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वांग हुनिंग की प्योंगयांग यात्रा: किम जोंग-उन से मुलाकात, 65 साल पुरानी चीन-डीपीआरके संधि का जश्न

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वांग हुनिंग की प्योंगयांग यात्रा: किम जोंग-उन से मुलाकात, 65 साल पुरानी चीन-डीपीआरके संधि का जश्न

सारांश

चीन के शीर्ष राजनीतिक सलाहकार वांग हुनिंग ने 15-17 जुलाई को प्योंगयांग की यात्रा की और किम जोंग-उन से मुलाकात की। यह दौरा चीन-डीपीआरके मैत्री संधि की 65वीं वर्षगांठ के अवसर पर हुआ, जो दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को नई गति देने का स्पष्ट संकेत है।

मुख्य बातें

सीपीपीसीसी अध्यक्ष वांग हुनिंग ने 15 से 17 जुलाई 2026 तक डीपीआरके की आधिकारिक मैत्रीपूर्ण यात्रा की।
प्योंगयांग में किम जोंग-उन से मुलाकात में दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई गई।
'चीन-डीपीआरके मैत्री, सहयोग और पारस्परिक सहायता संधि' पर हस्ताक्षर की 65वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में भव्य समारोह आयोजित किया गया।
किम जोंग-उन ने अर्थव्यवस्था, विज्ञान-प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य और संस्कृति क्षेत्रों में चीन के साथ सहयोग विस्तार की प्रतिबद्धता जताई।
वांग हुनिंग ने चीनी पीपुल्स वॉलंटियर आर्मी के शहीदों के कब्रिस्तान और ग्यूमसुसान सूर्य महल का भी दौरा किया।

चीनी जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन (सीपीपीसीसी) की राष्ट्रीय समिति के अध्यक्ष वांग हुनिंग ने 15 से 17 जुलाई 2026 तक डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया (डीपीआरके) की आधिकारिक मैत्रीपूर्ण यात्रा सम्पन्न की। डीपीआरके वर्कर्स पार्टी की केंद्रीय समिति और सरकार के निमंत्रण पर आए वांग हुनिंग ने एक उच्चस्तरीय चीनी पार्टी एवं सरकारी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। यह यात्रा 'चीन-डीपीआरके मैत्री, सहयोग और पारस्परिक सहायता संधि' पर हस्ताक्षर की 65वीं वर्षगांठ के अवसर पर हुई।

किम जोंग-उन से मुलाकात और मुख्य संदेश

प्योंगयांग में डीपीआरके वर्कर्स पार्टी के महासचिव किम जोंग-उन से मुलाकात के दौरान वांग हुनिंग ने कहा कि हाल ही में राष्ट्रपति शी चिनफिंग और किम जोंग-उन के बीच हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण सहमतियाँ बनीं, जिन्होंने नए युग में चीन-डीपीआरके संबंधों की दिशा तय की है। उन्होंने यह भी कहा कि चीन विभिन्न माध्यमों से दोनों देशों की पार्टियों के बीच संपर्क और संवाद को मजबूत करने, व्यावहारिक सहयोग को आगे बढ़ाने तथा पारंपरिक मित्रता की जन-आधार को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है।

किम जोंग-उन ने इस अवसर पर कहा कि यह संधि दोनों देशों के संबंधों की रणनीतिक प्रकृति को स्पष्ट करती है। उन्होंने शी चिनफिंग की डीपीआरके यात्रा को एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि डीपीआरके चीन के साथ संबंधों के विकास को अपना सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक कार्य मानता रहेगा।

65वीं वर्षगांठ समारोह और द्विपक्षीय प्रतिबद्धता

वांग हुनिंग ने प्रधानमंत्री पार्क ताए-सुंग के साथ संधि की 65वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित स्मारक समारोह में भाग लिया। यह समारोह इस बात का प्रतीक था कि दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व ने इस रिश्ते को किस उच्च प्राथमिकता पर रखा है। गौरतलब है कि इस वर्षगांठ को मनाने पर दोनों नेताओं के बीच जून 2026 में ही सहमति बन गई थी।

चो योंग वोन के साथ वार्ता

डीपीआरके वर्कर्स पार्टी की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो की स्थायी समिति के सदस्य तथा संगठन एवं मार्गदर्शन विभाग के निदेशक चो योंग वोन के साथ हुई वार्ता में वांग हुनिंग ने कहा कि दोनों देशों द्वारा उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेजकर इस वर्षगांठ को मनाना दोनों पार्टियों और देशों के शीर्ष नेताओं के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। चो योंग वोन ने कहा कि किम जोंग-उन और शी चिनफिंग के बीच गहरी मित्रता तथा रणनीतिक मार्गदर्शन ही डीपीआरके-चीन संबंधों की मजबूत नींव है। उन्होंने यह भी कहा कि डीपीआरके दोनों नेताओं की सहमति के अनुरूप चीन के साथ शासन संबंधी अनुभव साझा करता रहेगा।

