बिहार एमएलसी चुनाव 2026: जेडीयू ने नीरज कुमार को दिया समर्थन, अनंत सिंह से मतभेदों के बीच आठों सीट जीतने का दावा
सारांश
मुख्य बातें
जनता दल (यूनाइटेड) के उम्मीदवार नीरज कुमार ने 5 अक्टूबर 2026 को बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। पार्टी ने दावा किया है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) 23 अक्टूबर को होने वाले द्विवार्षिक चुनावों में सभी आठ सीटें जीतेगा। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए मतदान की तारीख निर्धारित कर दी है।
जेडीयू का दावा और नामांकन
जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा, 'एनडीए सभी आठ सीटों पर जीतेगा और यह एकतरफा जीत होगी। मुकाबले में कोई नहीं है। आप जानते हैं कि 2025 के विधानसभा चुनावों में एनडीए का प्रदर्शन कैसा रहा था। यह हमारे कार्यकर्ताओं के भरोसे पर आधारित है और हमने उन पर भरोसा जताया है।' उन्होंने यह भी कहा कि नीरज कुमार लगातार चौथी बार इस सीट पर काबिज रहेंगे।
नीतीश कुमार का आशीर्वाद और पार्टी की एकजुटता
नामांकन से पहले नीरज कुमार ने जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया। इस मुलाकात को चुनावी दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने पार्टी के युवा कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर नीरज कुमार की जीत सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय प्रचार करने की अपील की। निशांत ने कहा, 'नीरज कुमार पार्टी के एक समर्पित और अनुभवी साथी हैं, जिनकी समाजवादी विचारधारा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता है। उन्होंने लगातार जनता की शिकायतों और अपने निर्वाचन क्षेत्र के कल्याण से जुड़े मुद्दों को उठाया है।'
अनंत सिंह से अंदरूनी मतभेद
मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच बयानबाजी ने इस चुनाव को और पेचीदा बना दिया है। अनंत सिंह ने रविवार को दावा किया कि वह हर हाल में चुनाव में नीरज की हार सुनिश्चित करेंगे, भले ही इसके लिए उन्हें पार्टी से बाहर होना पड़े। हालाँकि, अनंत सिंह का यह भी कहना है कि उनके और नीरज कुमार के बीच का विवाद एक निजी मामला है, न कि पार्टी का मुद्दा। उन्होंने चेतावनी दी कि जो नेता इस विवाद में हस्तक्षेप करने पर विचार कर रहे हैं, वे गलती कर रहे हैं।
एनडीए में आंतरिक दरारें
यह ऐसे समय में आया है जब एनडीए के भीतर पटना ग्रेजुएट सीट को लेकर जेडीयू में मतभेद पहले से सामने आ चुके हैं। इसके अलावा, एनडीए की सहयोगी पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) ने सीट आवंटन न होने पर नाराजगी जाहिर की है। गौरतलब है कि विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की आठ सीटों के लिए चुनाव में महागठबंधन के खेमे में भी मतभेद बताए जा रहे हैं।
आगे क्या होगा
जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने नीरज कुमार पर भरोसा जताते हुए कहा कि वह पार्टी की जीत का सिलसिला जारी रखेंगे। 23 अक्टूबर 2026 को होने वाले मतदान से पहले यह देखना होगा कि जेडीयू अपने आंतरिक मतभेदों को किस हद तक संभाल पाती है और क्या अनंत सिंह का विरोध पार्टी की राह में वास्तविक बाधा बनता है।