बिहार विधान परिषद चुनाव 2026: एनडीए की बैठक, सरावगी बोले — सभी 8 सीटें जीतेंगे
सारांश
मुख्य बातें
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर आगामी चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने 30 सितंबर 2026 को पटना स्थित भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक में गठबंधन के घटक दलों के प्रदेश अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं ने चुनावी रणनीति, संगठनात्मक समन्वय और आपसी तालमेल पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।
बैठक में कौन-कौन शामिल हुए
बैठक में BJP प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, जनता दल (यूनाइटेड) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार, राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के प्रदेश अध्यक्ष आलोक कुमार सिंह और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रो. डीएन सिन्हा उपस्थित रहे। इसके अलावा सत्तारूढ़ दल के मुख्य सचेतक संजीव चौरसिया सहित एनडीए के अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे।
सरावगी का बयान — एकजुटता की दावेदारी
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में संजय सरावगी ने कहा कि एनडीए पूरी एकजुटता और ताकत के साथ विधान परिषद चुनाव में उतरेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन के सभी घटक दल मिलकर चुनाव लड़ेंगे और सामूहिक रूप से सभी आठ सीटों पर जीत सुनिश्चित करने के लिए काम करेंगे।
सरावगी ने यह भी कहा कि एनडीए की कार्यशैली सामूहिक निर्णय, आपसी संवाद और समन्वय पर आधारित है। उनके अनुसार, गठबंधन के किसी भी नेता या कार्यकर्ता को कोई समस्या या सुझाव हो तो वे संगठन के वरिष्ठ नेताओं और मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी बात रख सकते हैं। संवाद के माध्यम से समाधान और सहयोगी दलों को साथ लेकर चलना एनडीए की प्राथमिकता है।
एनडीए के दावे — कोई मतभेद नहीं
सरावगी ने ज़ोर देकर कहा कि एनडीए के घटक दलों के बीच किसी तरह का भ्रम या असमंजस नहीं है। सभी दल साझा रणनीति के तहत चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं और संगठनात्मक स्तर पर समन्वय स्थापित किया जा रहा है। गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई जब विपक्ष भी अपनी रणनीति को धार देने में लगा हुआ है।
बैठक में मौजूद नेताओं ने बिहार में एनडीए सरकार की विकास, आधारभूत संरचना, रोज़गार, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण के क्षेत्र में उपलब्धियों को जनता के बीच प्रभावी ढंग से पहुँचाने की रणनीति पर भी चर्चा की।
चुनाव की तारीखें और सीटें
बिहार विधान परिषद की आठ शिक्षक और स्नातक सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना प्रस्तावित है। ये सीटें विशेष मतदाता समूहों — शिक्षकों और स्नातकों — द्वारा भरी जाती हैं, जिसके चलते इनका चुनावी स्वरूप सामान्य विधायी चुनावों से अलग होता है।
आगे क्या
बैठक में तय हुई साझा रणनीति को ज़मीनी स्तर पर लागू करने के लिए एनडीए के नेता और कार्यकर्ता अब अपने-अपने क्षेत्रों में संपर्क अभियान चलाएंगे। 23 अक्टूबर के मतदान के मद्देनज़र आने वाले हफ्तों में उम्मीदवारों की घोषणा और प्रचार अभियान की रूपरेखा भी सामने आने की उम्मीद है।