यूपी में सपा 2047 तक जनता का भरोसा नहीं जीत पाएगी: केशव प्रसाद मौर्य का अयोध्या में हमला
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 21 अक्टूबर 2026 को अयोध्या में मीडिया से बातचीत के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला और दावा किया कि सपा वर्ष 2047 तक उत्तर प्रदेश की जनता का भरोसा नहीं जीत पाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) लगातार तीसरी बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी।
मुख्य आरोप और बयान
मौर्य ने कहा कि जिस प्रकार दिल्ली, हरियाणा, बिहार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और असम में BJP को सफलता मिली है, उसी प्रकार उत्तर प्रदेश में भी 'कमल खिलेगा।' उन्होंने दावा किया कि देश में कांग्रेस और राहुल गांधी की सत्ता में वापसी नहीं होगी, और उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी व अखिलेश यादव भी सत्ता में आने की स्थिति में नहीं हैं।
अखिलेश यादव के एक बयान पर पलटवार करते हुए मौर्य ने कहा, 'डॉ. राम मनोहर लोहिया और जयप्रकाश नारायण ने समाजवाद के सच्चे आदर्शों को कायम रखा था। जो लोग गुंडों को संरक्षण देते हैं, वे समाजवादी नहीं हो सकते।' उन्होंने सपा पर भगवान राम के भक्तों पर गोली चलवाने और भगवान शिव के भक्तों पर लाठीचार्ज करवाने का आरोप भी लगाया।
सपा पर 'नकली समाजवाद' का आरोप
उपमुख्यमंत्री मौर्य ने आरोप लगाया कि दंगाइयों को बचाने वाले लोग 'समाजवादी, राष्ट्रवादी या हिंदू राष्ट्रवादी होने का दावा नहीं कर सकते।' उन्होंने कहा कि सपा नकली समाजवाद का चोला पहनकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने अखिलेश यादव से अपील की कि वे 'अयोध्या की जनता को भ्रमित करने की कोशिश न करें, क्योंकि इसमें उन्हें सफलता नहीं मिलेगी।'
विधान परिषद चुनाव पर BJP का दावा
मौर्य ने कहा कि 23 अक्टूबर 2026 को विधान परिषद की 11 सीटों के लिए होने वाले मतदान में BJP सभी सीटें जीतेगी और सपा का 'सफाया हो जाएगा।' उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में अयोध्या सीट पर सपा की जीत का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे पार्टी में जो 'अहंकार' आया है, वह जल्द टूट जाएगा।
अयोध्या आने का कारण
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वे BJP के राष्ट्रीय महासचिव हरीश द्विवेदी की माताजी के निधन पर शोकसभा में शामिल होने और श्रद्धांजलि अर्पित करने अयोध्या आए थे। उन्होंने कहा, 'अयोध्या धाम आना सौभाग्य की बात है।'
राजनीतिक परिप्रेक्ष्य
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं और दोनों प्रमुख दल अपनी-अपनी जमीन मजबूत करने में लगे हैं। गौरतलब है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में अयोध्या (फैजाबाद) सीट पर सपा की जीत BJP के लिए एक बड़ा झटका थी, जिसे पार्टी के नेता अब मुद्दा बना रहे हैं। मौर्य के बयान BJP की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा प्रतीत होते हैं, जिसमें विपक्ष को धार्मिक और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर घेरने की कोशिश की जा रही है।