पलामू हत्याकांड: पत्नी ने ₹10 लाख की सुपारी देकर कराई पति पंकज उरांव की हत्या, सात गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के पलामू जिले के लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के एकता जंगल में 23 सितंबर 2026 को मिले एक युवक के शव की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। जांच में सामने आया कि इस हत्याकांड की मास्टरमाइंड मृतक की पत्नी अनिमा कुमारी थी, जिसने कथित प्रताड़ना और पति के अन्य महिलाओं से संबंधों से तंग आकर ₹10 लाख की सुपारी देकर उसकी हत्या करवाई। पलामू के पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने रविवार को प्रेस कॉन्फेंस में पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि अनिमा सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
मामले की पृष्ठभूमि
पाटन थाना क्षेत्र के बंजारी गांव निवासी बिरजू उरांव ने 19 सितंबर 2026 को अपने बेटे पंकज उरांव के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद 23 सितंबर को एकता जंगल से एक अज्ञात शव मिला, जिसकी पहचान बिरजू उरांव ने अपने बेटे पंकज के रूप में की। शव की शिनाख्त के बाद लेस्लीगंज थाने में कांड संख्या 137/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई।
हत्या की साजिश का खुलासा
पुलिस के अनुसार, तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सबसे पहले पंकज की पत्नी अनिमा कुमारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने बताया कि उसका पति कई लड़कियों से फोन पर बातचीत करता था, जिसे लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। अनिमा ने यह भी आरोप लगाया कि पति उसके साथ मारपीट करता था और फोन पर जान से मारने की धमकी देता था।
पुलिस का दावा है कि इसी कथित प्रताड़ना से परेशान होकर अनिमा ने पति की हत्या कराने की योजना बनाई। उसने अपने पिता को मिले NH मुआवजे की राशि में से ₹10 लाख हत्या की सुपारी के रूप में दिए, जिनमें से करीब ₹8 लाख तेतरी देवी नामक महिला के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए।
हत्या का तरीका
पुलिस के अनुसार, साजिश को अंजाम देने के लिए आरोपी रिंकी देवी ने कथित तौर पर एक अलग मोबाइल नंबर से खुद को 'काजल' बताकर पंकज से बातचीत शुरू की और उसे सतबरवा मिलने के लिए बुलाया। पुलिस का कहना है कि इसके बाद पंकज को एकता जंगल ले जाया गया, जहाँ आरोपियों ने कथित तौर पर दुपट्टे से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और शव जंगल में फेंक दिया।
गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी
पुलिस ने इस मामले में अनिमा कुमारी, पिंटू कुमार, तेतरी देवी, जितेंद्र उरांव, रिंकी देवी, रामजनम उरांव और दिलेश्वर सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से एक कार, मृतक का मोबाइल, पाँच अन्य मोबाइल फोन, ₹12,850 नकद, SBI की पासबुक और चेकबुक बरामद की गई हैं। सभी सात आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
आगे की कार्रवाई
पलामू पुलिस मामले में आगे की जांच जारी रखे हुए है और यह जाँच की जा रही है कि सुपारी राशि का शेष हिस्सा किन-किन लोगों तक पहुँचा। गौरतलब है कि यह मामला सुनियोजित षड्यंत्र और वित्तीय लेन-देन के ठोस साक्ष्यों पर आधारित है, जिससे आरोपियों के लिए कानूनी राहत पाना कठिन होगा।