30 सितंबर 2026
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केशव मौर्य के 'सांपनाथ-नागनाथ' बयान पर सपा सांसद अवधेश प्रसाद का पलटवार, बोले — 'योगी और केशव दोनों घबराए हुए हैं'

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केशव मौर्य के 'सांपनाथ-नागनाथ' बयान पर सपा सांसद अवधेश प्रसाद का पलटवार, बोले — 'योगी और केशव दोनों घबराए हुए हैं'

सारांश

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने अयोध्या में केशव मौर्य के 'सांपनाथ-नागनाथ' बयान पर पलटवार करते हुए कहा — योगी और केशव दोनों 2027 चुनाव से घबराए हुए हैं। साथ ही चुनाव आयोग, 'इंडिया' गठबंधन और महंगाई पर भी BJP सरकार को घेरा।

मुख्य बातें

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने 30 सितंबर 2026 को अयोध्या में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के 'सांपनाथ-नागनाथ' बयान पर तीखा पलटवार किया।
प्रसाद ने कहा कि केशव मौर्य अपने क्षेत्र में विधानसभा चुनाव नहीं जीत सके और उनकी अपनी राजनीतिक जमीन नहीं है।
सपा सांसद का दावा — 2027 यूपी चुनाव में अखिलेश यादव के नेतृत्व में पीडीए की सरकार बनेगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर खड़गे के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि सपा यह बात पहले से कहती आई है।
'इंडिया' गठबंधन की बैठक को सार्थक बताते हुए महंगाई, किसान और लोकतंत्र के मुद्दे उठाए।

समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने 30 सितंबर 2026 को अयोध्या में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के उस बयान पर तीखा पलटवार किया, जिसमें मौर्य ने समाजवादी पार्टी (सपा) को 'सांपनाथ', बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को 'नागनाथ' और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) को 'कालिया नाग' करार दिया था। अवधेश प्रसाद ने कहा कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की आहट से उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोनों घबराए हुए हैं।

अवधेश प्रसाद का सीधा हमला

सपा सांसद ने कहा, 'केशव मौर्य की क्या हैसियत है। ये अपने क्षेत्र में विधानसभा चुनाव तक नहीं जीत पाए। नेताओं की कृपा से वो उपमुख्यमंत्री बने। उनकी अपनी कोई राजनीतिक जमीन नहीं है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि आने वाले चुनाव को लेकर केशव मौर्य से भी अधिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ घबराए हुए हैं।

गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर भी केशव प्रसाद मौर्य और योगी आदित्यनाथ के बीच समय-समय पर खींचतान की चर्चाएँ सामने आती रही हैं। ऐसे में सपा सांसद का यह बयान विपक्ष की उस रणनीति का हिस्सा माना जा सकता है जो सत्तारूढ़ दल में अंतर्विरोध को उजागर करने की कोशिश करती है।

2027 चुनाव पर सपा का दावा

अवधेश प्रसाद ने कहा, 'लोग भ्रमित नहीं हैं, बल्कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार से वे परेशान हैं। लोगों ने भाजपा और मुख्यमंत्री योगी को हटाने का निश्चय कर लिया है।' उन्होंने दावा किया कि राज्य में अखिलेश यादव के नेतृत्व में पीडीए (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) की सरकार बनाने का संकल्प जनता ने कर लिया है।

यह ऐसे समय में आया है जब 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य में राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज़ होती जा रही हैं और सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी जमीन मजबूत करने में जुटे हैं।

'इंडिया' गठबंधन की बैठक पर रुख

सपा सांसद ने 'इंडिया' गठबंधन की बैठक को भी अहम बताया। उन्होंने कहा, 'यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब देश की हालत बहुत खराब है। हमारे देश की आर्थिक और विदेश नीतियाँ अमेरिका के असर में आ गई हैं। नतीजतन, महंगाई बढ़ी है और किसान व मजदूर परेशान हैं।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि युवाओं पर गोलियाँ चलाई जा रही हैं और उन पर लाठीचार्ज हो रहा है।

चुनाव आयोग पर निशाना

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 'कठपुतली' कहे जाने पर अवधेश प्रसाद ने कहा, 'खड़गे जी आज यह बात कह रहे हैं। हमारे नेता अखिलेश जी ने बहुत पहले ही कह दिया था कि चुनाव आयोग मर चुका है और उसके लिए कफन भी भेजा था।' उन्होंने इसे सपा की पुरानी और सतत स्थिति बताया।

अवधेश प्रसाद ने लोकतंत्र की रक्षा का आह्वान करते हुए कहा कि बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर ने दलितों, पिछड़े समुदायों, वंचितों और अल्पसंख्यकों को जो मताधिकार दिया था, भाजपा उसे छीनना चाहती है। आलोचकों का कहना है कि 2027 के चुनाव से पहले यूपी का राजनीतिक परिदृश्य और अधिक गर्म होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह यह है कि पीडीए की रणनीति कितनी ज़मीनी हकीकत पर टिकी है — 2022 के नतीजों में सपा दूसरे स्थान पर रही थी, लेकिन उसका वोट प्रतिशत उल्लेखनीय था। असली परीक्षा यह होगी कि क्या 'इंडिया' गठबंधन यूपी में एकजुट सीट-बँटवारे पर सहमत हो पाता है, या फिर 2022 की तरह विखराव दोहराया जाएगा।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केशव प्रसाद मौर्य ने सपा को 'सांपनाथ' क्यों कहा?
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सपा को 'सांपनाथ', बसपा को 'नागनाथ' और कांग्रेस को 'कालिया नाग' बताते हुए विपक्षी दलों पर निशाना साधा था। यह बयान 2027 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक तीखापन बढ़ने की पृष्ठभूमि में आया।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने केशव मौर्य पर क्या आरोप लगाए?
अवधेश प्रसाद ने कहा कि केशव मौर्य अपने विधानसभा क्षेत्र में भी चुनाव नहीं जीत सके और नेताओं की कृपा से उपमुख्यमंत्री बने। उन्होंने कहा कि 2027 के चुनाव से मौर्य और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोनों घबराए हुए हैं।
2027 यूपी चुनाव में सपा की रणनीति क्या है?
सपा सांसद अवधेश प्रसाद के अनुसार, उनकी पार्टी अखिलेश यादव के नेतृत्व में पीडीए — पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक — के गठजोड़ के आधार पर सरकार बनाने का लक्ष्य रखती है। प्रसाद ने दावा किया कि जनता ने भाजपा सरकार हटाने का निश्चय कर लिया है।
अवधेश प्रसाद ने चुनाव आयोग पर क्या कहा?
मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 'कठपुतली' कहे जाने पर प्रसाद ने कहा कि सपा और अखिलेश यादव पहले से यही रुख रखते आए हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश जी ने बहुत पहले ही चुनाव आयोग को लेकर अपना स्पष्ट मत जाहिर किया था।
'इंडिया' गठबंधन की बैठक पर सपा सांसद का क्या मत है?
अवधेश प्रसाद ने 'इंडिया' गठबंधन की बैठक को बेहद अहम बताया और कहा कि यह ऐसे समय में हो रही है जब महंगाई बढ़ी है, किसान और मजदूर परेशान हैं और देश की आर्थिक-विदेश नीतियाँ बाहरी प्रभाव में हैं। उन्होंने इस बैठक को लोकतंत्र की रक्षा के लिए सार्थक कदम बताया।
राष्ट्र प्रेस
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