बिहार विधान परिषद चुनाव: पटना में एनडीए की रणनीतिक बैठक, सभी 8 सीटें जीतने का दावा
सारांश
मुख्य बातें
बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले आगामी चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने 30 सितंबर को पटना स्थित भारतीय जनता पार्टी (BJP) प्रदेश कार्यालय में घटक दलों के प्रदेश अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं की एक अहम बैठक आयोजित की। बैठक में चुनावी रणनीति, संगठनात्मक समन्वय और कार्यकर्ता-स्तर तक तालमेल मजबूत करने पर विस्तृत मंथन किया गया।
बैठक में कौन-कौन शामिल हुए
इस महत्वपूर्ण बैठक में BJP के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, जनता दल (यूनाइटेड) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार, राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के प्रदेश अध्यक्ष आलोक कुमार सिंह और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रो. डीएन सिन्हा उपस्थित रहे। इसके अलावा सत्तारूढ़ दल के मुख्य सचेतक संजीव चौरसिया तथा संजय गांधी सहित एनडीए के अन्य प्रमुख नेता भी बैठक में मौजूद रहे।
मुख्य घटनाक्रम और विचार-विमर्श
बैठक के दौरान सभी घटक दलों की चुनावी तैयारियों की समीक्षा की गई। नेताओं ने एनडीए की साझा रणनीति को प्रभावी ढंग से लागू करने और संगठन के हर स्तर पर समन्वय को सुदृढ़ करने पर जोर दिया। साथ ही बिहार सरकार के विकास एवं जनकल्याणकारी कार्यों को जन-जन तक पहुँचाने की योजना पर भी चर्चा हुई।
यह ऐसे समय में आया है जब विधान परिषद चुनाव की तारीखें निकट हैं और गठबंधन दलों के बीच सीट-बँटवारे एवं उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में बताई जा रही है।
संजय सरावगी का बयान
BJP प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने बैठक के बाद कहा कि एनडीए पूरी एकजुटता और मजबूती के साथ विधान परिषद चुनाव के मैदान में उतरने जा रहा है। उन्होंने कहा, 'घटक दलों के बीच बेहतर समन्वय, मजबूत संगठनात्मक तालमेल और साझा रणनीति के साथ चुनाव की तैयारियाँ की जा रही हैं। एनडीए के सभी घटक दल मिलकर चुनाव लड़ेंगे और सभी उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत से काम करेंगे।'
सरावगी ने यह भी कहा कि एनडीए की कार्यशैली सामूहिक निर्णय, आपसी संवाद और समन्वय पर आधारित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी घटक दल के नेता या कार्यकर्ता को यदि कोई समस्या या सुझाव हो, तो वे संगठन के वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ मुख्यमंत्री से भी सीधे मिलकर अपनी बात रख सकते हैं।
एनडीए की एकजुटता और जीत का दावा
बैठक में उपस्थित सभी घटक दलों के प्रदेश अध्यक्षों और नेताओं ने एकजुटता का संदेश देते हुए विधान परिषद की सभी आठ सीटों पर एनडीए उम्मीदवारों की जीत का दावा किया। नेताओं ने कहा कि सभी सहयोगी दल आपसी समन्वय के साथ चुनाव मैदान में उतरेंगे। गौरतलब है कि बिहार में एनडीए सरकार ने विकास, आधारभूत संरचना, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण के क्षेत्र में किए गए कार्यों को चुनाव प्रचार का मुख्य आधार बनाने की रणनीति तय की है।
क्या होगा आगे
बैठक के निष्कर्षों के आधार पर एनडीए के घटक दल जल्द ही संयुक्त चुनाव प्रचार अभियान शुरू करने की तैयारी में हैं। कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने और मतदाताओं तक सरकार की उपलब्धियाँ पहुँचाने के लिए एक समन्वित कार्ययोजना तैयार की जाएगी। विधान परिषद चुनाव में एनडीए का प्रदर्शन बिहार में गठबंधन की आंतरिक मजबूती का भी पैमाना माना जाएगा।