क्या हिमाचल के राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने गणतंत्र दिवस पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं?

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क्या हिमाचल के राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने गणतंत्र दिवस पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं?

सारांश

गणतंत्र दिवस पर हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने संविधान के महत्व और राज्य की प्रगति पर जोर दिया। आइए, जानते हैं इस विशेष दिन की महत्ता और सरकार की योजनाओं के बारे में।

मुख्य बातें

गणतंत्र दिवस के अवसर पर बधाई संदेश संविधान की महत्ता पर जोर राज्य की प्रगति और सामूहिक प्रयासों की सराहना कृषि और बागवानी आयोग की घोषणा पेंशनभोगियों के बकाया का भुगतान

शिमला, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला और मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने 77वें गणतंत्र दिवस पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर राज्यपाल ने संविधान के महत्व पर जोर देते हुए इसे राष्ट्र की मार्गदर्शक शक्ति बताया। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस भारत की एकता और अखंडता की भावना को मजबूत करता है।

राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में हासिल की गई उल्लेखनीय प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका श्रेय राज्य के लोगों के समर्पण, कड़ी मेहनत और सामूहिक प्रयासों को दिया जाना चाहिए।

हिमाचल प्रदेश लोकभवन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "77वे गणतंत्र दिवस की देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। भारत में 26 जनवरी 1950 को लागू हुए भारतीय गणराज्य के संविधान को अपनाने और देश के गणतंत्र में परिवर्तित होने की वर्षगांठ मनाई जा रही है।"

वहीं, मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने भी गणतंत्र दिवस के अवसर पर लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, "संविधान हमारे लोकतंत्र की आत्मा है और जनसेवा हमारा संकल्प। 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। प्रदेश सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण, युवाओं, किसानों, महिलाओं और वंचितों के सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।"

उन्होंने आगे लिखा, "विकास, पारदर्शिता और सुशासन के माध्यम से हम हिमाचल को आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। आइए, संविधान के मूल्यों को आत्मसात करते हुए एक सशक्त, समावेशी और विकसित हिमाचल के निर्माण में सहभागी बनें। जय हिंद।"

इससे पहले, रविवार को प्रदेश के स्थापना दिवस के अवसर पर सीएम सुक्खू ने किसानों और बागवानों की भागीदारी सुनिश्चित करने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए एक कृषि और बागवानी आयोग के गठन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार विधानसभा के आगामी बजट सत्र में इस आयोग की स्थापना के लिए एक विधेयक पेश करेगी। मुख्यमंत्री ने जसवां विधानसभा क्षेत्र में प्रागपुर में उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) कार्यालय और नलसुहा में सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की भी घोषणा की।

उन्होंने कहा कि जब सरकार ने कार्यभार संभाला, तो पिछली सरकार ने कर्मचारियों के वेतन और पेंशन बकाया के मद में 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की देनदारियां छोड़ी थीं। वर्तमान में वेतन, पेंशन और अन्य बकाया से संबंधित कुल बकाया राशि 8,555 करोड़ रुपए है। राज्य की कठिन वित्तीय स्थिति के बावजूद उन्होंने घोषणा की कि 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों के बकाया का पूरा भुगतान जनवरी में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस काम के लिए 90 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक अवसर है जब हम अपने संविधान की ताकत और एकता को समझते हैं। यह समय है जब हम सभी को मिलकर अपने राज्य और देश के विकास में योगदान देने का संकल्प लेना चाहिए।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमाचल प्रदेश में गणतंत्र दिवस कैसे मनाया गया?
गणतंत्र दिवस पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को बधाई दी और संविधान की महत्ता पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने किन योजनाओं की घोषणा की?
मुख्यमंत्री ने कृषि और बागवानी आयोग के गठन की घोषणा की और स्वास्थ्य केंद्र खोलने की भी बात कही।
राज्य की वित्तीय स्थिति क्या है?
राज्य की वित्तीय स्थिति कठिन है, लेकिन पेंशनभोगियों के बकाया का भुगतान जनवरी में किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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