13 अगस्त 2026
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आजम खान यूपी के गृह मंत्री बन सकते हैं — सपा सांसदों के बयान से संसद और सियासत गरमाई

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आजम खान यूपी के गृह मंत्री बन सकते हैं — सपा सांसदों के बयान से संसद और सियासत गरमाई

सारांश

शिवपाल सिंह यादव के एक कथित बयान ने यूपी की सियासत को नया मोड़ दे दिया है — आजम खान को सपा सरकार में गृह मंत्री बनाने की चर्चा ने संसद तक हलचल मचाई। सपा सांसदों ने इसे पार्टी नेतृत्व का विशेषाधिकार बताया, लेकिन बयान ने भविष्य की राजनीति के संकेत दे दिए हैं।

मुख्य बातें

सपा विधायक शिवपाल सिंह यादव के कथित बयान में कहा गया कि सपा सरकार बनने पर आजम खान को गृह मंत्री बनाया जा सकता है।
सपा सांसद जावेद अली खान ने कहा — अंतिम फैसला अखिलेश यादव और शिवपाल यादव का होगा।
सांसद अवधेश प्रसाद ने आजम खान का पार्टी में सम्मान रेखांकित किया; मंत्री पद का निर्णय मुख्यमंत्री के अधिकार क्षेत्र में बताया।
सपा ने जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान हज़ारों छात्रों के घायल होने का दावा किया; अखिलेश यादव की गिरफ्तारी का भी उल्लेख किया।
TMC सांसद सौगत रॉय ने पैलेट गन आदेश पर सरकार से जवाब माँगा; संसद संचालन की जिम्मेदारी सरकार पर डाली।

समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ सांसदों के ताज़ा बयानों ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई हलचल मचा दी है। सपा विधायक शिवपाल सिंह यादव के उस कथित बयान पर पार्टी के सांसदों ने खुलकर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बनती है तो वरिष्ठ नेता आजम खान को गृह मंत्री बनाया जा सकता है। इस बयान ने 13 अगस्त को संसद की राजनीति में भी तीखी प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया।

सपा सांसदों की प्रतिक्रिया

सपा सांसद जावेद अली खान ने आजम खान और शिवपाल सिंह यादव की मुलाकात को सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया करार दिया। उन्होंने कहा कि दोनों पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और उनका आपस में मिलना कोई असाधारण घटना नहीं है। आजम खान को गृह मंत्री बनाए जाने के सवाल पर जावेद अली खान ने कहा कि शिवपाल यादव पार्टी के प्रमुख नीति-निर्धारकों में शामिल हैं और वे तथा सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव जो भी फैसला उचित समझेंगे, लेने में सक्षम हैं।

जावेद अली खान ने यह भी संकेत दिया कि शिवपाल यादव स्वयं भी किसी अहम भूमिका में नज़र आ सकते हैं। उनके बयान से स्पष्ट है कि आजम खान की संभावित भूमिका को लेकर अंतिम निर्णय भविष्य की राजनीतिक परिस्थितियों और पार्टी नेतृत्व पर निर्भर करेगा।

आजम खान का पार्टी में कद

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने आजम खान के राजनीतिक कद और पार्टी में उनके सम्मान का उल्लेख करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी में उन्हें हमेशा उचित स्थान दिया गया है — मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व वाली सरकार से लेकर अखिलेश यादव की सरकार तक। उन्होंने कहा कि आजम खान को सरकारों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ मिलती रही हैं।

हालाँकि, मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने के सवाल पर अवधेश प्रसाद ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय मुख्यमंत्री के अधिकार क्षेत्र में आता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के दौरान आजम खान को राजनीतिक रूप से नुकसान पहुँचाने की कोशिश की गई, जबकि सपा ने उनके अधिकारों के लिए लगातार आवाज़ उठाई।

