अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया: सपा में स्वामी प्रसाद मौर्य के लिए कोई जगह नहीं — अवधेश प्रसाद
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद ने 3 नवंबर 2026 को लखनऊ में पूर्व सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के हालिया बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने साफ़ शब्दों में कहा कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव स्वामी प्रसाद मौर्य को पूरी तरह परख चुके हैं और पार्टी में अब उनके लिए कोई स्थान नहीं है।
अवधेश प्रसाद का सीधा संदेश
अवधेश प्रसाद ने कहा, 'परखे हुए को परखा नहीं जाता। स्वामी प्रसाद मौर्य को समाजवादी पार्टी और हमारे नेता अखिलेश यादव ने पूरी तरह परख लिया है। उनकी बातों में कितनी उपयोगिता है और कितनी अनुपयोगिता, यह पार्टी अच्छी तरह समझ चुकी है।' उन्होंने जोड़ा कि अखिलेश यादव ने नपी-तुली बात कहते हुए स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी में स्वामी प्रसाद मौर्य का कोई स्थान नहीं है। यह ऐसे समय में आया है जब स्वामी प्रसाद मौर्य लगातार सपा नेतृत्व पर निशाना साध रहे हैं।
इंडी गठबंधन और अखिलेश की भूमिका पर विवाद
स्वामी प्रसाद मौर्य ने हाल ही में कहा था कि अखिलेश यादव इंडी गठबंधन का 'केवल एक हिस्सा हैं, पूरा गठबंधन नहीं।' इस बयान पर अवधेश प्रसाद ने पलटवार करते हुए कहा कि यह बात सिर्फ समाजवादी पार्टी ही नहीं, बल्कि पूरा देश जानता है कि अखिलेश यादव इंडी गठबंधन के प्रमुख नेताओं में से एक हैं। उनकी राजनीतिक हैसियत किसी से छिपी नहीं है।
मौर्य की 'न पिद्दी न पिद्दी का शोरबा' टिप्पणी पर नाराज़गी
अखिलेश यादव को लेकर स्वामी प्रसाद मौर्य की 'न पिद्दी न पिद्दी का शोरबा' वाली टिप्पणी पर भी अवधेश प्रसाद ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, 'स्वामी प्रसाद मौर्य हमारे साथ काम कर चुके हैं और नेतृत्व में भी रह चुके हैं — ऐसे में इस तरह की टिप्पणी उनकी छोटी मानसिकता को दर्शाती है।' गौरतलब है कि मौर्य एक समय सपा में वरिष्ठ पदों पर रह चुके हैं।
मौर्य की राजनीतिक मजबूरी पर आरोप
अवधेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि स्वामी प्रसाद मौर्य इंडी गठबंधन में शामिल नहीं हो पा रहे हैं और इसीलिए अपनी राजनीतिक उपस्थिति दर्ज कराने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब स्वामी प्रसाद मौर्य को कोई पूछ नहीं रहा और साथ काम कर चुके लोगों के बारे में इस तरह की बयानबाज़ी करना उचित नहीं है।
एसआईआर और मतदाता सूची पर सपा का रुख
इसी संवाददाता सम्मेलन में अवधेश प्रसाद ने एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी लगातार लोगों को जागरूक कर रही है और अखिलेश यादव सहित अन्य नेता सबूतों के साथ मतदाता सूची से नाम कटने का विवरण सामने रख रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग (ECI) पर निशाना साधते हुए कहा कि इसके बावजूद कोई सार्थक कदम नहीं उठाया जा रहा है और आयोग को इस मुद्दे पर गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए। उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावी तैयारियों के मद्देनज़र मतदाता सूची का यह विवाद सपा के लिए एक महत्वपूर्ण चुनावी मुद्दा बनता दिख रहा है।