वैशाली नाव हादसा: 13 बच्चों की मौत पर राष्ट्रपति मुर्मु ने जताया दुख, SDRF का खोज अभियान जारी
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में मंगलवार देर शाम हुए दर्दनाक नाव हादसे में अब तक 13 बच्चों के शव बरामद किए जा चुके हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है, जबकि एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें छह नावों की सहायता से गंगा नदी में लापता बच्चों की तलाश जारी रखे हुए हैं।
हादसे का घटनाक्रम
मंगलवार देर शाम वैशाली जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र में 15 से 20 बच्चे एक छोटी नाव पर सवार होकर एक भोज में शामिल होने जा रहे थे। तभी नाव असंतुलित होकर पलट गई और सभी बच्चे गंगा नदी में डूब गए। बचाव दल को खोज के दौरान प्लास्टिक की शीट से अस्थायी मरम्मत की गई वह क्षतिग्रस्त नाव भी मिली, जो हादसे की गंभीरता को उजागर करती है।
स्थानीय लोगों और प्रशासन की संयुक्त कोशिशों से अब तक जिन 13 बच्चों के शव बरामद हुए हैं, उनकी पहचान मीरा कुमारी, निशु कुमारी, अनिशा कुमारी, सुनीता कुमारी, आर्यन कुमार, मोहन कुमार, अमृता कुमारी, अंकिता कुमारी, पिंकी कुमारी, नमन कुमार, सिकी कुमारी, भोनू कुमारी और सोनम कुमारी के रूप में हुई है। पुतुस कुमार सुरक्षित बच गए, जबकि अनुष्का कुमारी समेत तीन घायलों को बेहतर इलाज के लिए मेडिकल सेंटर रेफर किया गया है।
राष्ट्रपति और केंद्रीय मंत्री की संवेदनाएँ
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'बिहार के वैशाली जिले में हुई नाव दुर्घटना में बच्चों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहन संवेदना व्यक्त करती हूँ। मैं इस दुर्घटना में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूँ।'
केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी तथा पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन (लल्लन) सिंह ने भी एक्स पर लिखा, 'बिहार के राघोपुर दियारा में नाव पलटने की हृदयविदारक घटना में कई लोगों, विशेषकर मासूम बच्चों, की असामयिक मृत्यु का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।'
बचाव अभियान की स्थिति
एसडीआरएफ के सब इंस्पेक्टर जय दीप नारायण सिंह ने बताया कि बचाव अभियान सात घंटे से अधिक समय से निर्बाध रूप से चल रहा है और अन्य शवों की तलाश जारी है। छह नावें इस खोज अभियान में लगाई गई हैं। घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी वर्षा सिंह और एसपी शुभांक मिश्रा मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा ले चुके हैं।
प्रशासन की राहत कार्रवाई
राज्य सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी इस घटना पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। गौरतलब है कि बिहार में नदियों पर नाव हादसों का यह कोई पहला मामला नहीं है — गंगा, गंडक और कोसी जैसी नदियों पर नाव दुर्घटनाएँ अक्सर जानलेवा साबित होती रही हैं, विशेषकर मानसून और उसके बाद के महीनों में।
अभी भी कुछ बच्चों का पता नहीं चला है और खोज अभियान जारी रहने से मृतकों की संख्या में बदलाव संभव है।