2027 में सपा और 2029 में कांग्रेस का राजनीतिक भविष्य है अधर में: केशव प्रसाद मौर्य
सारांश
Key Takeaways
- महिलाओं के अधिकारों का मुद्दा राजनीतिक केंद्र में है।
- केशव प्रसाद मौर्य का बयान आगामी चुनावों में महत्वपूर्ण हो सकता है।
- इंडिया गठबंधन पर आरोप लगाते हुए मौर्य ने महिला आरक्षण की अनदेखी की बात कही।
लखनऊ, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। संसद में महिला आरक्षण बिल के अस्वीकृति पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और डीएमके पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि इन राजनीतिक दलों ने देश की आधी जनसंख्या, यानि महिलाओं के प्रति अत्याचार किया है।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि आज़ादी के 75 साल बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया। लेकिन इंडिया गठबंधन ने महिलाओं को उनके हक से वंचित रखा।
उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी लोग महिलाओं का विरोध करेंगे, उनका राजनीतिक भविष्य अंधकार में होगा। उनका राजनीतिक अस्तित्व समाप्त हो चुका है। समाजवादी पार्टी को इसका परिणाम 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मिलेगा जबकि कांग्रेस का सूपड़ा 2029 के लोकसभा चुनाव में साफ हो जाएगा।
मौर्य ने कहा कि जन आक्रोश मार्च तो केवल शुरुआत है। यह एक लंबी लड़ाई है। हम इसे हर बूथ और हर माता-बहन तक पहुंचाएंगे। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के काले कारनामों को जन-जन तक पहुंचाएंगे।
उन्होंने अखिलेश यादव पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे राहुल गांधी के चाल में फंस गए हैं। अखिलेश कभी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री नहीं बन पाएंगे, ठीक वैसे ही जैसे राहुल गांधी कभी प्रधानमंत्री नहीं बन पाएंगे। जो भी देश की आधी जनसंख्या के साथ टकराएगा, वह अपना राजनीतिक अस्तित्व खो देगा। 2027 में अखिलेश यादव का हिसाब होगा।
उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन महिलाओं के खिलाफ है और यह संदेश हम हर नागरिक तक पहुंचाएंगे। पश्चिम बंगाल के चुनाव में टीएमसी को सबक सिखाया जाएगा। उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव को और तमिलनाडु में डीएमके को महिलाएं सबक सिखाएंगी।
गौरतलब है कि यूपी भाजपा की ओर से जन आक्रोश रैली आयोजित की जाएगी जिसमें सीएम योगी आदित्यनाथ भी शामिल होंगे। इस रैली में बड़ी संख्या में महिलाएं भी हिस्सा लेंगी।
यूपी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने यह साबित कर दिया है कि उनके लिए महिला सशक्तीकरण केवल दिखावा है, जबकि हमारे लिए यह एक मिशन है। भाजपा सरकार नारी के नेतृत्व में विकास के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि विपक्ष अभी भी पितृसत्तात्मक और संकीर्ण मानसिकता से बाहर नहीं निकला है। हम अपनी मातृशक्ति के सम्मान और उनके हक के लिए संकल्पित हैं।