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पटना स्नातक चुनाव 2026: जन सुराज के अनुज सिंह का मुद्दा-आधारित अभियान, 23 अक्टूबर को मतदान

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पटना स्नातक चुनाव 2026: जन सुराज के अनुज सिंह का मुद्दा-आधारित अभियान, 23 अक्टूबर को मतदान

सारांश

पटना स्नातक सीट पर जन सुराज के अनुज सिंह ने जात-पाँत की जगह बेरोजगारी भत्ते और मुफ्त कोचिंग को मुद्दा बनाया है। NDA के नीरज कुमार और RJD के दिलीप कुमार से त्रिकोणीय मुकाबले में 23 अक्टूबर को फैसला होगा — और नतीजा बताएगा कि बिहार के शिक्षित मतदाता जाति से आगे जाकर सोच सकते हैं या नहीं।

मुख्य बातें

बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर 23 अक्टूबर 2026 को मतदान होना है, जिसमें पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र सबसे चर्चित है।
जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह ने बेरोजगार स्नातकों के लिए बेरोजगारी भत्ते और जिला स्तर पर मुफ्त कोचिंग व पुस्तकालय को प्रमुख मुद्दा बनाया है।
इस सीट पर NDA से नीरज कुमार और RJD से दिलीप कुमार के साथ त्रिकोणीय मुकाबला है।
मोकामा विधायक अनंत सिंह ने अनुज सिंह का समर्थन किया है, हालाँकि अनुज सिंह ने किसी औपचारिक गठबंधन से इनकार किया है।
स्नातक कोटे की चार सीटों पर 90 प्रत्याशी , शिक्षक कोटे की चार सीटों पर 60 प्रत्याशी और कुल 933 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
अनुज सिंह पर 2012 के छेड़छाड़ मुकदमे और कथित AI-निर्मित वीडियो को लेकर आरोप हैं, जिन्हें उन्होंने राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है — इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र सीट पर 23 अक्टूबर 2026 को होने वाला मतदान राजनीतिक दृष्टि से तेजी से दिलचस्प होता जा रहा है। जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह ने जाति समीकरणों और परंपरागत राजनीतिक दावों की बजाय शिक्षित प्रतिनिधित्व, बेरोजगार स्नातकों की समस्याओं और बुनियादी सुविधाओं को अपने अभियान का केंद्र बनाया है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की ओर से नीरज कुमार और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की ओर से दिलीप कुमार मैदान में हैं, जिससे इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति बन गई है।

अभियान के प्रमुख मुद्दे

अनुज सिंह ने अपने चुनाव प्रचार में बेरोजगार स्नातकों के लिए बेरोजगारी भत्ते की माँग को प्रमुखता दी है। उन्होंने कहा, 'अगर हमारा कोई साथी रजिस्ट्रेशन कराने के बाद भी बेरोजगार है और उसे काम नहीं मिला है तो उसके लिए बेरोजगारी भत्ते की बात उठनी चाहिए।'

इसके अलावा, उन्होंने प्रत्येक जिला और अनुमंडल मुख्यालय में स्नातक युवाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग सेंटर और उच्चस्तरीय पुस्तकालय स्थापित करने की जरूरत रेखांकित की। अनुज सिंह ने भरोसा दिलाया कि यदि उन्हें अवसर मिला तो वे इन मुद्दों को विधान परिषद में मजबूती से उठाएँगे।

अनंत सिंह का समर्थन और गठबंधन विवाद

मोकामा के विधायक अनंत सिंह द्वारा अनुज सिंह को मिले समर्थन ने चुनावी चर्चाओं को और गर्म कर दिया है। अनुज सिंह ने अनंत सिंह को अपना 'अभिभावक' बताया, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर और अनंत सिंह के बीच कोई औपचारिक गठबंधन नहीं है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विधान परिषद चुनावों में पार्टी का कोई चुनाव चिह्न नहीं होता, इसलिए विभिन्न दलों के नेता और कार्यकर्ता स्वतंत्र रूप से किसी उम्मीदवार का समर्थन कर सकते हैं।

विवाद और राजनीतिक आरोप

अनुज सिंह के खिलाफ एक पुराने छेड़छाड़ के मुकदमे और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर भी चर्चा है। उनका दावा है कि 2012 में दर्ज मुकदमा झूठा था और यह राजनीतिक रूप से प्रेरित था। उन्होंने यह भी कहा कि 2022 में कथित तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया वीडियो प्रसारित करने वाले व्यक्ति के खिलाफ उन्होंने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

