बिश्केक में PM मोदी ने योग प्रेमियों और ITEC पूर्व छात्रों से की मुलाकात, बोले — भारत से जुड़ाव देखकर मन प्रसन्न हुआ
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अगस्त को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेने पहुँचे, जहाँ उन्होंने भारत से गहरा सांस्कृतिक और शैक्षणिक जुड़ाव रखने वाले एक विशेष समूह से आत्मीय मुलाकात की। इस भेंट में योग प्रेमी, आईटीईसी (ITEC) के पूर्व छात्र, शोधकर्ता, शिक्षाविद और भारतीय मूल के प्रमुख व्यक्तित्व शामिल थे।
मुलाकात का विवरण
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'मैंने ऐसे लोगों के एक समूह से मुलाकात की, जिनका भारत से गहरा जुड़ाव है। इनमें भारतीय मूल के प्रमुख लोग, पर्यावरण के प्रति उत्साही लोग, योग प्रेमी, शिक्षाविद, आईटीईसी के पूर्व छात्र, शोधकर्ता और कई अन्य लोग शामिल थे।' उन्होंने आगे लिखा, 'यह देखकर खुशी हुई कि भारत के साथ उनका जुड़ाव और संवाद लगातार बना हुआ है।'
एक उल्लेखनीय प्रसंग का ज़िक्र करते हुए मोदी ने बताया कि योगाभ्यासियों में से एक प्रतिभागी विश्व योगासन चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए अहमदाबाद आए थे और उन्होंने वहाँ पदक भी जीता था।
भारतीय समुदाय का भव्य स्वागत
बिश्केक में प्रधानमंत्री का भारतीय समुदाय ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया। 'वंदे मातरम' के नारों से वातावरण गूँज उठा और उनके सम्मान में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इस कार्यक्रम की कुछ झलकियाँ स्वयं प्रधानमंत्री ने साझा कीं।
समारोह में कलाकारों ने वंदे मातरम की धुन पर अद्वितीय योगाभ्यास प्रस्तुत किया, जिसमें गोमुखासन से लेकर वीरभद्रासन तक के आसन पूर्ण सामंजस्य के साथ प्रदर्शित किए गए। यह प्रदर्शन इस बात का प्रमाण था कि भारत की यह प्राचीन धरोहर आज विश्वभर में स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली की प्रेरणा बन चुकी है।
गांधी स्मारक पर श्रद्धांजलि
इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिश्केक स्थित महात्मा गांधी स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि दी। यह इशारा भारत-किर्गिस्तान के बीच साझा मूल्यों और ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित करता है।
SCO शिखर सम्मेलन का संदर्भ
गौरतलब है कि 26वाँ SCO शिखर सम्मेलन बिश्केक में आयोजित हो रहा है, जिसमें भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान सहित कई सदस्य देशों के नेता भाग ले रहे हैं। यह सम्मेलन क्षेत्रीय सुरक्षा, व्यापार और कनेक्टिविटी जैसे मुद्दों पर केंद्रित है। किर्गिस्तान में रहने वाले भारतीय समुदाय के साथ यह आत्मीय मुलाकात प्रधानमंत्री की डायस्पोरा कूटनीति की परंपरा के अनुरूप है, जो वे विदेश दौरों में नियमित रूप से निभाते हैं।
आगे की कार्यवाही में प्रधानमंत्री मोदी के SCO शिखर सम्मेलन में द्विपक्षीय वार्ताओं और बहुपक्षीय बैठकों में भाग लेने की संभावना है।