31 अगस्त 2026
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बिश्केक में PM मोदी की ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन से मुलाकात, पश्चिम एशिया संकट पर मंथन

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बिश्केक में PM मोदी की ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन से मुलाकात, पश्चिम एशिया संकट पर मंथन

सारांश

बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन के मौके पर PM मोदी और ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन की मुलाकात — पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत की सक्रिय कूटनीति का संकेत। यह दोनों नेताओं के बीच कुछ महीनों में तीसरा संवाद है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 31 अगस्त को बिश्केक में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से SCO शिखर सम्मेलन के मौके पर द्विपक्षीय वार्ता की।
दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया संकट और भारत-ईरान सहयोग को मज़बूत करने पर चर्चा की।
जून 2026 और 21 मार्च के बाद यह दोनों नेताओं के बीच तीसरा संवाद है।
PM मोदी ने अर्मेनियाई प्रधानमंत्री निकोल पाशिनियान से भी मुलाकात कर रक्षा, फार्मा, विज्ञान-तकनीक समेत कई क्षेत्रों में सहयोग पर विचार किया।
PM मोदी ने बिश्केक में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की, जिसका अनावरण 2015 में हुआ था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार, 31 अगस्त को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के मौके पर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में जारी संकट और भारत-ईरान संबंधों को नई गहराई देने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।

बैठक में क्या हुआ

ईरान की अर्द्ध-सरकारी तस्नीम न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों की मौजूदा स्थिति का आकलन किया और दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक SCO शिखर सम्मेलन की साइडलाइन पर आयोजित हुई, जो इस तरह की कूटनीतिक बातचीत के लिए एक प्रमुख मंच बन चुका है।

पश्चिम एशिया पर निरंतर संवाद

यह बैठक दोनों नेताओं के बीच पहली मुलाकात नहीं है। जून 2026 में दोनों के बीच फोन पर बातचीत हुई थी, जिसमें राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने प्रधानमंत्री मोदी को पश्चिम एशिया की ताज़ा घटनाओं और आगे की राह से अवगत कराया था। उस वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी ने संघर्ष विराम की दिशा में बनी सहमति का स्वागत किया था और स्थायी शांति व स्थिरता के लिए निरंतर प्रयासों की ज़रूरत को दोहराया था।

इससे पहले 21 मार्च को भी दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई थी, जिसमें पश्चिम एशिया क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर गहन चर्चा की गई थी। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और भारत की आर्थिक स्थिरता पर पड़ सकता है।

अर्मेनिया के साथ भी द्विपक्षीय वार्ता

उसी दिन प्रधानमंत्री मोदी ने बिश्केक में अर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिनियान से भी मुलाकात की। विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने रक्षा, आर्थिक, फार्मा, विज्ञान और तकनीक, संस्कृति तथा शिक्षा समेत कई क्षेत्रों में सहयोग को और मज़बूत करने के तरीकों पर विचार किया। MEA के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने दोहराया कि भारत अर्मेनिया के साथ मिलकर आपसी रिश्तों को और गहरा और व्यापक बनाने का इच्छुक है।

गांधी प्रतिमा को श्रद्धांजलि और समुदाय से मुलाकात

दिन की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी ने बिश्केक में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। गौरतलब है कि इस प्रतिमा का अनावरण 2015 में प्रधानमंत्री की किर्गिस्तान यात्रा के दौरान किया गया था। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, 'सुबह बिश्केक में, शहर में महात्मा गांधी की प्रतिमा को नमन किया। गांधी जी के विचारों का हमारे मन पर हमेशा बेमिसाल असर रहेगा।'

इसके अलावा उन्होंने बिश्केक में योग प्रेमियों, शिक्षाविदों, भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (ITEC) के पूर्व छात्रों और शोधकर्ताओं सहित विभिन्न समुदायों के लोगों से भी भेंट की।

SCO शिखर सम्मेलन में भारत की भूमिका

प्रधानमंत्री मोदी 26वें SCO शिखर सम्मेलन और छठे वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भाग लेने के लिए किर्गिस्तान की आधिकारिक यात्रा पर हैं। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत पश्चिम एशिया में शांति स्थापना के लिए सक्रिय कूटनीतिक भूमिका निभा रहा है और मध्य एशियाई देशों के साथ संबंधों को नई ऊँचाई देने की कोशिश कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सक्रिय कूटनीतिक खिलाड़ी बनने की कोशिश में है। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह संवाद ठोस नीतिगत समन्वय में बदल रहा है या महज़ राजनयिक औपचारिकता बनकर रह जाता है। भारत की ईरान के साथ ऊर्जा और चाबहार बंदरगाह साझेदारी की पृष्ठभूमि में यह बैठकें रणनीतिक महत्व रखती हैं, लेकिन पश्चिमी दबाव और अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच भारत की 'सामरिक स्वायत्तता' की असली परीक्षा अभी बाकी है।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी और ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन की बिश्केक में बैठक क्यों हुई?
यह बैठक किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित 26वें SCO शिखर सम्मेलन के मौके पर हुई। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया संकट और भारत-ईरान द्विपक्षीय सहयोग को मज़बूत करने पर चर्चा की।
मोदी और पेजेश्कियन के बीच पहले कब बातचीत हुई थी?
दोनों नेताओं के बीच जून 2026 में फोन पर बातचीत हुई थी, जिसमें पेजेश्कियन ने मोदी को पश्चिम एशिया की स्थिति से अवगत कराया था। इससे पहले 21 मार्च को भी दोनों ने पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की थी।
PM मोदी की किर्गिस्तान यात्रा का उद्देश्य क्या है?
PM मोदी 26वें SCO शिखर सम्मेलन और छठे वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भाग लेने के लिए किर्गिस्तान की आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस यात्रा के दौरान उन्होंने कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी की।
बिश्केक में PM मोदी ने और किन नेताओं से मुलाकात की?
PM मोदी ने बिश्केक में अर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिनियान से भी मुलाकात की, जिसमें रक्षा, आर्थिक, फार्मा, विज्ञान-तकनीक, संस्कृति और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई।
बिश्केक में महात्मा गांधी की प्रतिमा का क्या महत्व है?
बिश्केक में महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण 2015 में PM मोदी की किर्गिस्तान यात्रा के दौरान किया गया था। 31 अगस्त को PM मोदी ने इस प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की और एक्स पर गांधी जी के विचारों की प्रासंगिकता को रेखांकित किया।
राष्ट्र प्रेस
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