वैशाली नाव हादसा: चिराग पासवान ने नालंदा अस्पताल में पीड़ित बच्चों से की मुलाकात, दोषियों पर कार्रवाई की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने 14 अक्टूबर 2026 को नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुँचकर वैशाली नाव हादसे में बचाए गए बच्चों का हालचाल जाना और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने कैबिनेट की बैठक बीच में छोड़कर बिहार का दौरा किया, जो इस हादसे को लेकर केंद्र सरकार की गंभीरता का संकेत है।
हादसे का संक्षिप्त विवरण
वैशाली जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र की रामपुर श्यामचंद पंचायत में नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में गहरे शोक का माहौल है। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा लंबे समय से नाव की माँग किए जाने के बावजूद उसे उपलब्ध न कराए जाने की बात सामने आई है, जिससे प्रशासनिक लापरवाही के सवाल उठ रहे हैं।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब ग्रामीण बिहार में जर्जर नावों और असुरक्षित जलमार्गों की समस्या बार-बार चर्चा में आती रही है। गौरतलब है कि इस प्रकार के नाव हादसों में बच्चे सबसे अधिक प्रभावित होते हैं, क्योंकि वे स्कूल जाने के लिए इन्हीं जलमार्गों पर निर्भर होते हैं।
चिराग पासवान की प्रतिक्रिया और चेतावनी
मीडिया से बातचीत में चिराग पासवान ने बताया कि उन्हें मंगलवार देर रात इस घटना की सूचना मिली, जिसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री को भी इससे अवगत कराया। प्रधानमंत्री ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए संवेदना प्रकट की।
पासवान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि ग्रामीणों ने नाव की माँग की थी और प्रशासन की लापरवाही के कारण वह उपलब्ध नहीं कराई गई, तो यह गंभीर चूक है। उन्होंने कहा, 'जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।' हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि घटनास्थल पर पहुँचकर स्थिति का पूरा आकलन करने के बाद ही विस्तृत बयान देंगे।
मुआवजे और राहत का आश्वासन
पासवान ने जानकारी दी कि केंद्र सरकार और बिहार सरकार, दोनों की ओर से पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा की गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द मुआवजा और अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी, ताकि इस कठिन समय में उन्हें अतिरिक्त परेशानियों का सामना न करना पड़े।
जवाबदेही और भविष्य की रोकथाम
केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि पीड़ितों के साथ खड़े रहना और हरसंभव सहायता देना इस वक्त की प्राथमिकता है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए गंभीर और ठोस उपाय किए जाने की आवश्यकता है।
पूरे मामले की जाँच के बाद जिम्मेदारी तय करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने का संकेत देते हुए उन्होंने प्रशासनिक तंत्र को स्पष्ट संदेश दिया। आने वाले दिनों में घटनास्थल के दौरे और अधिकारियों से बातचीत के बाद जवाबदेही की प्रक्रिया और स्पष्ट होने की उम्मीद है।