बिहार एमएलसी चुनाव: सभी 8 सीटें जीतेगा एनडीए, पटना की दोनों सीटें भारी मतों से — संजय झा
सारांश
मुख्य बातें
जनता दल यूनाइटेड (JDU) के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा ने 17 अक्टूबर 2026 को पटना में दावा किया कि बिहार विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव में एनडीए सभी आठ सीटें जीतेगा, और पटना की दोनों सीटों पर उम्मीदवार भारी अंतर से विजयी होंगे। झा ने यह भरोसा उन्हीं दिनों जताया जब एमएलसी चुनाव के नतीजों और गठबंधन की स्थिति को लेकर राजनीतिक हलचल चरम पर है।
मुख्य घटनाक्रम
संजय कुमार झा ने कहा कि JDU और एनडीए के उम्मीदवार सभी आठ विधान परिषद सीटों पर मैदान में हैं। उन्होंने विशेष रूप से पटना से JDU प्रत्याशी नीरज कुमार का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके पिछले कार्यकाल के प्रदर्शन और जनता से मिले सकारात्मक फीडबैक के आधार पर उनकी जीत निश्चित है। पार्टी के दूसरे पटना उम्मीदवार नवल यादव भी भारी मतों से चुनाव जीतेंगे, ऐसा झा ने दावा किया।
अनंत सिंह विवाद पर पार्टी का रुख
JDU विधायक अनंत सिंह के कथित विवादित बयान — जिसमें नौ लोगों की हत्या करवाने का दावा किया गया — को लेकर पूछे गए सवाल पर संजय झा ने कहा कि संबंधित विधायक की ओर से बयान के बाद स्पष्टीकरण भी आ चुका है। उन्होंने कहा कि पार्टी की राज्य इकाई को इस पूरे मामले की जानकारी है और घटनाक्रम पर नज़र रखी जा रही है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पार्टी एमएलसी चुनावों में अपनी साख बनाए रखने की कोशिश में है।
कांग्रेस और विपक्ष पर निशाना
संजय कुमार झा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह पार्टी कभी मध्यमार्गी विचारधारा की प्रतिनिधि थी, लेकिन अब उसके साथ जुड़े लोगों के पुराने रिकॉर्ड पर गौर करने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ तत्व देश में ऐसी व्यवस्था लाना चाहते हैं जो कथित तौर पर बांग्लादेश में हुए घटनाक्रम से प्रेरित दिखती है।
झा ने कहा कि लोकतंत्र में जनता अपने प्रतिनिधियों और सरकार का चुनाव स्वयं करती है, और किसी भी व्यक्ति या समूह को अपनी विचारधारा जनता पर थोपने का अधिकार नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जनसमर्थन न मिलने के कारण कुछ लोग अराजकता फैलाकर राजनीतिक संकट खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं।
मतदाता सूची की 'विशेष सफाई' पर झा का बयान
चुनाव आयोग द्वारा कराई जाने वाली विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर संजय झा ने कहा, 'इलेक्शन कमीशन जो एसआईआर कराती है, असल में मतदाता सूची की 'सफाई' है। अगर किसी का निधन हो गया है, तो उसका नाम हटा दिया जाता है; अगर कोई कहीं और चला गया है क्योंकि किसी भी व्यक्ति का दो जगहों पर नाम नहीं हो सकता; और अगर कोई संविधान के तहत नागरिक नहीं है, तो उसका नाम भी सूची से हटाया जाता है।' गौरतलब है कि मतदाता सूची शुद्धिकरण की यह प्रक्रिया हाल के महीनों में राष्ट्रीय राजनीतिक बहस का विषय बनी हुई है।
आगे क्या
बिहार एमएलसी चुनाव के नतीजे तय करेंगे कि राज्य की विधान परिषद में एनडीए की स्थिति कितनी मजबूत होगी। संजय कुमार झा के दावे और एनडीए की तैयारी की असली परीक्षा मतगणना के दिन होगी, जिस पर बिहार की राजनीति की निगाहें टिकी हैं।