राघोपुर नाव हादसा: NDA नेताओं ने जताया शोक, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की माँग
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में गंगा नदी पार करते समय नाव पलटने से 13 लोगों की मौत के बाद पूरे राज्य में शोक का माहौल है। 14 अक्टूबर 2026 को हुई इस त्रासदी के बाद जनता दल (यूनाइटेड) (JDU), भारतीय जनता पार्टी (BJP) और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेताओं ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। बिहार सरकार ने मृतकों के परिजनों को मुआवजे का ऐलान करते हुए हादसे की जाँच के भी आदेश दिए हैं।
नेताओं की संवेदनाएँ और पीड़ितों से मिलने का वादा
JDU सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा, 'यह बहुत दुखद घटना है। मैंने सुना है कि यह घटना रात में हुई और शायद पानी का बहाव तेज हो गया था।' उन्होंने यह भी कहा कि वे कई बार उस इलाके में जा चुके हैं और वहाँ उनके कई मित्र व समर्थक हैं — इस खबर ने उन्हें गहरे दुख में डाल दिया।
जमुई से लोजपा (रामविलास) सांसद अरुण भारती ने बताया कि इस हादसे में एक ही परिवार के सात बच्चों समेत करीब 13 लोगों की जान गई — यही सबसे बड़ी पीड़ा है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान राघोपुर जाकर पीड़ित परिवारों से मिलेंगे और साथ ही नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (NMCH) में घायलों का हाल भी जानेंगे। भारती ने आश्वासन दिया, 'मुझे पूरी उम्मीद है कि हम लोग जो भी राहत, चाहे बिहार सरकार के माध्यम से हो, केंद्र सरकार के माध्यम से हो, उन परिवारों को अवश्य देंगे।'
सरकारी प्रतिक्रिया: SOP उल्लंघन पर सख्त रुख
बिहार सरकार के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने इस घटना को सरकार द्वारा जारी एसओपी (SOP) का स्पष्ट उल्लंघन बताया। उनके अनुसार, ग्रामीणों ने जर्जर हालत की नाव का इस्तेमाल रात के समय किया, जबकि 500 मीटर से भी कम दूरी पर पुल मौजूद था। उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री ने तुरंत प्रभावित परिवारों को सहायता राशि भिजवा दी है,' और साथ ही आम नागरिकों से अपील की कि भविष्य में ऐसी लापरवाही न दोहराई जाए।
जाँच और जवाबदेही की माँग
JDU के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए सवाल उठाया कि सरकार और प्रशासन ने नावों के पंजीकरण, आकार और समय सीमा को लेकर पूरी नियमावली बनाई थी और अधिकारियों को जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी — फिर भी यह हादसा हुआ। उन्होंने सरकार से हाई-लेवल बैठक बुलाकर पूरे मामले की समीक्षा करने की माँग की। रजक ने स्पष्ट कहा, 'जो लोग दोषी हैं, चाहे नाव चालक हो या जिम्मेदार अधिकारी, उन पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।'
BJP नेता मृत्युंजय तिवारी ने भी इस हादसे को अत्यंत हृदयविदारक बताया और कहा कि सरकार गंभीरता से जाँच कर रही है। उनके अनुसार, एक-एक पहलू की पड़ताल की जा रही है और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन पर कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
आम जनता पर असर और आगे की राह
यह हादसा ऐसे समय में आया है जब बिहार में नाव दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकारी दिशानिर्देश पहले से लागू हैं। गौरतलब है कि गंगा और उसकी सहायक नदियों पर नाव परिचालन संबंधी सुरक्षा मानकों की अनदेखी बिहार में बार-बार जानलेवा साबित होती रही है। श्याम रजक की माँग है कि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न हों, इसके लिए जितने भी कड़े कानून बनाने पड़ें, उनमें कोई कोताही न बरती जाए। अब सबकी निगाहें सरकार की उस उच्चस्तरीय समीक्षा और जाँच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाएंगे।