राघोपुर नाव हादसा: प्रशांत किशोर ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की, उच्चस्तरीय जांच की माँग दोहराई
सारांश
मुख्य बातें
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर रविवार, 25 अक्टूबर को बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में नाव हादसे में 13 बच्चों की मौत के बाद दूसरी बार पीड़ित परिवारों से मिलने पहुँचे। उन्होंने दशकर्म के अवसर पर शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदना जताई और हादसे की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की माँग एक बार फिर दोहराई।
लापरवाही और भ्रष्टाचार की आशंका
प्रशांत किशोर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला केवल दुर्घटना का नहीं, बल्कि लापरवाही का भी प्रतीत होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही से हुई दुर्घटना और सामान्य दुर्घटना में फर्क होता है, और इस मामले में कहीं न कहीं लापरवाही दिखाई देती है।
किशोर ने यह भी कहा कि इस हादसे में भ्रष्टाचार की भूमिका होने की आशंका भी है। उन्होंने कहा, 'दोषी कौन है, यह जांच का विषय है, लेकिन जांच के निष्कर्षों के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।'
प्रशासन की जांच पर प्रतिक्रिया
किशोर ने कहा कि प्रशासन ने जांच शुरू की है, तो यह सही कदम है। हालाँकि उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल जांच शुरू करना पर्याप्त नहीं है — यह पता लगाना भी जरूरी है कि किसकी लापरवाही से इतनी बड़ी घटना हुई और उसके लिए कौन जिम्मेदार है। उन्होंने सोमवार से इस मामले में जांच को प्रभावी बनाने और प्रशासन से बातचीत करने के प्रयास करने की घोषणा की।
दियारा क्षेत्र में नाव दुर्घटनाओं की श्रृंखला पर चिंता
प्रशांत किशोर ने दियारा क्षेत्र में नाव दुर्घटनाओं की बार-बार होने वाली घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। स्थानीय लोगों के हवाले से उन्होंने बताया कि हाल ही में एक अन्य स्थान पर भी नाव डूबने की घटना हुई है, जिसमें लोग घायल हुए हैं।
उन्होंने प्रशासन से नाव परिचालन और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर संवेदनशीलता बरतने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की माँग की।
जवाबदेही की माँग
किशोर ने कहा कि 13 बच्चों की मौत बेहद दुखद है। यदि इस हादसे में सरकार, समाज या व्यवस्था की ओर से कोई लापरवाही हुई है, तो उसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे दशकर्म के कार्यक्रम में पीड़ित परिवारों के दुख में शामिल होने पहुँचे थे।
गौरतलब है कि यह किशोर की इस हादसे के बाद दूसरी मुलाकात है — इससे पहले भी वे पीड़ित परिवारों से मिलकर उच्चस्तरीय जांच की माँग कर चुके हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सोमवार से प्रशासन के साथ उनकी बातचीत किस दिशा में जाती है।