29 सितंबर 2026
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2027 UP चुनाव: केशव प्रसाद मौर्य बोले — विपक्ष साथ लड़े या अलग, भाजपा सरकार तय

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2027 UP चुनाव: केशव प्रसाद मौर्य बोले — विपक्ष साथ लड़े या अलग, भाजपा सरकार तय

सारांश

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लखनऊ में दो टूक कहा — सपा, बसपा और कांग्रेस साथ लड़ें या अलग, 2027 में भाजपा की सरकार बनना तय है। राज्यसभा में नौवें उम्मीदवार का संकेत देकर उन्होंने विपक्ष को सीधी चुनौती दी।

मुख्य बातें

केशव प्रसाद मौर्य ने 29 सितंबर को लखनऊ में कहा कि विपक्ष साथ लड़े या अलग, 2027 में भाजपा की सरकार बनेगी।
उन्होंने 2014 लोकसभा में 80 में से 73 सीटें और 2017 विधानसभा में 325 सीटें जीतने का हवाला दिया।
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर 16 अक्टूबर को मतदान; भाजपा 8 प्रत्याशी उतारने की तैयारी में।
सपा के तीसरे प्रत्याशी के जवाब में भाजपा नौवाँ उम्मीदवार उतार सकती है।
मौर्य ने श्रीकृष्ण और विश्वनाथ से जुड़े मुद्दों को भाजपा के अधूरे एजेंडे का हिस्सा बताया।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 29 सितंबर को लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में विपक्षी दल चाहे एकजुट होकर मैदान में उतरें या अलग-अलग, भारतीय जनता पार्टी (BJP) उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने की स्थिति में है। उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की किसी भी संभावित गठबंधन रणनीति को सिरे से खारिज किया।

विपक्षी एकता पर मौर्य का सीधा प्रहार

मौर्य ने कहा, सपा, बसपा और कांग्रेस भाजपा की विरोधी पार्टियाँ हैं और इन दलों की आपसी बैठकों या निर्णयों से भाजपा को कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों का रुख 'राजनीतिक सुविधा' के अनुसार बदलता रहता है — जब उन्हें जीत मिलती है तो चुनावी व्यवस्था सही दिखती है, और जब भाजपा या राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) जीतता है तो उसी व्यवस्था पर सवाल उठाए जाते हैं।

उन्होंने विपक्ष की इस प्रवृत्ति पर तंज कसते हुए कहा कि 'मीठा-मीठा गप-गप और तीखा-तीखा थू-थू' वाली राजनीति अब नहीं चलेगी। चुनाव परिणामों की सुविधानुसार व्याख्या करना उचित नहीं है।

ऐतिहासिक जनादेश का हवाला

मौर्य ने अपने दावे को पुष्ट करने के लिए पिछले चुनावी आँकड़े गिनाए। उन्होंने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में, जब अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, भाजपा गठबंधन ने राज्य की 80 में से 73 सीटें जीती थीं। इसी तरह 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा गठबंधन को 325 सीटें मिली थीं, जबकि सपा मात्र 47 सीटों पर सिमट गई थी।

गौरतलब है कि उन्होंने 2004 और 2009 में कांग्रेस के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनने तथा 2012 में उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बनने का भी उल्लेख किया — यह रेखांकित करने के लिए कि भाजपा ने उन प्रतिकूल परिस्थितियों से उबरकर बड़े जनादेश हासिल किए।

राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा की तैयारी

मौर्य ने उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए प्रस्तावित 16 अक्टूबर के मतदान पर भी बात की। उन्होंने संकेत दिया कि भाजपा की ओर से आठ प्रत्याशी मैदान में उतर सकते हैं। यदि सपा अपना तीसरा प्रत्याशी उतारती है, तो भाजपा भी नौवाँ उम्मीदवार खड़ा कर सकती है। यह बयान राज्यसभा की सीटों पर सीधे मुकाबले की ओर इशारा करता है।