यात्रा के अन्य महत्वपूर्ण पड़ाव

अपनी यात्रा के दौरान वांग हुनिंग ने चीन-डीपीआरके मैत्री टॉवर पर श्रद्धांजलि अर्पित की और प्योंगयांग के सुनन जिले में स्थित चीनी पीपुल्स वॉलंटियर आर्मी के शहीदों के कब्रिस्तान का दौरा किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने ग्यूमसुसान सूर्य महल और डीपीआरके वर्कर्स पार्टी के केंद्रीय कैडर स्कूल का भी भ्रमण किया।

आगे की राह

यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब पूर्वोत्तर एशिया में भू-राजनीतिक तनाव बना हुआ है और चीन-डीपीआरके संबंधों को नई ऊर्जा देने की कोशिश दोनों पक्षों की ओर से स्पष्ट दिख रही है। किम जोंग-उन द्वारा अर्थव्यवस्था, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में सहयोग विस्तार की प्रतिबद्धता जताना संकेत देता है कि दोनों देश आने वाले समय में व्यावहारिक सहयोग को और गहरा करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचकों का कहना है कि यह 'सहयोग' मुख्यतः चीन की क्षेत्रीय भू-राजनीतिक जरूरतों की पूर्ति करता है, न कि डीपीआरके की आम जनता के हितों की। अर्थव्यवस्था और विज्ञान में सहयोग के वादे पहले भी होते रहे हैं — असली परीक्षा यह होगी कि क्या इस बार ये वादे ठोस परिणामों में बदलते हैं।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वांग हुनिंग कौन हैं और वे डीपीआरके क्यों गए?
वांग हुनिंग चीनी जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन (सीपीपीसीसी) की राष्ट्रीय समिति के अध्यक्ष हैं और चीन की शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व में एक प्रमुख नाम हैं। वे 'चीन-डीपीआरके मैत्री, सहयोग और पारस्परिक सहायता संधि' की 65वीं वर्षगांठ के अवसर पर डीपीआरके वर्कर्स पार्टी और सरकार के निमंत्रण पर 15 से 17 जुलाई 2026 को प्योंगयांग गए।
चीन-डीपीआरके मैत्री संधि क्या है और इसका महत्व क्यों है?
'चीन-डीपीआरके मैत्री, सहयोग और पारस्परिक सहायता संधि' दोनों देशों के बीच एकमात्र औपचारिक रक्षा और सहयोग संधि है, जिस पर 65 वर्ष पहले हस्ताक्षर किए गए थे। यह संधि दोनों देशों के संबंधों की रणनीतिक प्रकृति को परिभाषित करती है और इसे दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों की आधारशिला बताया है।
किम जोंग-उन और वांग हुनिंग की बैठक में क्या तय हुआ?
बैठक में दोनों पक्षों ने पार्टी-स्तरीय संपर्क और संवाद को मजबूत करने, व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने तथा अर्थव्यवस्था, विज्ञान-प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य और संस्कृति क्षेत्रों में सहयोग विस्तार की प्रतिबद्धता जताई। किम जोंग-उन ने चीन के साथ संबंधों को डीपीआरके का सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक कार्य बताया।
इस यात्रा का क्षेत्रीय भू-राजनीति पर क्या असर हो सकता है?
यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब पूर्वोत्तर एशिया में तनाव बना हुआ है। चीन द्वारा उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेजना और डीपीआरके के साथ रणनीतिक साझेदारी को सार्वजनिक रूप से मजबूत करना यह संकेत देता है कि बीजिंग प्योंगयांग के साथ अपने संबंधों को और गहरा करने की दिशा में अग्रसर है।
वांग हुनिंग ने प्योंगयांग में और किन स्थानों का दौरा किया?
वांग हुनिंग ने चीन-डीपीआरके मैत्री टॉवर पर श्रद्धांजलि अर्पित की, प्योंगयांग के सुनन जिले में चीनी पीपुल्स वॉलंटियर आर्मी के शहीदों के कब्रिस्तान, ग्यूमसुसान सूर्य महल और डीपीआरके वर्कर्स पार्टी के केंद्रीय कैडर स्कूल का भ्रमण किया।
राष्ट्र प्रेस
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