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अनंत सिंह के विद्रोह पर जदयू के श्याम रजक बोले — 'कौन क्या करे, हमें सरोकार नहीं'

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अनंत सिंह के विद्रोह पर जदयू के श्याम रजक बोले — 'कौन क्या करे, हमें सरोकार नहीं'

सारांश

बिहार एमएलसी चुनाव से पहले जदयू विधायक अनंत सिंह ने खुलकर अपनी ही पार्टी के खिलाफ जन सुराज के उम्मीदवार का प्रचार शुरू किया। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने टकराव टालते हुए कहा — 'कौन क्या करे, हमें कोई लेना-देना नहीं।' बिहार की सत्तारूढ़ राजनीति में यह दरार कितनी गहरी है, यह चुनाव नतीजे बताएंगे।

मुख्य बातें

बिहार विधान परिषद की 8 सीटों ( 4 स्नातक + 4 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र ) के लिए चुनाव प्रचार जोरों पर है।
जदयू विधायक अनंत कुमार सिंह (मोकामा) अपनी पार्टी के उम्मीदवार की बजाय 'जन सुराज' के प्रत्याशी अनुज सिंह का प्रचार कर रहे हैं।
जदयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने कहा — 'कौन क्या कर रहा है, इससे हमें कोई लेना-देना नहीं।' जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने सभी 8 सीटों पर एनडीए की जीत का दावा किया।
रजक ने अनंत सिंह के खिलाफ किसी अनुशासनात्मक कार्रवाई का संकेत नहीं दिया।

बिहार विधान परिषद की आठ सीटों (4 स्नातक और 4 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र) पर आगामी चुनाव से ठीक पहले जनता दल (यूनाइटेड) में अंदरूनी कलह सतह पर आ गई है। मोकामा से जदयू विधायक अनंत कुमार सिंह द्वारा अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार की जगह 'जन सुराज' के एमएलसी प्रत्याशी अनुज सिंह के पक्ष में प्रचार करने के बाद पार्टी के भीतर विवाद गहरा गया है। यह विवाद 16 अक्टूबर 2026 को तब और उभरा, जब जदयू के वरिष्ठ नेताओं ने इस पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी।

अनंत सिंह का बयान और पार्टी-लाइन से विचलन

जदयू विधायक अनंत कुमार सिंह ने खुले तौर पर कहा था, 'मैं उन लोगों से मिलने जा रहा हूं, जो मेरे लिए भगवान के समान हैं और उनका आशीर्वाद लेने जा रहा हूं। मैं उनसे अनुज सिंह के लिए वोट करने की अपील करूंगा। जनता ही मेरी मालिक है और वही मेरा भगवान है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे पार्टी में बने रहेंगे, बावजूद इसके कि वे अपने दल के आधिकारिक उम्मीदवार के लिए नहीं, बल्कि विपक्षी खेमे के प्रत्याशी के लिए प्रचार कर रहे हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में एनडीए सभी आठ सीटें जीतने की रणनीति बना रही है और पार्टी अनुशासन को प्राथमिकता दे रही है।

श्याम रजक की प्रतिक्रिया — पार्टी का आधिकारिक रुख

जदयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने अनंत सिंह के कदम पर सीधी टिप्पणी से परहेज करते हुए कहा, 'कौन क्या कर रहा है, इससे हमें कोई लेना-देना नहीं है। पार्टी ने चुनाव के लिए पूरी तैयारी कर ली है।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'हमने सभी आठ खाली सीटों के लिए उम्मीदवार चुने हैं। अब सभी लोग इन उम्मीदवारों के लिए काम कर रहे हैं। हमारा ध्यान अपने उम्मीदवारों को जीत दिलाने पर है।'

रजक ने लोकतंत्र का हवाला देते हुए कहा, 'लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की आज़ादी है, और जदयू में आंतरिक लोकतंत्र है। हालांकि, सभी लोग नेता के फैसले को मानते हैं। नेता ने एक फैसला लिया है और एनडीए ने उसे स्वीकार कर लिया है।' गौरतलब है कि रजक ने अनंत सिंह के खिलाफ किसी अनुशासनात्मक कार्रवाई का संकेत नहीं दिया।

