निर्मला सीतारमण की जेन Z और जेन अल्फा को सलाह: 'न्यूटन की तरह विनम्रता अपनाएं, राष्ट्रहित को प्राथमिकता दें'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 15 सितंबर 2026 को चेन्नई के एमजीआर विश्वविद्यालय में स्नातक छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी — जेन Z और जेन अल्फा — को विनम्रता और जिम्मेदारी की मज़बूत भावना विकसित करनी चाहिए। उन्होंने प्रसिद्ध वैज्ञानिक सर आइजैक न्यूटन का उदाहरण देते हुए कहा कि महानतम विद्वान भी दूसरों के योगदान को सहर्ष स्वीकार करते थे।
न्यूटन का उदाहरण: विनम्रता की मिसाल
वित्त मंत्री ने छात्रों के सामने न्यूटन की विनम्रता को रेखांकित करते हुए कहा, 'न्यूटन जैसे महान विद्वान ने स्वीकार किया था कि अपनी सफलता हासिल करने के लिए उन्हें विभिन्न विद्वानों की सहायता की आवश्यकता थी। उन्होंने इसे बेहद विनम्रता के साथ व्यक्त किया।' सीतारमण ने इस उदाहरण के ज़रिए यह संदेश दिया कि किसी व्यक्ति की उपलब्धियों में दूसरों के योगदान को पहचानना और स्वीकार करना सच्ची महानता की निशानी है।
उन्होंने जोड़ा कि न्यूटन ने यह भी माना था कि सहयोग और दूसरों की मदद के बिना उनकी खोजें संभव नहीं होतीं। यह दृष्टिकोण आज के प्रतिस्पर्धी युग में और भी प्रासंगिक हो जाता है।
छात्रों से विनम्रता और जिम्मेदारी का आग्रह
सीतारमण ने स्नातक छात्रों को सलाह दी कि वे अपनी शैक्षणिक और पेशेवर यात्रा में विनम्रता को एक मूल्य के रूप में अपनाएँ। उन्होंने कहा कि 'छात्रों के लिए विनम्रता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना बेहद महत्वपूर्ण है।' यह संदेश विशेष रूप से उन युवाओं के लिए था जो अपनी पेशेवर ज़िंदगी की शुरुआत कर रहे हैं।
गौरतलब है कि यह सलाह ऐसे समय में आई है जब तेज़ी से बदलती तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के युग में युवा पीढ़ी के सामने आत्मनिर्भरता और टीमवर्क के बीच संतुलन बनाने की चुनौती बढ़ी है।
राष्ट्रहित और नेतृत्व की जिम्मेदारी
वित्त मंत्री ने स्नातकों से आग्रह किया कि वे नेतृत्व की जिम्मेदारियाँ संभालते समय राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की सुरक्षा और मज़बूती उसके नागरिकों के स्थिर भविष्य की बुनियाद है। सीतारमण ने कहा कि व्यक्तिगत और पेशेवर विकास के साथ-साथ जिम्मेदारी की भावना को कभी नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए।
यह ऐसे समय में उल्लेखनीय है जब देश की कार्यबल में जेन Z की बढ़ती भागीदारी को लेकर नीति निर्माताओं और उद्योग जगत में व्यापक चर्चा चल रही है।
तकनीकी बदलावों के अनुकूल ढलने की ज़रूरत
सीतारमण ने छात्रों को प्रेरित किया कि वे उत्कृष्टता की ओर अग्रसर रहें और तेज़ी से हो रहे तकनीकी बदलावों के साथ खुद को ढालें। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि तकनीकी दक्षता के साथ-साथ विनम्र बने रहना एक सफल पेशेवर की पहचान है।
एमजीआर विश्वविद्यालय के इस दीक्षांत समारोह में दिया गया वित्त मंत्री का यह संबोधन आने वाले समय में युवा पेशेवरों के लिए एक मार्गदर्शक दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है।