मा की प्रतिक्रिया

BJP सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, 'भगवा कपड़े पहनने में कोई ऐतराज नहीं है। अगर कोई सम्मानित सांसद है, तो वह सम्मान का हकदार है, लेकिन अगर आप संत का वेश बनाकर यह कहते फिरते हैं कि संत पैसे या दान चुराते हैं तो यह संत परंपरा का अपमान है।' उन्होंने आगे कहा कि ऐसे सांसदों को संसद की मर्यादा का पालन करना चाहिए और किसी को उत्तेजित करने का काम नहीं करना चाहिए।

शर्मा ने यह भी जोड़ा, 'सनातनी सहनशील हैं, इसका यह मतलब नहीं कि रोज-रोज उनको बदनाम किया जाए।' उन्होंने पप्पू यादव के इस कदम को कांग्रेस के साथ खड़े होने का संकेत बताया।

साक्षी महाराज का बयान

BJP सांसद साक्षी महाराज ने इस प्रदर्शन को ऐतिहासिक संदर्भ में रखते हुए कहा, 'देश की आजादी से लेकर बंटवारे तक और बंटवारे से लेकर आज तक कांग्रेस और अब प्रियंका गांधी, राहुल गांधी और पूरे विपक्ष ने लगातार संतों, भगवा और सनातन का अपमान किया है।' उन्होंने पप्पू यादव की तुलना 'कालनेमि' से करते हुए उनके विरोध प्रदर्शन को निंदनीय बताया।

अन्य BJP नेताओं की राय

BJP सांसद कमलजीत सेहरावत ने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि नीट पेपर लीक मामले में छात्रों की आड़ में कुछ असामाजिक तत्वों ने आपत्तिजनक हरकतें कीं, जो स्वीकार्य नहीं हैं। उनका कहना था कि विपक्ष की राजनीतिक मंशा को देश भली-भाँति समझ रहा है।

BJP सांसद अशोक मित्तल ने कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है। उनके अनुसार, 'सरकार ने छात्रों की माँगें मान लीं, इसलिए मामला खत्म हो गया है। अब विपक्ष जानबूझकर बेबुनियाद मुद्दे उठाकर संसद की कार्यवाही में रुकावट डाल रहा है।'

विवाद की पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में हुआ है जब संसद का सत्र पहले से ही विपक्षी प्रदर्शनों और व्यवधानों के कारण प्रभावित रहा है। पप्पू यादव ने राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं को लेकर यह प्रतीकात्मक विरोध किया था। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी सांसद के प्रतीकात्मक वेश ने संसदीय परिसर में राजनीतिक विवाद खड़ा किया हो।

आगे देखना होगा कि इस विवाद का संसद की कार्यवाही पर क्या असर पड़ता है और क्या पप्पू यादव इस मुद्दे को आगे भी उठाते रहते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन BJP की प्रतिक्रिया ने मूल मुद्दे — राम मंदिर चढ़ावे की कथित अनियमितता — को हाशिये पर धकेल दिया। यह रणनीति BJP के लिए फायदेमंद रही, क्योंकि बहस धर्म और परंपरा के इर्द-गिर्द सिमट गई, न कि वित्तीय पारदर्शिता के सवाल पर। गौरतलब है कि विपक्षी सांसदों के प्रतीकात्मक प्रदर्शनों पर सत्ता पक्ष की यह प्रतिक्रिया एक परिचित पैटर्न का हिस्सा है — जहाँ शैली पर बहस, सार को ढक लेती है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पप्पू यादव साधु वेश में संसद क्यों पहुँचे?
पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने राम मंदिर चढ़ावा अनियमितता मामले के विरोध में साधु वेश धारण कर 31 जुलाई को संसद में प्रवेश किया। यह उनका एक प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन था।
BJP ने पप्पू यादव के इस कदम पर क्या कहा?
BJP सांसद दिनेश शर्मा ने इसे संत परंपरा का अपमान बताया। साक्षी महाराज ने इसे सनातन विरोध की श्रृंखला का हिस्सा कहा और अशोक मित्तल ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया।
राम मंदिर चढ़ावा अनियमितता विवाद क्या है?
यह विवाद राम मंदिर ट्रस्ट को मिले चढ़ावे और दान में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है, जिसे विपक्षी दलों ने संसद में उठाया है। सरकार और BJP ने इन आरोपों को निराधार बताया है।
क्या इस विवाद से संसद की कार्यवाही प्रभावित हुई?
BJP सांसद अशोक मित्तल के अनुसार विपक्ष बेबुनियाद मुद्दे उठाकर जानबूझकर लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही में रुकावट डाल रहा है। हालाँकि इस विशेष घटना से सदन के स्थगन का कोई आधिकारिक उल्लेख स्रोत में नहीं है।
दिनेश शर्मा ने पप्पू यादव को क्या चेतावनी दी?
दिनेश शर्मा ने कहा कि सनातनी सहनशील हैं, लेकिन उन्हें बार-बार बदनाम नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने पप्पू यादव से संसद की मर्यादा बनाए रखने और किसी को उत्तेजित करने वाले कार्य से बचने की अपील की।
राष्ट्र प्रेस
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