शहजाद पूनावाला का आरोप: राहुल गांधी हिंदू भावनाओं को ठेस पहुँचाते हैं, साधु-वेश विरोध 'शर्मनाक'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने 1 अगस्त 2026 को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे 'हिंदुओं और भारत के प्रति नफरत' प्रदर्शित कर रहे हैं। यह बयान उन्होंने 31 जुलाई को संसद परिसर में हुए उस विरोध प्रदर्शन के बाद दिया, जिसमें निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने साधु का वेश धारण कर अयोध्या के राम मंदिर दान में कथित हेराफेरी का मुद्दा उठाया था।
विरोध प्रदर्शन का घटनाक्रम
31 जुलाई को पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव, विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने संसद में एक सांकेतिक प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में पप्पू यादव गेरुआ वस्त्र पहनकर साधु के रूप में आए और अयोध्या राम मंदिर के लिए एकत्र किए गए दान में कथित घोटाले को लेकर विरोध जताया।
पूनावाला के आरोप
पूनावाला ने इस विरोध का वीडियो साझा करते हुए कहा, 'राहुल गांधी बेशर्मी से हिंदुओं से नफरत करते हैं। एक पार्टी के प्रति अपनी नफरत में वे भारत और हिंदुओं के प्रति भी नफरत दिखाते हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'किसी मुद्दे को उठाने और पूरे हिंदू समाज को निशाना बनाने के लिए उसे बहाने के तौर पर इस्तेमाल करने में फर्क है।'
पूनावाला ने सांकेतिक नाटक का जिक्र करते हुए कहा, 'नाटक में सब कुछ साफ दिख रहा है — राहुल गांधी दान देते हैं, फिर पप्पू यादव उसे अपनी जेब में रख लेते हैं, और बाद में सब लोग उन्हें पीटने लगते हैं।'
गेरुआ वस्त्र के इस्तेमाल पर सवाल
BJP प्रवक्ता ने तर्क दिया कि राम मंदिर दान घोटाले में जो व्यक्ति आरोपी हैं और जेल में हैं, वे न साधु थे, न संत। उन्होंने सवाल उठाया, 'तो फिर विरोध प्रदर्शन को इस तरह दिखाने के लिए गेरुआ कपड़ों का इस्तेमाल क्यों किया गया?' पूनावाला ने राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वक्फ बोर्ड, मस्जिद ट्रस्ट या चर्च ट्रस्ट से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं पर भी इसी तरह का प्रदर्शन करने की हिम्मत है, तो करके दिखाएँ।
वोट-बैंक राजनीति का आरोप
पूनावाला ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी 'पहले 'रोम, रोम' कहते थे और अब राजनीतिक कारणों से 'राम, राम' कहना शुरू कर दिया है।' उन्होंने कहा कि 'वे कभी भगवान राम के अस्तित्व में विश्वास नहीं करते थे और चुनावी फायदे के लिए बार-बार हिंदू भावनाओं को ठेस पहुँचाने की कोशिश करते हैं।' इन आरोपों पर कांग्रेस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हुई।
आगे क्या
राम मंदिर दान में कथित हेराफेरी का मुद्दा संसद के मानसून सत्र में गरमाया हुआ है। विपक्ष इसे सदन के भीतर और बाहर उठाता रहा है, जबकि सत्तारूढ़ BJP इसे हिंदू आस्था के विरुद्ध राजनीतिक दुरुपयोग बता रही है। यह विवाद आने वाले दिनों में संसदीय बहस का केंद्र बन सकता है।