पप्पू यादव का बचाव: 'गेरुआ वस्त्र सिर्फ BJP का अधिकार नहीं', कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी बोले
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने 1 अगस्त 2026 को निर्दलीय सांसद पप्पू यादव का खुलकर बचाव किया, जो संसद परिसर में राम मंदिर दान प्रकरण के विरोध में साधु के वेश में पहुँचने के बाद विवादों में आ गए थे। तिवारी ने स्पष्ट कहा कि गेरुआ वस्त्र धारण करना केवल भारतीय जनता पार्टी (BJP) या उसके समर्थकों का विशेषाधिकार नहीं है।
पप्पू यादव के विरोध-प्रदर्शन का बचाव
प्रमोद तिवारी ने कहा, 'गेरुआ कपड़े पहनना सिर्फ भारतीय जनता पार्टी या उसके समर्थकों का ही अधिकार नहीं है। साधु-संत गेरुआ पहनते हैं और आम लोग भी घर पर धार्मिक अनुष्ठान व पूजा-पाठ करते समय गेरुआ पहनते हैं। मेरा मानना है कि पप्पू यादव ने जो कुछ भी किया, वह सोच-समझकर किया।' उन्होंने यह भी कहा कि संसद के भीतर आवाज़ न सुने जाने पर बाहर विरोध-प्रदर्शन स्वाभाविक परिणाम है।
राम मंदिर दान विवाद पर कांग्रेस का रुख
तिवारी ने दावा किया कि एसआईटी की जाँच में यह निष्कर्ष निकला था कि राम मंदिर के दान में गबन वास्तव में हुआ था। उन्होंने कहा, 'यह देश की सच्चाई है। जो एसआईटी बनाई गई थी, उसने यह नतीजा निकाला कि चोरी वाकई हुई थी। सच तो यह है कि चोरी हुई थी।' उन्होंने सांसदों से अपील की कि संसद चर्चा का मंच है और वहाँ हर आवाज़ को जगह मिलनी चाहिए।
कुलगाम हमले पर केंद्र सरकार पर निशाना
कुलगाम में दो गैर-कश्मीरी मज़दूरों की हत्या के मामले पर तिवारी ने केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा, 'कहाँ हैं वे गृह मंत्री जो अनुच्छेद 370 हटाने के बाद संपूर्ण शांति का दावा करते थे? कुलगाम की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है।' उन्होंने मारे गए मज़दूरों के परिवारों को ₹1-1 करोड़ मुआवज़े की माँग की और पहलगाम हमले का भी उल्लेख करते हुए कहा कि सुरक्षा की गारंटी के भरोसे ही मज़दूर वहाँ गए थे।
प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश पर तीखी प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश पर कांग्रेस सांसद ने तीखा पलटवार किया। तिवारी ने कहा, 'आपको माफ करने की नहीं, बल्कि माफी माँगने की जरूरत है। आपको माफी उन बच्चों से माँगनी चाहिए जिनके शरीर में पुलिस की चलाई हुई पैलेट मौजूद हैं, जिनकी आँखों की रोशनी चली गई, जिनके शरीर छलनी हो गए।'
एलपीजी और ईंधन कीमतों पर माँग
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हाल की कटौती पर तिवारी ने कहा कि ₹200 की कमी पर्याप्त नहीं है। उन्होंने माँग की कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतें गिरने के मद्देनज़र पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें भी घटाई जाएँ, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। यह बयान ऐसे समय आया है जब विपक्ष ईंधन मूल्य नीति पर केंद्र को लगातार घेर रहा है।