जदयू प्रवक्ता का एनडीए जीत का दावा

जदयू के प्रवक्ता राजीव रंजन ने एमएलसी चुनावों में एनडीए की जीत का दावा करते हुए कहा, 'जिन आठ निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव होने हैं, उन सभी में हमारे उम्मीदवार मजबूत स्थिति में हैं। जमीनी हालात बताते हैं कि हम एक बड़ी जीत की ओर बढ़ रहे हैं।' उन्होंने यह भी बताया कि एनडीए की पार्टियाँ कार्यकर्ताओं से मिले फीडबैक के आधार पर लगातार आकलन कर रही हैं।

राजनीतिक पृष्ठभूमि और आगे की राह

अनंत कुमार सिंह का 'जन सुराज' के पक्ष में प्रचार करना बिहार की राजनीति में एक असाधारण घटना है — एक सत्तारूढ़ गठबंधन का विधायक खुलेआम विरोधी खेमे के उम्मीदवार का समर्थन कर रहा है। जन सुराज पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत किशोर की पार्टी है, जो बिहार में अपनी राजनीतिक उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश में है। इस परिप्रेक्ष्य में अनंत सिंह का यह कदम जदयू नेतृत्व के लिए चुनौतीपूर्ण संदेश देता है।

आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि पार्टी अनुशासन के नाम पर जदयू अनंत सिंह के खिलाफ कोई कदम उठाती है या इस विद्रोह को चुनावी व्यस्तता में दबाने की कोशिश करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह वास्तव में पार्टी की एक कमज़ोरी को उजागर करता है — अनुशासन लागू करने की इच्छाशक्ति का अभाव। एक सत्तारूढ़ गठबंधन का विधायक जब खुलेआम विपक्षी प्रत्याशी का प्रचार करे और पार्टी केवल 'आंतरिक लोकतंत्र' की दुहाई दे, तो यह एनडीए की एकजुटता की छवि पर सवाल खड़े करता है। बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव नज़दीक आते देख, ऐसी बगावतें अगर बेरोकटोक जारी रहीं तो जदयू के लिए यह एक ख़तरनाक मिसाल बन सकती है।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनंत कुमार सिंह ने जन सुराज के उम्मीदवार का प्रचार क्यों करने का फैसला किया?
जदयू विधायक अनंत कुमार सिंह ने कहा कि जनता उनके लिए भगवान समान है और वे अपनी मर्जी से 'जन सुराज' के एमएलसी प्रत्याशी अनुज सिंह के लिए वोट माँग रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे पार्टी में ही बने रहेंगे।
जदयू ने अनंत सिंह के इस कदम पर क्या प्रतिक्रिया दी?
जदयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने कहा कि पार्टी को इससे कोई लेना-देना नहीं है और उनका ध्यान अपने आठों उम्मीदवारों को जीत दिलाने पर है। किसी अनुशासनात्मक कार्रवाई का कोई संकेत नहीं दिया गया।
बिहार विधान परिषद की इन आठ सीटों पर चुनाव किन निर्वाचन क्षेत्रों में होना है?
ये 8 सीटें 4 स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों और 4 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में हैं। जदयू ने सभी आठ सीटों के लिए उम्मीदवार उतारे हैं और एनडीए इन सभी सीटों पर जीत का दावा कर रही है।
'जन सुराज' पार्टी क्या है?
'जन सुराज' सामाजिक कार्यकर्ता और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की पार्टी है, जो बिहार में अपनी राजनीतिक पैठ बनाने का प्रयास कर रही है। अनुज सिंह इस पार्टी के एमएलसी उम्मीदवार हैं।
एनडीए का इन चुनावों में क्या दावा है?
जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा है कि सभी आठ निर्वाचन क्षेत्रों में एनडीए उम्मीदवार मजबूत स्थिति में हैं और जमीनी हालात बड़ी जीत की ओर इशारा कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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