25 अक्टूबर 2026
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किम जोंग उन का डांडोंग दौरा: चीन-उत्तर कोरिया संबंध मजबूत करने की प्रतिबद्धता, वांग हुनिंग से मुलाकात

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किम जोंग उन का डांडोंग दौरा: चीन-उत्तर कोरिया संबंध मजबूत करने की प्रतिबद्धता, वांग हुनिंग से मुलाकात

सारांश

किम जोंग उन का डांडोंग दौरा महज एक शिष्टाचार भेंट नहीं थी — नए यालू नदी पुल का पहली बार उपयोग, कोरियाई युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि, और बस कारखाने का निरीक्षण — तीनों मिलकर एक स्पष्ट संकेत देते हैं कि बीजिंग-प्योंगयांग धुरी को नई ऊर्जा दी जा रही है।

मुख्य बातें

किम जोंग उन ने 25 अक्टूबर 2026 को चीनी शहर डांडोंग का औचक एकदिवसीय दौरा किया।
उन्होंने चीन के वरिष्ठ नेता वांग हुनिंग से मुलाकात कर चीन-उत्तर कोरिया ऐतिहासिक संबंध मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।
किम के साथ विदेश मंत्री चो सोन हुई , बहन किम यो जोंग और वरिष्ठ नेता जो योंग वोन भी डांडोंग पहुँचे।
1950-1953 के कोरियाई युद्ध में शहीद चीनी सैनिकों के स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की; चीन इस वर्ष भागीदारी की 76वीं वर्षगांठ मना रहा है।
किम नए यालू नदी पुल से वापस लौटे, जिसे इसी माह परिचालन में लाया गया है; 2011 के बाद यह उनकी छठी चीन यात्रा है।

उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन ने 25 अक्टूबर 2026 को चीन के सीमावर्ती शहर डांडोंग का औचक एकदिवसीय दौरा किया और चीन के वरिष्ठ नेता वांग हुनिंग से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने की प्रतिबद्धता जताई। उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) ने रविवार को इस यात्रा की जानकारी दी।

यात्रा का विवरण और प्रतिनिधिमंडल

किम के साथ उत्तर कोरिया की सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी और सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी डांडोंग पहुँचे। इनमें विदेश मंत्री चो सोन हुई, किम की बहन किम यो जोंग, और पार्टी के वरिष्ठ नेता जो योंग वोन शामिल थे। चीन की ओर से विदेश मंत्री वांग यी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस मुलाकात में उपस्थित रहे।

वांग हुनिंग ने किम को राष्ट्रपति शी जिनपिंग की शुभकामनाएँ दीं और कहा कि यह यात्रा दोनों देशों की पारंपरिक मित्रता और आपसी सहयोग को बनाए रखने तथा आगे बढ़ाने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

कोरियाई युद्ध की 76वीं वर्षगांठ पर श्रद्धांजलि

दौरे के दौरान किम ने 1950-1953 के कोरियाई युद्ध में लड़ने वाले चीनी सैनिकों के स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। चीन इस वर्ष कोरियाई युद्ध में अपनी भागीदारी की 76वीं वर्षगांठ मना रहा है।

KCNA के अनुसार, किम ने कहा कि उत्तर कोरिया उन चीनी नागरिकों के योगदान को सदैव स्मरण रखेगा, जिन्होंने अपने रक्त की कीमत पर उत्तर कोरियाई क्रांति में सहयोग किया था। उन्होंने दोनों देशों के बीच 'खून से बनी मित्रता' को निरंतर आगे ले जाने का संकल्प दोहराया।

भोज और औद्योगिक दौरा

किम ने शी जिनपिंग के निर्देश पर वांग हुनिंग की ओर से आयोजित भोज में भी शिरकत की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने डांडोंग स्थित एक बस कारखाने का दौरा भी किया — जो यात्रा के आर्थिक एवं औद्योगिक पहलू को रेखांकित करता है।

