रामकृपाल यादव का पप्पू यादव पर हमला: भगवा पहनकर संसद में प्रदर्शन को बताया सनातन का अपमान
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने 1 अगस्त 2026 को राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के संदर्भ में संसद परिसर में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव द्वारा भगवा कुर्ता और रुद्राक्ष माला पहनकर प्रदर्शन करने पर कड़ी आपत्ति जताई। रामकृपाल यादव ने इसे 'नौटंकी' करार देते हुए कहा कि इस कृत्य से सनातन धर्म और साधु-संतों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुँची है।
मंत्री की तीखी प्रतिक्रिया
रामकृपाल यादव ने कहा, 'पप्पू यादव ने जिस तरह से नौटंकीबाजी किया, सनातन धर्म को अपमानित किया, साधु संतों और लाखों-करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम किया, निश्चित तौर पर यह माफी के लायक भी नहीं है।' उन्होंने यह भी कहा कि पप्पू यादव पर कथित तौर पर चालीस से अधिक मुकदमे चल रहे हैं और वे आपराधिक घटनाओं के आरोपी हैं, इसलिए ऐसा आचरण किसी भी दृष्टि से उचित नहीं ठहराया जा सकता।
रामकृपाल यादव ने स्पष्ट किया कि वे स्वयं छह बार सांसद रह चुके हैं और उन्होंने संसदीय जीवन में कभी ऐसा आचरण नहीं देखा। उन्होंने कहा, 'पप्पू यादव संसद के सदस्य हैं और जनता ने उन्हें बड़े विश्वास के साथ निर्दलीय चुनकर भेजा है। इसका मतलब यह नहीं कि सांसद होकर इस तरह की हरकत करें।'
विरोध के तरीके पर नसीहत
रामकृपाल यादव ने पप्पू यादव को सलाह देते हुए कहा, 'विरोध करने के भी तरीके होते हैं। आपको अधिकार प्राप्त है, लेकिन यह नौटंकीबाजी है। सनातन धर्म के साधु-संत अपनी पूरी निष्ठा और कुर्बानी के साथ समाज की सेवा कर रहे हैं और आप संत का मजाक उड़ा रहे हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि संसद का परिसर इस प्रकार के प्रदर्शन के लिए नहीं है और उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से ऐसे सांसदों पर सख्त कार्रवाई करने की अपील की।
कांग्रेस और विपक्ष पर निशाना
रामकृपाल यादव ने इस अवसर पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष होने के नाते राहुल गांधी को ऐसी 'नौटंकी' को प्रोत्साहित नहीं करना चाहिए। उनके अनुसार, समाजवादी पार्टी भी इसी राह पर चल रही है। उन्होंने राहुल गांधी को सलाह दी कि वे अपना स्तर न गिराएँ, क्योंकि देश और दुनिया उन्हें देख रही है।
रामकृपाल यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना करते हुए कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री हैं जो अपमान सहकर भी बच्चों की भावनाओं के साथ खड़े होकर माफी देने का काम कर रहे हैं, और दूसरी तरफ विपक्ष के नेता इस प्रकार के प्रदर्शन को बढ़ावा दे रहे हैं।
विवाद की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर विपक्षी सांसदों ने शुक्रवार को संसद परिसर में प्रदर्शन किया था। इसी प्रदर्शन के दौरान पूर्णिया सांसद पप्पू यादव भगवा कुर्ता और रुद्राक्ष की माला पहनकर पहुँचे, जिसे सत्ताधारी दल के नेताओं ने धार्मिक भावनाओं का अपमान बताया। यह ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर से जुड़े मुद्दे राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील बने हुए हैं।
आगे क्या होगा
रामकृपाल यादव ने लोकसभा अध्यक्ष से कार्रवाई की माँग की है। यह विवाद संसद के मानसून सत्र में राजनीतिक तनाव को और गहरा कर सकता है, क्योंकि विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों ही राम मंदिर चढ़ावा मामले पर अपनी-अपनी स्थिति को लेकर आमने-सामने हैं।