वैशाली नाव हादसा: गंगा में डूबे 13 बच्चे, PM मोदी ने जताया शोक, ₹2 लाख मुआवज़े का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में मंगलवार देर शाम गंगा नदी में नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 15 से 20 बच्चे एक छोटी नाव से किसी भोज में शामिल होने जा रहे थे, जब नाव असंतुलित होकर पलट गई और सभी बच्चे गंगा की धारा में बह गए। स्थानीय प्रशासन और लोगों के बचाव अभियान के बाद अब तक 13 शव बरामद किए जा चुके हैं।
हादसे का पूरा घटनाक्रम
राघोपुर थाना क्षेत्र में हुई इस दुखद घटना में बच्चे एक छोटी नाव पर सवार होकर भोज की ओर जा रहे थे। नाव पर क्षमता से अधिक बच्चे सवार होने के कारण वह असंतुलित हो गई और पलट गई। आसपास के ग्रामीणों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया, जिसे बाद में प्रशासनिक दलों ने आगे बढ़ाया। हादसे में जिन बच्चों के शव बरामद हुए, उनकी पहचान मीरा कुमारी, निशु कुमारी, अनिशा कुमारी, सुनीता कुमारी, आर्यन कुमार, मोहन कुमार, अमृता कुमारी, अंकिता कुमारी, पिंकी कुमारी, नमन कुमार, सिकी कुमारी, भोनू कुमारी और सोनम कुमारी के रूप में हुई है।
PM मोदी की प्रतिक्रिया और आर्थिक सहायता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वैशाली में नाव पलटने की घटना में लोगों की मौत बेहद दुखद और पीड़ादायक है और शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने बताया कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के परिजन को ₹2 लाख की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। मोदी ने यह भी कहा कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद में जुटा हुआ है।
बिहार सरकार की राहत और मुख्यमंत्री के निर्देश
इससे पहले बिहार सरकार ने भी प्रत्येक मृतक के परिजन को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रशासनिक अधिकारियों को राहत और बचाव अभियान में तेज़ी लाने तथा घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब बिहार में नदियों में नाव संचालन की सुरक्षा को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं।
शोक में डूबा इलाका, राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
हादसे के बाद राघोपुर और आसपास के गाँवों में मातम का माहौल है। मृत बच्चों के परिजन गहरे सदमे में हैं और स्वजनों को खोने का दर्द झेल रहे हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के साथ संवेदना जताई है। बचाव दल अभी भी नदी में तलाशी अभियान जारी रखे हुए है।
आगे क्या होगा
प्रशासन की ओर से बचाव अभियान निरंतर जारी है और घायलों का उपचार चल रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में नाव हादसों की एक लंबी श्रृंखला रही है, जो नदी परिवहन सुरक्षा नियमों के कड़े क्रियान्वयन की माँग को और अधिक प्रासंगिक बनाती है। केंद्र और राज्य, दोनों की ओर से घोषित मुआवज़ा राशि जल्द ही पीड़ित परिवारों तक पहुँचाई जाएगी।