क्या सरल कानून और विश्वास आधारित प्रशासन देश के विकास की कुंजी है? : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

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क्या सरल कानून और विश्वास आधारित प्रशासन देश के विकास की कुंजी है? : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

सारांश

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चिंतन शिविर में कहा कि सरल कानून और विश्वास आधारित प्रशासन भारत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यह विचारों का आदान-प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण मंच है, जिससे नीति निर्माण में तेजी लाई जा सकती है।

मुख्य बातें

सरल कानून व्यापार में आसानी लाते हैं।
विश्वास आधारित प्रशासन लोगों पर विश्वास स्थापित करता है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता धोखाधड़ी में सहायता कर सकती है।
वित्तीय प्रणाली को मजबूत करने की आवश्यकता है।
गरीबी और असमानता को कम करना आवश्यक है।

नई दिल्ली, 21 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि चिंतन शिविर उच्चस्तरीय विचारों के आदान-प्रदान का एक उत्कृष्ट मंच है। जब इन विचारों को नीति में परिवर्तित किया जाता है, तो यह भारत को 'विकसित देश' बनाने की प्रक्रिया को और अधिक तेज कर सकता है।

वित्त मंत्री ने कर्नाटक के विजयनगर में वित्त मंत्रालय के चिंतन शिविर की अध्यक्षता करते हुए कहा, "चिंतन शिविर एक ऐसा मंच है जहां उच्चस्तरीय विचारों का आदान-प्रदान होता है। जब ये विचार नीति में परिवर्तित होते हैं, तो यह भारत के विकसित देश बनने की दिशा में तेजी लाता है। शासन सुधारों पर ध्यान केंद्रित करते समय, सरल कानून और प्रशासन को प्रोत्साहित करना अत्यंत आवश्यक है। यह सब विश्वास आधारित प्रशासन पर निर्भर होना चाहिए, न कि यह मानकर कि लोग नियमों का पालन नहीं करेंगे।"

उन्होंने प्रौद्योगिकी के महत्व को भी उजागर करते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जमीनी स्तर पर कार्य करने और धोखाधड़ी का पता लगाने में सहायक हो सकती है, किंतु इसे हमेशा मानव बुद्धिमत्ता द्वारा मार्गदर्शित किया जाना चाहिए।

सीतारमण का कहना था कि लंबे समय तक समृद्धि के लिए गरीबी और असमानता को कम करना आवश्यक है।

चिंतन शिविर का मुख्य उद्देश्य भारत को 'विकसित देश' बनाने के लिए तीन प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा करना था: 'विकसित भारत' के लिए वित्त पोषण, व्यापार करने में आसानी में सुधार, और शासन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग। इन विषयों पर वरिष्ठ अधिकारियों ने विस्तार से चर्चा की और सुझाव साझा किए।

चर्चा में यह बात सामने आई कि भारत के वित्तीय सिस्टम को मजबूत करना और राज्यों व शहरी निकायों को अधिक शक्तियां देना आवश्यक है। इसके साथ ही, कॉर्पोरेट बॉंड बाजारों को बढ़ावा देना, डिजिटल और बिना संपत्ति के लोन को प्रोत्साहित करना और निजी निवेश को बढ़ावा देना भी महत्वपूर्ण है, ताकि लंबे समय तक विकास हो सके।

व्यापार में आसानी पर चर्चा करते हुए सरल कानूनों और अधिक सहायता प्रदान करने वाले प्रशासन पर जोर दिया गया।

अधिकारियों ने जीएसटी, सीमा शुल्क और कॉर्पोरेट विनियमन जैसे क्षेत्रों में बिना हस्तक्षेप वाले और डेटा-आधारित अनुपालन प्रणाली बनाने, नियामक लागतों को कम करने, विवादों के त्वरित समाधान और विश्वास आधारित प्रणालियों को बढ़ावा देने पर विचार किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि देश की आर्थिक स्थिति को भी सशक्त बनाता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सरल कानून का क्या महत्व है?
सरल कानून व्यापार करने में आसानी और प्रशासनिक कार्यों को सुगम बनाते हैं।
विश्वास आधारित प्रशासन क्या है?
इसका मतलब है कि प्रशासन को लोगों पर विश्वास करना चाहिए, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग किस प्रकार किया जा सकता है?
कृत्रिम बुद्धिमत्ता धोखाधड़ी का पता लगाने में मदद कर सकती है और शासन में सुधार ला सकती है।
भारत को विकसित देश बनाने के लिए कौन से क्षेत्र महत्वपूर्ण हैं?
वित्त पोषण, व्यापार करने में आसानी, और शासन में तकनीकी सुधार महत्वपूर्ण हैं।
गरीबी और असमानता को कम करने के उपाय क्या हैं?
आर्थिक विकास, शिक्षा और सरकारी योजनाओं के माध्यम से गरीबी और असमानता को कम किया जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस