29 सितंबर 2026
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अनंत सिंह के जन सुराज उम्मीदवार को समर्थन पर JDU का जवाब: 'आठों सीट जीतना हमारा लक्ष्य'

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अनंत सिंह के जन सुराज उम्मीदवार को समर्थन पर JDU का जवाब: 'आठों सीट जीतना हमारा लक्ष्य'

सारांश

बिहार विधान परिषद चुनावों से ठीक पहले JDU विधायक अनंत सिंह का पार्टी उम्मीदवार की जगह जन सुराज के प्रत्याशी को समर्थन देना एनडीए के भीतर अनुशासन की परीक्षा बन गया है। JDU नेतृत्व ने बयानों की झड़ी लगाते हुए गठबंधन की एकता का दावा किया, लेकिन आंतरिक खींचतान के संकेत साफ हैं।

मुख्य बातें

JDU विधायक अनंत सिंह ने पार्टी उम्मीदवार नीरज कुमार की जगह जन सुराज पार्टी के अनुज कुमार सिंह को समर्थन देने की खबर से एनडीए खेमे में हलचल मची।
बिहार JDU अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा — एनडीए की प्राथमिकता विधान परिषद की आठों सीटें जीतना है।
JDU महासचिव श्याम रजक ने स्पष्ट किया — 'कौन क्या कहता है, यह हमारे लिए महत्वपूर्ण नहीं।' JDU प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने दावा — नीरज कुमार चौथी बार भारी अंतर से जीतेंगे।
मंत्री रामकृपाल यादव ने गठबंधन को 'चट्टान की तरह एकजुट' बताया।
नामांकन प्रक्रिया 29 सितंबर 2026 से शुरू हो गई है।

बिहार विधान परिषद चुनावों से पहले एनडीए खेमे में सियासी हलचल तेज हो गई है, जब जनता दल यूनाइटेड (JDU) विधायक अनंत सिंह द्वारा अपनी पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार की जगह जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज कुमार सिंह को समर्थन देने की खबरें सामने आईं। 29 सितंबर 2026 को नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही JDU नेतृत्व ने स्पष्ट संदेश दिया कि गठबंधन की एकजुटता और सभी आठ सीटों पर जीत ही उनकी एकमात्र प्राथमिकता है।

मुख्य घटनाक्रम

बिहार में विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में होने वाले चुनावों से पहले JDU विधायक अनंत सिंह का जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार को समर्थन देना एनडीए के भीतर आंतरिक मतभेद की ओर इशारा कर रहा है। गौरतलब है कि अनंत सिंह बिहार की राजनीति में एक प्रभावशाली और विवादास्पद चेहरा रहे हैं, और उनकी हर गतिविधि सियासी चर्चा को हवा देती है।

इस बीच, 29 सितंबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने एक के बाद एक बयान जारी कर यह स्पष्ट करने की कोशिश की कि गठबंधन में कोई दरार नहीं है।

JDU नेतृत्व की प्रतिक्रिया

बिहार JDU अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा, 'एनडीए के सभी घटक दल का एक ही लक्ष्य है — विधान परिषद की आठों सीटें एनडीए की झोली में जाएं। कौन क्या बोल रहा है, शीर्ष नेतृत्व देख रहा है। जो फीडबैक मिल रही है, उसके हिसाब से आठों प्रत्याशी जीत रहे हैं।'

JDU के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने दोटूक कहा, 'कौन क्या कहता है, यह हमारे लिए महत्वपूर्ण नहीं है। महत्वपूर्ण यह है कि हमारा लक्ष्य और कर्तव्य JDU और एनडीए द्वारा उतारे गए सभी आठ उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करना है। हमारी पार्टी में एक मजबूत गठबंधन और मजबूत संगठन है — हमारे लोग अनुशासन के साथ नेतृत्व के निर्देशों का पालन करते हैं।'

