वैशाली नाव हादसा: 11 बच्चों की मौत, बिहार सरकार ने दी ₹4 लाख मुआवजे की घोषणा
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में मंगलवार शाम हुए नाव हादसे में अब तक 11 बच्चों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। बिहार सरकार ने मृतकों के प्रत्येक परिजन को ₹4 लाख की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है, जबकि बचाव दल अभी भी लापता लोगों की तलाश में जुटा है।
हादसा कैसे हुआ
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, राघोपुर थाना क्षेत्र में 15 से 20 बच्चे एक छोटी नाव पर सवार होकर किसी भोज में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान नाव असंतुलित होकर पलट गई और सभी बच्चे गंगा नदी में डूब गए। स्थानीय लोगों और प्रशासन की सम्मिलित कोशिशों के बावजूद अब तक 11 शव ही बरामद हो सके हैं। मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि तलाश अभियान अभी जारी है।
मुख्यमंत्री की घोषणा और निर्देश
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर लिखा कि वैशाली के राघोपुर में नाव हादसे में मासूमों की मौत का समाचार 'अत्यंत दुखद और हृदयविदारक' है। उन्होंने शोकसंतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को ₹4-4 लाख की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। साथ ही प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने और घायलों को बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
राष्ट्रीय नेताओं की प्रतिक्रिया
भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने एक्स पर लिखा कि गंगा नदी में नाव पलटने की इस घटना में हुई जानमाल की क्षति से उन्हें 'गहरा दुख' हुआ है। उन्होंने लापता लोगों की सुरक्षा के लिए भी प्रार्थना की।
केंद्रीय मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने बताया कि राघोपुर दियारा उनके संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आता है और उन्होंने स्थानीय अधिकारियों को प्रभावित परिवारों तक तत्काल राहत पहुँचाने, घायलों को चिकित्सा सुविधा देने और उचित मुआवजा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने भी घटना पर शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति और शोकाकुल परिवारों को संबल देने की प्रार्थना की।
विपक्ष की संवेदना
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्होंने स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों को राहत-बचाव तथा उपचार कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। बिहार कांग्रेस ने इसे 'हृदयविदारक घटना' बताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। गौरतलब है कि बिहार में नदियों के किनारे नाव दुर्घटनाओं की यह कोई पहली घटना नहीं है — राज्य में हर मानसून और उसके बाद के महीनों में इस तरह के हादसे सामने आते रहे हैं।
राहत कार्य और आगे की स्थिति
प्रशासन राहत और बचाव अभियान में जुटा है तथा अन्य लापता लोगों की तलाश जारी है। अधिकारियों के अनुसार, बरामद शवों की संख्या बढ़ सकती है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में नदी परिवहन की सुरक्षा को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं। आने वाले दिनों में मुआवजा वितरण की प्रक्रिया और बचाव अभियान की समाप्ति पर सभी की नज़र रहेगी।