वांग हुनिंग और किम जोंग-उन की तानतोंग यात्रा: चीन-उत्तर कोरिया मित्रता की 76वीं वर्षगांठ पर श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) के पोलित ब्यूरो की स्थायी समिति के सदस्य वांग हुनिंग ने 24 अक्टूबर 2026 को उत्तर कोरिया (डीपीआरके) के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन के साथ चीन के तानतोंग शहर की संयुक्त यात्रा की। इस दौरान वांग हुनिंग ने चीनी राष्ट्रपति एवं CCP के महासचिव शी चिनफिंग की ओर से किम को हार्दिक अभिवादन और शुभकामनाएं पहुंचाईं। यह यात्रा अमेरिकी आक्रमण का प्रतिरोध करने और कोरिया की सहायता के युद्ध में चीनी जन स्वयंसेवकों की भागीदारी की 76वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित की गई।
स्मारक पर श्रद्धांजलि
उस दिन सुबह वांग हुनिंग ने तानतोंग स्थित 'अमेरिकी आक्रमण के प्रतिरोध और कोरिया की सहायता के युद्ध के स्मारक हॉल' में किम जोंग-उन का अभिवादन किया। दोनों नेताओं ने साझा रूप से स्मारक टावर पर फूलों की टोकरी अर्पित की, जो उन चीनी जन स्वयंसेवकों (Chinese People's Volunteer Army) को समर्पित थी जिन्होंने कोरियाई युद्ध में अपने प्राण न्योछावर किए थे।
वांग हुनिंग का संदेश
दोनों पक्षों की बैठक में वांग हुनिंग ने कहा कि किम जोंग-उन की इस विशेष तानतोंग यात्रा से चीन-डीपीआरके के बीच 'रक्त से सजी मित्रता' के प्रति डीपीआरके की श्रमिक पार्टी और सरकार का गहरा सम्मान झलकता है। उन्होंने इसे दोनों देशों के बीच पारंपरिक मित्रता को सुदृढ़ करने, राजनीतिक विश्वास गहरा करने और सहयोगात्मक विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक संयुक्त प्रयास करार दिया।
वांग ने कहा कि चीन, डीपीआरके के साथ मिलकर दोनों देशों के शीर्ष नेताओं द्वारा हासिल की गई महत्वपूर्ण सहमति को दृढ़ता से लागू करने और समाजवाद के साझा उद्देश्य के आधार पर चीन-डीपीआरके संबंधों के आगे विकास को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
किम जोंग-उन का वक्तव्य
किम जोंग-उन ने वांग हुनिंग से अनुरोध किया कि वे राष्ट्रपति शी चिनफिंग तक उनका अभिवादन और शुभकामनाएं पहुंचाएं। किम ने कहा कि उन्होंने विशेष रूप से तानतोंग की यह यात्रा उन चीनी जन स्वयंसेवकों के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए की है जिन्होंने एक निर्णायक ऐतिहासिक मोड़ पर अपने जीवन और रक्त से डीपीआरके का समर्थन किया। उन्होंने इन शहीदों के प्रति डीपीआरके की 'हार्दिक कृतज्ञता और शाश्वत सम्मान' व्यक्त किया।
किम ने यह भी उल्लेख किया कि जून 2026 में शी चिनफिंग की डीपीआरके की ऐतिहासिक यात्रा ने द्विपक्षीय संबंधों के विकास में एक मील का पत्थर स्थापित किया। उन्होंने कहा कि डीपीआरके, चीन के साथ मिलकर ऐतिहासिक मित्रता को आगे बढ़ाने और व्यावहारिक सहयोग का विस्तार करने को तैयार है ताकि दोनों देशों के लोगों को ठोस लाभ मिल सके।
ऐतिहासिक संदर्भ और व्यापक महत्व
यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब चीन-डीपीआरके संबंध कूटनीतिक रूप से पुनः सक्रिय दिख रहे हैं। गौरतलब है कि जून 2026 में शी चिनफिंग की प्योंगयांग यात्रा के बाद यह द्विपक्षीय संपर्क का एक और महत्वपूर्ण अवसर है। विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम न केवल ऐतिहासिक स्मृतियों को ताज़ा करने का प्रयास है, बल्कि अमेरिकी भू-राजनीतिक दबाव के बीच चीन-उत्तर कोरिया धुरी को मज़बूत करने का संकेत भी है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच व्यावहारिक सहयोग के नए आयाम देखने को मिल सकते हैं।