JDU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने दावा किया कि नीरज कुमार भारी अंतर से चुनाव जीतेंगे। उन्होंने कहा, 'वे तीन बार जीत चुके हैं और चौथी बार भी यह सिलसिला जारी रहेगा। पूरी पार्टी और पूरा गठबंधन न केवल पटना सीट जीतेगा बल्कि बिहार की सभी आठ विधान परिषद सीटों पर भी जीत हासिल करेगा।'

सरकार के मंत्री का बयान

बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने गठबंधन की एकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, 'हम चट्टान की तरह एकजुट हैं। अनंत बाबू और नीरज बाबू — दोनों बेहद काबिल नेता हैं। दोनों मिलकर काम करेंगे और सभी का समर्थन हासिल करेंगे।'

राजनीतिक परिप्रेक्ष्य और आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में जन सुराज पार्टी के उभार ने एनडीए के पारंपरिक वोट आधार को चुनौती देना शुरू कर दिया है। अनंत सिंह का कदम — चाहे निजी कारणों से हो या रणनीतिक — JDU के लिए एक असुविधाजनक संकेत है क्योंकि विधान परिषद चुनाव विधायकों के मतों पर आधारित होते हैं, और अनुशासन का टूटना सीधे नतीजों को प्रभावित कर सकता है। नामांकन की समय-सीमा नजदीक आने के साथ, गठबंधन के भीतर हर विधायक की भूमिका निर्णायक बन जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो NDA के पुराने समीकरणों को चुनौती दे रही है। विधान परिषद चुनाव विधायकों के मतों पर टिके होते हैं, इसलिए एक भी विधायक का बिखराव नतीजे पलट सकता है — और JDU के आत्मविश्वास भरे बयानों में यह असहजता छुपी हुई है। पार्टी के तीन-तीन वरिष्ठ नेताओं का एक साथ बयान देना खुद यह बताता है कि मामला जितना सामान्य दिखाया जा रहा है, उतना है नहीं। असली परीक्षा मतगणना के दिन होगी।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनंत सिंह ने किसे समर्थन दिया और क्यों यह विवादास्पद है?
JDU विधायक अनंत सिंह ने अपनी पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार की जगह जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज कुमार सिंह को समर्थन देने की बात कही। यह इसलिए विवादास्पद है क्योंकि विधान परिषद चुनाव विधायकों के मतों पर निर्भर करते हैं और पार्टी अनुशासन के विरुद्ध जाना सीधे नतीजों को प्रभावित कर सकता है।
बिहार विधान परिषद चुनाव में JDU का लक्ष्य क्या है?
JDU और एनडीए गठबंधन का लक्ष्य स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सभी आठ विधान परिषद सीटें जीतना है। बिहार JDU अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि फीडबैक के अनुसार आठों प्रत्याशी जीत रहे हैं।
नीरज कुमार कितनी बार विधान परिषद जीत चुके हैं?
JDU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद के अनुसार, नीरज कुमार अब तक तीन बार विधान परिषद चुनाव जीत चुके हैं और इस बार चौथी जीत का दावा किया जा रहा है।
जन सुराज पार्टी क्या है और बिहार में उसकी स्थिति क्या है?
जन सुराज पार्टी बिहार में एक उभरती राजनीतिक शक्ति है, जिसने हाल के समय में एनडीए और विपक्ष दोनों के पारंपरिक वोट आधार को चुनौती देना शुरू किया है। इस चुनाव में उनके उम्मीदवार अनुज कुमार सिंह को JDU के एक विधायक का समर्थन मिलना उनकी बढ़ती प्रासंगिकता को दर्शाता है।
बिहार विधान परिषद चुनाव का नामांकन कब से शुरू हुआ?
बिहार विधान परिषद चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया 29 सितंबर 2026 से शुरू हो गई है। JDU नेतृत्व के अनुसार चुनाव की तैयारियाँ पूरी हैं और सभी आठ उम्मीदवार मैदान में उतरेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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