बिहार विधान परिषद चुनाव: राजद का दावा — तेजस्वी के नेतृत्व में सभी 8 सीटें जीतेंगे
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने 24 अक्टूबर को बिहार विधान परिषद चुनाव में सभी आठ सीटों पर जीत का दावा किया है। राजद एमएलसी सुनील कुमार सिंह ने कहा कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में पार्टी के उम्मीदवार पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में उतरे हैं और मतगणना का परिणाम पार्टी के पक्ष में रहेगा। उन्होंने उम्मीदवारों और समर्थकों से अंतिम वोट की गिनती तक सतर्क रहने की अपील की।
राजद का दावा और सतर्कता की अपील
राजद एमएलसी सुनील कुमार सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव के मार्गदर्शन में पार्टी के सभी उम्मीदवारों ने मजबूती से चुनाव लड़ा है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को आगाह किया कि मतगणना पूरी होने तक किसी भी स्तर पर ढिलाई न बरती जाए।
सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के नाम पर कथित तौर पर 13 करोड़ लोगों को मतदान के अधिकार से वंचित किया गया है। उन्होंने चंडीगढ़ मेयर चुनाव का हवाला देते हुए चुनावी प्रक्रिया में संभावित गड़बड़ी की आशंका जताई और कहा कि इतिहास में ऐसे उदाहरण मौजूद हैं जब बेईमानी हुई।
बैलेट पेपर से मतदान और पारदर्शिता की माँग
सिंह ने बताया कि इस बार बैलेट पेपर से मतदान कराया गया है। उन्होंने राजद एमएलसी सोनू राय के पिछले चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि बैलेट पेपर आधारित चुनावों में भी सतर्कता ज़रूरी होती है।
राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने माँग की कि प्रशासन और चुनाव आयोग की ओर से किसी भी प्रकार की धांधली नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि मतगणना पूरी तरह नियमों के अनुसार और फॉर्म 17 में दर्ज आँकड़ों के आधार पर ही आगे बढ़नी चाहिए। मतदान प्रतिशत को लेकर फैल रही कथित अफवाहों पर भी पार्टी बैठक में चर्चा हुई बताई जा रही है।
जेडीयू-अनंत सिंह विवाद पर राजद की प्रतिक्रिया
जनता दल (यूनाइटेड) विधायक अनंत सिंह को पार्टी से निष्कासित किए जाने के सवाल पर मंगनी लाल मंडल ने इसे जेडीयू का आंतरिक मामला बताया। हालाँकि, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे कथित तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का इशारा है। मंडल ने कहा कि वे इस विषय पर अधिक टिप्पणी करना उचित नहीं समझते।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ पृष्ठभूमि में चल रही हैं और विधान परिषद की यह जीत या हार दोनों प्रमुख गठबंधनों — महागठबंधन और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) — के लिए नैतिक बढ़त का सवाल बन गई है। गौरतलब है कि राजद के दावों को अभी मतगणना के आधिकारिक परिणामों से सत्यापित किया जाना बाकी है। मतगणना के अंतिम नतीजे आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि पार्टी का दावा कितना सटीक साबित होता है।