वैशाली नाव हादसा: भोज जा रहे 11 बच्चों की डूबकर मौत, राघोपुर दियारा में बचाव जारी
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के वैशाली जिले में 13 अक्टूबर 2026 को मंगलवार शाम एक दर्दनाक नाव हादसे में 11 बच्चों की डूबकर मौत हो गई। राघोपुर थाने के अंतर्गत रामपुर श्यामचंद पंचायत में यह घटना उस समय हुई जब 15 से 20 बच्चे एक छोटी नाव पर सवार होकर ढाब (जलभराव क्षेत्र) के दूसरी ओर भोज में शामिल होने जा रहे थे। शव बरामद होने के साथ ही पूरे गाँव में शोक की लहर फैल गई है और लापता बच्चों की तलाश अभी भी जारी है।
हादसे का घटनाक्रम
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सभी बच्चे एक छोटी नाव पर सवार होकर ढाब पार करने का प्रयास कर रहे थे। आशंका जताई जा रही है कि नाव पर क्षमता से अधिक बच्चे सवार थे, जिसके कारण नाव असंतुलित होकर पलट गई। नाव पलटते ही सभी बच्चे पानी में जा गिरे और डूबने लगे। घटना के तुरंत बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बचाव अभियान और शव बरामदगी
स्थानीय लोगों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया और प्रशासन को सूचित किया। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुँच गए। अब तक 11 बच्चों के शव बरामद किए जा चुके हैं। बाकी लापता बच्चों की तलाश में राहत एवं बचाव दल जुटे हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, मृतकों की संख्या में और वृद्धि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी संवेदनाएँ व्यक्त करते हुए लिखा कि राघोपुर दियारा क्षेत्र में नाव पलटने की यह दुर्भाग्यपूर्ण एवं दुखद घटना है, और डूबने वालों में अधिकांश बच्चे हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों, प्रशासन और अधिकारियों से वार्ता कर राहत, बचाव और उपचार कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है।
बिहार कांग्रेस ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि वैशाली के राघोपुर में हुई यह हृदय विदारक घटना अत्यंत पीड़ादायक है। पार्टी ने शोक-संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएँ प्रकट कीं और दिवंगत बच्चों की आत्मा की शांति की कामना की।
आम जनता पर असर
यह हादसा ऐसे समय में सामने आया है जब बिहार के नदी एवं जलभराव क्षेत्रों में नौका सुरक्षा के प्रति लापरवाही पर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। रामपुर श्यामचंद पंचायत में मृत बच्चों के परिवार गहरे सदमे में हैं। गौरतलब है कि बिहार में हर वर्ष मानसून और पोस्ट-मानसून मौसम में नाव हादसों की घटनाएँ सामने आती हैं, जिनमें अक्सर अधिक भार और सुरक्षा उपायों की कमी प्रमुख कारण होते हैं।
क्या होगा आगे
फिलहाल बचाव दल लापता बच्चों की तलाश में जुटा है। पुलिस घटना की जाँच कर रही है और ओवरलोडिंग की परिस्थितियों की पड़ताल की जाएगी। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। इस हादसे के बाद नौका परिचालन नियमों की समीक्षा की भी माँग उठने की संभावना है।