जातीय समीकरण बनाम मुद्दा-आधारित राजनीति

जातीय समीकरणों पर चल रही चर्चाओं के बीच अनुज सिंह का कहना है कि वे पिछड़े, अति पिछड़े, महादलित, अल्पसंख्यक और सवर्ण — सभी वर्गों से संवाद कर रहे हैं। उनके अनुसार, मतदाता शिक्षित हैं और वे किसी की बंधुआ नहीं हैं — वे अपनी समझ और पसंद के आधार पर मतदान करेंगे।

यह ऐसे समय में आया है जब बिहार की राजनीति में जातीय गोलबंदी की भूमिका अक्सर निर्णायक मानी जाती है। अनुज सिंह का यह प्रयोग — धनबल की जगह मुद्दों से जोड़ने का — देखने योग्य है।

मतदान का व्यापक परिदृश्य

बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर 23 अक्टूबर 2026 को मतदान होना है। इनमें स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी सीटें तथा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की पटना, दरभंगा, सारण और तिरहुत सीटें शामिल हैं। कुल 933 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। स्नातक कोटे की चार सीटों के लिए 90 प्रत्याशी और शिक्षक कोटे की चार सीटों के लिए 60 प्रत्याशी मैदान में हैं।

सीमित सीटों पर मुकाबले के बावजूद राजनीतिक दलों के लिए यह चुनाव अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसके परिणाम बिहार में विभिन्न दलों की जमीनी ताकत की एक झलक देंगे। 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान के बाद स्पष्ट होगा कि शिक्षित मतदाताओं के बीच मुद्दा-आधारित राजनीति का यह प्रयोग कितना सफल रहा।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि वह अपेक्षाकृत अधिक शिक्षित और मुद्दों के प्रति सचेत माना जाता है। अनंत सिंह जैसे विवादास्पद नेता का समर्थन स्वीकार करते हुए गठबंधन से इनकार करना एक सूक्ष्म राजनीतिक संतुलन है — जो जन सुराज की 'दलमुक्त राजनीति' की छवि को जोखिम में डालता है। असली परीक्षा यह है कि शिक्षित मतदाता 'बेरोजगारी भत्ते' जैसे ठोस वादों को प्रत्याशी की विश्वसनीयता और विवादों के बरक्स कैसे तौलते हैं।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र चुनाव 2026 में कौन-कौन से प्रमुख उम्मीदवार हैं?
इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला है — जन सुराज से अनुज सिंह, NDA से नीरज कुमार, और RJD से दिलीप कुमार। अनुज सिंह को मोकामा विधायक अनंत सिंह का समर्थन भी मिला है।
बिहार विधान परिषद चुनाव 2026 में मतदान कब होगा?
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर 23 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा। इनमें स्नातक कोटे की पटना, दरभंगा, तिरहुत, कोसी और शिक्षक कोटे की पटना, दरभंगा, सारण, तिरहुत सीटें शामिल हैं।
जन सुराज के अनुज सिंह के चुनावी मुद्दे क्या हैं?
अनुज सिंह ने बेरोजगार स्नातकों के लिए बेरोजगारी भत्ता, जिला और अनुमंडल स्तर पर मुफ्त कोचिंग सेंटर और उच्चस्तरीय पुस्तकालय स्थापित करने की माँग को प्रमुख मुद्दा बनाया है। वे जातीय समीकरणों की जगह शिक्षित प्रतिनिधित्व की बात करते हैं।
अनुज सिंह पर लगे आरोपों की क्या स्थिति है?
अनुज सिंह पर 2012 में दर्ज छेड़छाड़ के मुकदमे और 2022 में कथित तौर पर AI की मदद से बने वीडियो के प्रसार को लेकर आरोप हैं। उन्होंने इन्हें राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है और दूसरे मामले में FIR दर्ज कराने का दावा किया है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
बिहार विधान परिषद के स्नातक कोटे में कितने प्रत्याशी मैदान में हैं?
स्नातक कोटे की चार सीटों के लिए कुल 90 प्रत्याशी और शिक्षक कोटे की चार सीटों के लिए 60 प्रत्याशी मैदान में हैं। सभी आठ सीटों के लिए 933 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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