राघोपुर नाव हादसा: 13 मासूमों की मौत पर मंत्री रामकृपाल यादव ने माँगी जाँच, ₹4 लाख मुआवज़े का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने वैशाली जिले के राघोपुर में गंगा नदी में नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। 14 अक्टूबर 2026 को पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने हादसे की निष्पक्ष जाँच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और प्रत्येक पीड़ित परिवार को ₹4-4 लाख के मुआवज़े की माँग की।
हादसे का घटनाक्रम
मंत्री यादव ने बताया कि राघोपुर इलाके के कुछ बच्चे एक दावत में शामिल होने जा रहे थे, जब गंगा नदी के बीच उनकी नाव अचानक डूब गई। उनके अनुसार, प्रारंभिक जानकारी से संकेत मिलता है कि नाव में पहले से ही छेद था, जो इस दर्दनाक हादसे का संभावित कारण हो सकता है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन शाम के बाद नावों के परिचालन की अनुमति नहीं देता, फिर भी नाव चलाई गई — जो नियमों का खुला उल्लंघन है। यादव ने प्रशासन से भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपील की।
सरकार की प्रतिक्रिया और मुआवज़े की माँग
मंत्री ने सरकार से आग्रह किया कि पीड़ित परिवारों को ₹4-4 लाख रुपये का मुआवज़ा दिया जाए और उन्हें हरसंभव सहायता पहुँचाई जाए। उन्होंने ज़ोर दिया कि हादसे के लिए जो भी जिम्मेदार पाया जाए, उसके खिलाफ बिना देर किए कड़ी कार्रवाई हो।
गौरतलब है कि राघोपुर विपक्ष के नेता का निर्वाचन क्षेत्र है। यादव ने अपील की कि विपक्ष के नेता, जो कथित तौर पर फिलहाल बाहर हैं, जल्द लौटकर प्रभावित परिवारों से मिलें और उनके प्रति संवेदना व्यक्त करें।
नियम उल्लंघन पर गंभीर सवाल
यह हादसा ऐसे समय में सामने आया है जब नदी परिवहन सुरक्षा को लेकर बिहार में पहले भी चिंताएँ जताई जाती रही हैं। रात या शाम के बाद नाव संचालन पर प्रतिबंध के बावजूद नियमों का पालन न होना प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
मंत्री यादव ने स्पष्ट किया कि इस बार जिम्मेदारी तय करने में कोई ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए और प्रशासन को नदी परिवहन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना होगा।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए यादव ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उसके पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है और वह संवैधानिक पदों पर विवाद खड़ा करके जनता का ध्यान भटका रहा है। उन्होंने कहा, 'कोई संवैधानिक पदाधिकारी अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले इस्तीफा क्यों देगा।'
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान का भी यादव ने समर्थन किया जिसमें शाह ने राहुल गांधी को भारतीय जनता पार्टी (BJP) की कार्यशैली से सीखने की सलाह दी थी।
आगे क्या होगा
हादसे की जाँच की माँग सामने आने के बाद अब सबकी नज़रें वैशाली जिला प्रशासन पर हैं कि वह कब और किस स्तर पर जाँच बैठाता है। पीड़ित परिवारों को मुआवज़े की घोषणा और दोषियों पर कार्रवाई की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है।