बिहार एमएलसी चुनाव: दरभंगा स्नातक सीट पर BJP के सर्वेश कुमार हारे, RJD के अनिल झा जीते
सारांश
मुख्य बातें
बिहार विधान परिषद (एमएलसी) की आठ सीटों के चुनाव परिणामों में दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में बड़ा उलटफेर सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के निवर्तमान विधान पार्षद सर्वेश कुमार को हार का सामना करना पड़ा, जबकि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के उम्मीदवार अनिल कुमार झा ने यह सीट अपने नाम की। मतगणना 27 अक्टूबर को शुरू हुई थी और 29 अक्टूबर 2026 तक चली, जिसके बाद सभी आठ सीटों के परिणाम घोषित हो गए।
मुख्य घटनाक्रम
मतगणना के शुरुआती दौर में सर्वेश कुमार बढ़त बनाए हुए थे, लेकिन अंततः अनिल कुमार झा ने बाज़ी पलट दी। झा ने जीत के बाद बड़े अंतर से विजय का दावा किया और कहा कि चुनाव आयोग की आधिकारिक घोषणा के बाद सटीक मतांतर स्पष्ट होगा। बिहार विधान परिषद की इन आठ सीटों के लिए 24 अक्टूबर को मतदान हुआ था।
समग्र परिणामों में BJP और RJD ने दो-दो सीटें जीती हैं। जनता दल (यूनाइटेड) और जन सुराज को एक-एक सीट मिली है, जबकि शेष दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे।
विजेता की प्रतिक्रिया
अनिल झा ने इस जीत को 'आम जनता की जीत' करार दिया। उन्होंने कहा कि वह पिछले 30 वर्षों से ईमानदारी और निष्ठा के साथ लोगों के सुख-दुख और परेशानियों में उनके साथ खड़े रहे हैं। झा ने यह भी कहा कि राजनीति में उन्होंने सात्विक जीवन जिया है और उनके चरित्र पर कोई दाग नहीं है। उन्होंने सभी समाजों और धर्मों के मतदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने कथित तौर पर राजनीतिक बंधनों से ऊपर उठकर उन्हें समर्थन दिया।
RJD का रुख और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल
RJD नेता शक्ति यादव ने इन परिणामों को पार्टी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि RJD ने पटना स्नातक और दरभंगा स्नातक — दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में जीत दर्ज की है। हालाँकि, उन्होंने पटना स्नातक क्षेत्र में लगभग 6,000 मतों को रद्द किए जाने का मुद्दा उठाया और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। यादव ने ईवीएम के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की माँग की, यह आरोप लगाते हुए कि ईवीएम आधारित चुनाव में गड़बड़ियों की आशंका बनी रहती है।
तेजस्वी यादव के आरोप
RJD के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने मतगणना के दौरान सोशल मीडिया मंच एक्स पर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने लिखा था कि 27 अक्टूबर से शुरू हुई मतगणना 29 अक्टूबर तक जारी रही और 10 प्रतिशत मत अवैध घोषित किए जाने के बावजूद RJD उम्मीदवार जीत रहा था। उन्होंने आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग मतगणना में जबरन BJP की जीत खोजने की कोशिश कर रहा था — एक आरोप जिसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
तेजस्वी यादव ने यह भी कहा था कि RJD कार्यकर्ता मतगणना केंद्र पर डटे हैं और लोकतंत्र की रक्षा की जाएगी। परिणाम अंततः RJD के पक्ष में आया।
आगे का परिदृश्य
यह चुनाव परिणाम बिहार की राजनीति में NDA बनाम महागठबंधन के बीच जारी टकराव को रेखांकित करता है। स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में RJD का प्रदर्शन पार्टी के लिए 2025 के बिहार विधानसभा चुनावों से पहले मनोबल बढ़ाने वाला संकेत माना जा रहा है। चुनाव प्रक्रिया पर उठाए गए सवालों का समाधान चुनाव आयोग के स्तर पर होना अभी बाकी है।