नए यालू नदी पुल से वापसी

एकदिवसीय यात्रा पूर्ण करने के बाद किम नए अमनोक (यालू) नदी पुल से उत्तर कोरिया लौट गए। यह पुल उत्तर कोरिया के सीमावर्ती शहर सिनुइजू को डांडोंग से जोड़ता है। इसका निर्माण 2014 में पूर्ण हो गया था, लेकिन वर्षों की देरी के बाद इसी माह इसे परिचालन में लाया गया है। गौरतलब है कि इस पुल का उद्घाटन स्वयं एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय संकेत है।

यात्रा का भू-राजनीतिक संदर्भ

यह किम की सितंबर 2025 के बाद चीन की पहली ज्ञात यात्रा है। तब वे द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति की 80वीं वर्षगांठ के कार्यक्रमों में भाग लेने बीजिंग पहुँचे थे और शी जिनपिंग से मिले थे। 2011 में सत्ता संभालने के बाद यह उनकी चीन की छठी यात्रा है।

यह दौरा ऐसे समय में आया है जब उत्तर कोरिया के रूस के साथ घनिष्ठ होते संबंधों के मद्देनजर बीजिंग-प्योंगयांग धुरी की रणनीतिक अहमियत पुनः चर्चा में है। विश्लेषकों के अनुसार, डांडोंग जैसे सीमावर्ती शहर में उच्चस्तरीय बैठक और नए पुल से वापसी — दोनों मिलकर एक सुनियोजित राजनयिक संदेश देते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका समय और स्थान दोनों महत्वपूर्ण हैं — रूस के साथ उत्तर कोरिया की बढ़ती घनिष्ठता के बीच बीजिंग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि प्योंगयांग पर उसका प्रभाव कम न हो। नए यालू नदी पुल का पहली बार उपयोग केवल बुनियादी ढाँचे का मामला नहीं — यह एक भू-राजनीतिक संदेश है कि दोनों देशों के बीच भौतिक संपर्क को संस्थागत रूप दिया जा रहा है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है, वह यह है कि किम की चीन यात्राएँ अमूमन आंतरिक उत्तर कोरियाई राजनीति में भी एक संकेत होती हैं — बाहरी समर्थन का प्रदर्शन सत्ता को और ठोस बनाता है।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किम जोंग उन ने डांडोंग का दौरा क्यों किया?
किम जोंग उन ने चीन-उत्तर कोरिया के ऐतिहासिक संबंधों को मजबूत करने और कोरियाई युद्ध में चीनी भागीदारी की 76वीं वर्षगांठ के अवसर पर श्रद्धांजलि देने के लिए डांडोंग का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने चीन के वरिष्ठ नेता वांग हुनिंग से भी मुलाकात की।
किम जोंग उन की यह चीन की कौन सी यात्रा है?
2011 में सत्ता संभालने के बाद यह किम जोंग उन की चीन की छठी ज्ञात यात्रा है। इससे पहले वे सितंबर 2025 में द्वितीय विश्व युद्ध की 80वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में बीजिंग गए थे, जहाँ उन्होंने राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की थी।
नया यालू (अमनोक) नदी पुल क्या है और इसका क्या महत्व है?
नया यालू नदी पुल उत्तर कोरिया के सिनुइजू को चीन के डांडोंग से जोड़ता है। इसका निर्माण 2014 में पूरा हुआ था, लेकिन वर्षों की देरी के बाद अक्टूबर 2026 में इसे परिचालन में लाया गया है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते भौतिक संपर्क का प्रतीक है।
किम के साथ डांडोंग यात्रा में कौन-कौन शामिल थे?
किम जोंग उन के साथ विदेश मंत्री चो सोन हुई, उनकी बहन किम यो जोंग और पार्टी के वरिष्ठ नेता जो योंग वोन डांडोंग पहुँचे। चीन की ओर से विदेश मंत्री वांग यी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस मुलाकात में शामिल रहे।
इस यात्रा का भू-राजनीतिक महत्व क्या है?
यह दौरा ऐसे समय में हुआ जब उत्तर कोरिया के रूस के साथ संबंध गहरे होने की खबरें आ रही हैं। विश्लेषकों के अनुसार, बीजिंग इस यात्रा के जरिए प्योंगयांग पर अपना रणनीतिक प्रभाव बनाए रखना चाहता है। नए पुल का उद्घाटन और उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल दोनों मिलकर एक सुनियोजित राजनयिक संदेश देते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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