छात्र प्रदर्शन पर सरकार पर आरोप

सपा सांसदों ने छात्रों के प्रदर्शन और उनके विरुद्ध हुई कार्रवाई को लेकर भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। अवधेश प्रसाद ने दावा किया कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर फायरिंग, लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि देशभर से छात्र करीब एक महीने तक जंतर-मंतर पर निहत्थे होकर प्रदर्शन के लिए जुटे थे। उनके अनुसार, प्रदर्शन के दौरान हज़ारों छात्र घायल हुए और कई के हाथ-पैर टूट गए।

अवधेश प्रसाद ने कहा कि सपा ने छात्रों और युवाओं के अधिकारों के लिए सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष किया है। उन्होंने बताया कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को भी इस दौरान गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने कहा कि छात्र और युवा देश की संपत्ति हैं और उनके सम्मान की लड़ाई जारी रहेगी।

तृणमूल का संसद संचालन पर सवाल

तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद सौगत रॉय ने भी संसद की कार्यवाही को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सदन चलाने की जिम्मेदारी विपक्ष की नहीं, बल्कि सरकार की है और सरकार का काम विपक्ष को मनाकर चर्चा के लिए तैयार करना है।

सौगत रॉय ने गृह मंत्री अमित शाह के भाषण पर कहा कि विपक्ष लंबा भाषण नहीं सुनना चाहता था, बल्कि कुछ महत्वपूर्ण सवालों के स्पष्ट जवाब चाहता था — विशेष रूप से पैलेट गन से फायरिंग का आदेश किसने दिया, इस पर सरकार की ओर से कोई स्पष्ट उत्तर नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्याप्त बहुमत के बावजूद सरकार सदन को सुचारू रूप से चलाने में विफल रही।

आगे की राजनीति

यह विवाद ऐसे समय में उठा है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ धीरे-धीरे शुरू होने लगी हैं। गौरतलब है कि आजम खान का नाम मंत्री पद से जोड़ा जाना सपा के भीतर उनकी राजनीतिक वापसी का संकेत माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व की प्रतिक्रिया और अखिलेश यादव का रुख इस मामले में निर्णायक होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

परीक्षण-गुब्बारा है। आजम खान की कानूनी उलझनों के बीच उनका इस तरह राजनीतिक पुनर्वास भाजपा को ध्रुवीकरण का नया अवसर दे सकता है। सपा को यह तय करना होगा कि वह आजम खान को संपत्ति मानती है या दायित्व।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या आजम खान सच में यूपी के गृह मंत्री बन सकते हैं?
यह अभी केवल सपा विधायक शिवपाल सिंह यादव का कथित बयान है, कोई आधिकारिक घोषणा नहीं। सपा सांसदों ने इसे पार्टी नेतृत्व — अखिलेश यादव और शिवपाल यादव — का विशेषाधिकार बताया है और कहा है कि अंतिम फैसला राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
शिवपाल सिंह यादव ने आजम खान के बारे में क्या कहा था?
शिवपाल सिंह यादव के कथित बयान के अनुसार, यदि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो आजम खान को गृह मंत्री बनाया जा सकता है। यह बयान अभी 'कथित' की श्रेणी में है और पार्टी ने इसे आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं किया है।
सपा में आजम खान की क्या भूमिका रही है?
सपा सांसद अवधेश प्रसाद के अनुसार, आजम खान को मुलायम सिंह यादव से लेकर अखिलेश यादव तक की सरकारों में हमेशा सम्मान और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ मिली हैं। वे पार्टी के सबसे वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं।
संसद में सपा और TMC ने किन मुद्दों पर सरकार को घेरा?
सपा ने जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान फायरिंग, लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल का आरोप लगाया और हज़ारों छात्रों के घायल होने का दावा किया। TMC सांसद सौगत रॉय ने पैलेट गन से फायरिंग का आदेश किसने दिया, इस पर सरकार से स्पष्ट जवाब माँगा।
इस विवाद का यूपी की आगामी राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
आजम खान के नाम को गृह मंत्री पद से जोड़ना सपा की चुनावी तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है। अगले विधानसभा चुनावों से पहले यह बयान पार्टी के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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