धार्मिक-सांस्कृतिक एजेंडे पर मौर्य का संकल्प

मौर्य ने अयोध्या में श्रीरामलला के भव्य मंदिर निर्माण को भाजपा की उपलब्धि बताते हुए कहा कि वह 'राम, कृष्ण, विश्वनाथ तीनों देव हमारे साथ' के संकल्प के साथ आंदोलन से जुड़े रहे हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि भगवान श्रीकृष्ण और भगवान विश्वनाथ से जुड़े विषय अभी शेष हैं — जो भाजपा के आगामी सांस्कृतिक-राजनीतिक एजेंडे का संकेत देता है।

यह ऐसे समय में आया है जब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सभी दलों में रणनीतिक हलचल तेज़ हो गई है। तेलंगाना के संदर्भ में कांग्रेस नेताओं के बयानों पर मौर्य ने कहा कि इससे भाजपा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता और पार्टी का संगठन देशभर में जनसेवा के संकल्प के साथ काम कर रहा है।

आने वाले महीनों में राज्यसभा चुनाव के नतीजे और विपक्षी दलों की गठबंधन वार्ता ही तय करेगी कि 2027 की राजनीतिक तस्वीर किस दिशा में आकार लेती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि विपक्षी गठबंधन वार्ता को मनोवैज्ञानिक रूप से कमज़ोर करने की सुनियोजित कोशिश भी है। भाजपा के लिए असली चुनौती यह नहीं कि विपक्ष साथ आए या नहीं — बल्कि यह है कि 2022 के बाद से उत्तर प्रदेश में बेरोज़गारी, महँगाई और जातीय समीकरणों को लेकर ज़मीनी असंतोष किस हद तक संगठित हो सकता है। राज्यसभा में नौवें उम्मीदवार का संकेत दर्शाता है कि भाजपा संख्याबल के मामले में अभी भी आक्रामक स्थिति में है, लेकिन 2027 की वास्तविक परीक्षा बूथ-स्तर की ज़मीन पर होगी, न कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केशव प्रसाद मौर्य ने 2027 UP चुनाव को लेकर क्या कहा?
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 29 सितंबर को लखनऊ में कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस चाहे एकजुट होकर लड़ें या अलग-अलग, 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की सरकार बनेगी। उन्होंने विपक्षी एकता की किसी भी रणनीति को अप्रभावी बताया।
उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव 2024 में भाजपा कितने उम्मीदवार उतारेगी?
मौर्य के अनुसार भाजपा उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए आठ प्रत्याशी उतार सकती है। यदि सपा तीसरा प्रत्याशी मैदान में लाती है, तो भाजपा नौवाँ उम्मीदवार भी उतार सकती है। इन सीटों पर 16 अक्टूबर को मतदान प्रस्तावित है।
मौर्य ने चुनाव आयोग पर विपक्ष के सवालों का क्या जवाब दिया?
मौर्य ने कहा कि विपक्षी दल राजनीतिक सुविधा के अनुसार चुनावी व्यवस्था की व्याख्या बदलते रहते हैं — जब जीत मिलती है तो व्यवस्था सही लगती है, और जब भाजपा या NDA जीतता है तो उसी व्यवस्था पर सवाल उठाए जाते हैं। उन्होंने इसे 'मीठा-मीठा गप-गप' वाली राजनीति करार दिया।
भाजपा ने 2017 UP विधानसभा और 2014 लोकसभा में कितनी सीटें जीती थीं?
2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा गठबंधन ने उत्तर प्रदेश की 80 में से 73 सीटें जीती थीं, जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे। 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा गठबंधन को 325 सीटें मिली थीं, जबकि सपा 47 सीटों पर सिमट गई थी।
मौर्य ने श्रीकृष्ण और विश्वनाथ से जुड़े मुद्दों पर क्या कहा?
मौर्य ने कहा कि अयोध्या में श्रीरामलला का भव्य मंदिर बन चुका है, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण और भगवान विश्वनाथ से जुड़े विषय अभी शेष हैं। उन्होंने 'राम, कृष्ण, विश्वनाथ तीनों देव हमारे साथ' के संकल्प का उल्लेख करते हुए इसे अपने राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बताया।
राष्ट्र प्रेस
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