बिहार एमएलसी चुनाव: एनडीए को सभी 8 सीटें जीतने का भरोसा, रामलीला रैली पर भी BJP-JDU का हमला
सारांश
मुख्य बातें
बिहार में विधान परिषद (एमएलसी) चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और जनता दल (यूनाइटेड) के शीर्ष नेताओं ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की पूर्ण जीत का दावा करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा है। साथ ही 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित इंडी गठबंधन की रैली को लेकर व्यापारियों की चिंताओं का समर्थन करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी हमला बोला गया है।
एनडीए को सभी 8 सीटों पर जीत का दावा
बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि गठबंधन को पूरा विश्वास है कि वह सभी आठ सीटों पर जीत दर्ज करेगा। उन्होंने बताया कि एनडीए इनमें से तीन सीटें पहले ही जीत चुका है, और यदि निर्दलीय उम्मीदवार को भी शामिल कर लिया जाए तो यह संख्या चार हो जाती है। सरावगी ने कहा कि यदि एनडीए सभी आठ सीटें जीतने में सफल रहता है, तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं होगा।
उन्होंने जोर देकर कहा कि इन चुनावों में शिक्षक और स्नातक मतदाताओं की अहम भूमिका है और गठबंधन ने उनकी समस्याओं व चिंताओं को दूर करने के लिए पूरी ईमानदारी से काम किया है।
जेडीयू का समर्थन: नीतीश और मोदी की लोकप्रियता का हवाला
जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने भी एमएलसी चुनावों में एनडीए की जीत का भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि गठबंधन ने सभी निर्वाचन क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन किया है और मतदाताओं का भरपूर समर्थन मिल रहा है।
राजीव रंजन के अनुसार, मतदाताओं ने पिछले 20 वर्षों में जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यों और उपलब्धियों का श्रेय एनडीए को दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य सरकार की ओर से कम समय में किए गए कार्यों को भी सकारात्मक माहौल का कारण बताया।
रामलीला मैदान रैली पर BJP-JDU का विरोध, व्यापारियों की चिंता को समर्थन
1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित इंडी गठबंधन की रैली को लेकर बिहार के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) की ओर से राहुल गांधी को लिखे गए पत्र और रैली स्थगित करने की मांग को जायज ठहराया।
सरावगी ने कहा कि व्यापारियों की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। जंतर-मंतर पर हुए हंगामे के कारण व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। उन्होंने दावा किया कि त्योहारों के मौसम में रामलीला मैदान में रैली आयोजित होने से करीब ₹10,000 करोड़ के कारोबार पर असर पड़ सकता है।
जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने कहा कि प्रत्येक राजनीतिक दल और नागरिक को रैली, धरना तथा विरोध-प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन ये गतिविधियाँ निर्धारित समय-सीमा और कानून के दायरे में होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि नवंबर का महीना त्योहारों के लिहाज से महत्वपूर्ण होता है और दुकानदारों व व्यापारियों के लिए यह कारोबार का अहम समय है।
तेजस्वी यादव पर भी निशाना
श्याम रजक ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को कोई गंभीर नेता नहीं मानता। उनके अनुसार, तेजस्वी विधानसभा, सड़कों, जनहित के मुद्दों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच सक्रिय नजर नहीं आते और लगातार सार्वजनिक जीवन से दूर रहते हैं।
गौरतलब है कि यह बयानबाजी ऐसे समय में तेज हुई है जब बिहार एमएलसी चुनाव अपने अंतिम चरण में हैं और इंडी गठबंधन अपनी राष्ट्रीय उपस्थिति को मजबूत करने की कोशिश में जुटा है। आने वाले दिनों में चुनाव परिणाम और रामलीला मैदान रैली — दोनों पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।